तरावड़ी में 5 सितंबर से होगी श्रीमद्भागवत कथा, अनिल गुप्ता बोले- देश के प्रमुख तीर्थों तक पहुंच रही शहर की आस्था

धर्म और सेवा की ऐसी धरती है तरावड़ी, जहां से देश के कोने-कोने तक पहुंच रही आस्था की गूंज है। शहर के उद्योगपतियों ने देश के प्रमुख तीर्थों तक पहुंचाया आस्था का संदेश है। 5 सितंबर से तरावड़ी में श्रीमद्भागवत कथा करेंगे विश्व विख्यात अनिरुद्ध आचार्य जी महाराज। चावलों की नगरी के नाम से विश्वभर में अपनी अलग पहचान रखने वाला तरावड़ी अब अपनी धार्मिक और सनातन संस्कृति की सुगंध के लिए भी पहचान बना रहा है।
तरावड़ी की सीमाओं से बाहर पहुंची आस्था
शहर के समाजसेवियों और उद्योगपतियों की धर्म के प्रति आस्था का विस्तार तरावड़ी की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है। यह आस्था हरिद्वार, बद्रीनाथ, वृंदावन, द्वारिकाधीश और रामेश्वरम जैसे पवित्र तीर्थों तक पहुंच चुकी है। ज्योति इंटरप्राइजेज के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल गुप्ता ने कहा कि गलैक्सी बासमती राइस तथा शिव शक्ति इंटर ग्लोब एक्सपोर्ट प्रा. लि., तरावड़ी की ओर से भी सेवा और धार्मिक आयोजनों में हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाती रही है। हरियाणा से लेकर उत्तराखंड, गुजरात और उत्तरप्रदेश तक तरावड़ी के उद्योगपतियों की ओर से धार्मिक कथाओं एवं बड़े आयोजनों का सिलसिला जारी है।
5 सितंबर से सजेगी श्रीमद्भागवत कथा
उद्योगपति अनिल गुप्ता ने बताया कि शिव शक्ति इंटर ग्लोब एक्सपोर्ट प्रा.लि. तरावड़ी की ओर से समाजसेवी रमेश गुप्ता द्वारा आयोजित धार्मिक समारोह में देश के सुप्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य जी महाराज 5 सितंबर से श्रीमद्भागवत कथा का रसपान करवाएंगे। यह आयोजन इसलिए भी खास है क्योंकि शिव शक्ति इंटर ग्लोब एक्सपोर्ट प्रा.लि. तरावड़ी की ओर से तरावड़ी में श्रीमद्भागवत कथा का यह चौथा आयोजन है। उन्होने बताया कि इससे पहले श्रीराम राईस ग्रुप द्वारा वृंदावन धाम, गर्ग फाईन फूड द्वारा पवित्र श्री बद्रीनाथ धाम, गलैक्सी बासमती राइस द्वारा गुजरात के द्वारकाधीश के अलावा कई उद्योगपत्तियों द्वारा उत्तराखंड के हरिद्वार में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन करवाया गया।
तरावड़ी में 26 वर्ष पहले शुरू हुआ था भागवत कथा का सफर
तरावड़ी में आज श्रीमद्भागवत कथा के बड़े आयोजन सहज दिखाई देते हैं, लेकिन इसके पीछे करीब 26 वर्षों की धार्मिक तपस्या और समर्पण की कहानी है। गोयल इंटरनैशनल प्रा.लि. के सी.एम.डी. विनोद गोयल ने लगभग 26 वर्ष पहले अपनी राइस मिल में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन करवाकर तरावड़ीवासियों को भागवत रस का पान कराया था। इसके बाद गोयल परिवार की धार्मिक यात्रा लगातार आगे बढ़ती रही और अनेक बड़े धार्मिक आयोजन करवाए गए। वर्ष 2003 में जानकी दास राइस मिल में पहली बार उन्हें आमंत्रित कर श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन करवाया गया था। वहीं स्वर्गीय लाला साधुराम सिंगला ने भी वर्ष 2012 में श्रीराम राइस यूनिट में भव्य श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन करवाया था।