तरावड़ी में श्रीमद्भागवत कथा का पांचवां दिन, श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं ने मोहा श्रद्धालुओं का मन

तरावड़ी में श्रीमद्भागवत कथा का पांचवां दिन, श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं ने मोहा श्रद्धालुओं का मन

तरावड़ी की पावन धरती पर श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। कथा के पांचवें दिवस कथा पंडाल में भक्ति और अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं के प्रसंगों ने सभी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया और उन्हें भाव-विभोर कर दिया।

यह आयोजन शिव शक्ति इंटर ग्लोब एक्सपोर्ट प्रा. लि. तरावड़ी की ओर से किया जा रहा है। पूज्य श्री अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन केवल चमत्कारों की कथा नहीं है, बल्कि यह प्रेम, करुणा, मित्रता, संस्कार और धर्म का जीवंत संदेश देता है।

श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और आत्मीय संबंधों का वर्णन

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महाराज जी ने कथा के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने गोकुल की लीलाओं और ब्रजवासियों के साथ श्रीकृष्ण के आत्मीय संबंधों का बहुत ही मनमोहक चित्रण किया। जैसे-जैसे कथा आगे बढ़ती गई, वैसे-वैसे सभी श्रद्धालु पूरी तरह से भक्ति में डूबते चले गए।

कथा पंडाल में बार-बार भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने भजनों पर झूमकर अपनी गहरी श्रद्धा और विश्वास प्रकट किया।

सरल और सहज स्वभाव का संदेश

अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की सबसे बड़ी विशेषता उनका सरल और सहज स्वभाव है। वे हमें यह सिखाते हैं कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिन परिस्थितियां आएं, मनुष्य को प्रेम, विश्वास और धर्म का मार्ग कभी नहीं छोड़ना चाहिए।

उन्होंने आज के दौर में परिवारों के भीतर बढ़ती दूरियों और तनाव को एक गंभीर चिंता का विषय बताया। यदि हम भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेम, त्याग, क्षमा और रिश्तों का सम्मान करना सीख लें, तो परिवार और समाज दोनों में सकारात्मक बदलाव आ सकता है।

संस्कारों का महत्व और बच्चों की परवरिश

महाराज जी ने जोर देकर कहा कि बच्चों को केवल आधुनिक शिक्षा देना ही पर्याप्त नहीं है। बच्चों को संस्कार और संस्कृति से जोड़ना भी उतना ही जरूरी है।

जिस परिवार में भगवान का स्मरण होता है, बड़ों का सम्मान किया जाता है और सेवा की भावना होती है, वहां सुख-शांति स्वयं प्रवेश करती है। उन्होंने सभी अभिभावकों से आह्वान किया कि वे बच्चों को मोबाइल और भौतिक जीवन की दौड़ से दूर रखें। बच्चों को धर्म, संस्कार और भारतीय संस्कृति से जोड़ना बहुत आवश्यक है।

भक्ति का वास्तविक अर्थ और मानवता

महाराज जी ने श्रद्धालुओं को विशेष संदेश देते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का वास्तविक लाभ तभी मिलता है जब कथा सुनने के बाद हमारे व्यवहार में परिवर्तन दिखाई दे। मंदिर जाना, कथा सुनना और भजन करना तभी सार्थक होता है जब हमारे भीतर दूसरों के प्रति दया, प्रेम, सेवा और सम्मान की भावना उत्पन्न हो।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भक्ति केवल भगवान के सामने हाथ जोड़ने का नाम नहीं है। भक्ति का अर्थ जरूरतमंद के आंसू पोंछना और किसी दुखी व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाना भी है।

कथा के दौरान सभी श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का आनंद उठाया। श्रद्धालुओं ने भजनों पर जमकर भक्ति की और पूरे कथा पंडाल का वातावरण भक्तिमय बना रहा।

पूरे पंडाल में ‘राधे-राधे’, ‘जय श्रीकृष्ण’ और ‘जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष लगातार गूंजते रहे। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया और महाराज जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

गणमान्य लोगों की उपस्थिति

इस धार्मिक आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर विधायक भगवानदास कबीरपंथी और नगरपालिका चेयरमैन वीरेंद्र बंसल मौजूद रहे।

कार्यक्रम में शिव शक्ति इंटर ग्लोब एक्सपोर्ट प्रा. लि. के एमडी रमेश गुप्ता, अमन गुप्ता और अनुज गुप्ता भी शामिल हुए। इसके अलावा मार्किट कमेटी नीलोखेड़ी चेयरमैन शिवनाथ कपूर और मार्किट कमेटी तरावड़ी चेयरमैन रणदीप चौधरी ने भी कथा का श्रवण किया।

इस अवसर पर नाथीराम गुप्ता, राकेश गुप्ता, पंकज गुप्ता, संजय गुप्ता, नरेश गुप्ता, नरेश बंसल और प्रमोद बंसल उपस्थित रहे। कृष्ण चंद सिंगला, गौरव दिल्ली, आशीष दिल्ली, योगेश सहारनपुर, संजय यमुनानगर, संदीप मेरठ और अनुज गाजियाबाद भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में संतोष गुप्ता, शालू दिल्ली, शिखा गुप्ता, दीप्ती दिल्ली, मीनू, श्रुति सहारनपुर और रीना गाजियाबाद ने भी भाग लिया। अनिल गुप्ता, राजकुमार तायल, राहुल गुप्ता, तिलक राज मक्कड़, शीशपाल गुप्ता, राकेश गर्ग और मदन लाल सचदेवा भी उपस्थित रहे।

इसके साथ ही विनीत बंसल, रोशन लाल गुप्ता, रणदीप चौधरी, राजीव नारंग, राधेश्याम गर्ग, यश सलूजा और अमित रहेजा ने भी आशीर्वाद लिया। विजय गोयल, नरेश गर्ग तथा मंडी प्रधान सुभाष गुप्ता सहित अनेक गणमान्य लोग इस पावन अवसर पर मौजूद रहे।

कथा के दौरान यह भी दिखाया गया कि कैसे श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिवस पर पूज्य श्री अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने प्रवचन दिए। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने बैठकर पूरी श्रद्धा के साथ कथा का श्रवण किया।

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