राज इंटरनेशनल स्कूल में धूमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस, 5 और 10 साल सेवा देने वाले शिक्षक सम्मानित

राज इंटरनेशनल स्कूल में धूमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस, 5 और 10 साल सेवा देने वाले शिक्षक सम्मानित

राज इंटरनेशनल स्कूल में शनिवार को शिक्षक दिवस बड़े ही हर्षोल्लास, सम्मान और आत्मीयता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का माहौल ऐसा था मानो पूरा विद्यालय परिवार गुरु-शिष्य परंपरा के एक सूत्र में बंध गया हो। इस पावन अवसर पर विद्यालय में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई रंग-बिरंगी पोस्टर प्रदर्शनी से हुई। बच्चों ने मेरे प्रिय गुरु विषय पर अपने भावों को चित्रों में पिरोया था। इसके बाद मंच पर समूह गान, कबीर के दोहे, नृत्य-नाटिका और कविता पाठ की ऐसी प्रस्तुतियों की झड़ी लगी कि सभागार तालियों से गूंज उठा। विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों को गुलाब भेंट कर आशीर्वाद लिया और कई छात्र भावुक होकर गुरुजनों के चरणों में झुक गए।

चेयरमैन और निदेशकों के विचार

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इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन राजेंद्र सैनी ने सभी शिक्षकों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि शिक्षक ही राष्ट्र का निर्माता है। इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक नवीन सैनी, जितेंद्र सैनी, हेमंत सैनी सहित प्रबंधन समिति के सदस्य मौजूद रहे। स्कूल निदेशक हेमंत सैनी ने संबोधन में कहा कि आज के युग में जहां तकनीक हावी है, वहां भी गुरु का स्थान कोई नहीं ले सकता। उन्होंने विद्यार्थियों को गुरुजनों के प्रति आदर और अनुशासन का पाठ पढ़ाया।

नवीन सैनी का प्रेरणादायक उद्बोधन

कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक क्षण रहा स्कूल निदेशक नवीन सैनी का उद्बोधन। उन्होंने कहा कि बच्चों, सपने वो नहीं जो नींद में आते हैं, बल्कि सपने वो हैं जो हमें सोने नहीं देते। अपने लक्ष्य को पाने के लिए मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास - ये तीन मंत्र हमेशा याद रखना।

इस बार शिक्षक दिवस केवल छात्रों के नाम नहीं रहा, बल्कि शिक्षकों ने भी मंच संभाला। शिक्षकों ने कविता, नृत्य व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समा बांध दिया, जिसे देखकर विद्यार्थियों ने जमकर तालियाँ बजाईं।

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि

अपने वक्तव्य में निदेशक नवीन सैनी ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि डॉ. राधाकृष्णन जी मानते थे कि शिक्षा पेशा नहीं, पूजा है। सच्चा शिक्षक वही है जो ज्ञान के साथ-साथ करुणा और चरित्र से भी शिष्य को गढ़े। आज का दिन हमें यही याद दिलाता है कि शिक्षक केवल पढ़ाता नहीं, बल्कि जीवन गढ़ता है।

उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान और लंच

इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति की ओर से एक विशेष पहल की गई। मंच पर 5 वर्ष और 10 वर्ष की उत्कृष्ट एवं निरंतर सेवाएं देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। प्रबंधन ने सभी शिक्षकों के सम्मान में पौष्टिक एवं स्वादिष्ट लंच की व्यवस्था भी की। अंत में प्राचार्य ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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