कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के गणित विभाग में शिक्षक दिवस पर हुआ भव्य कार्यक्रम, विद्यार्थियों ने दी प्रस्तुतियां

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के गणित विभाग में शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में विद्यार्थियों द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति अपना सम्मान, कृतज्ञता और स्नेह व्यक्त किया। विद्यार्थियों ने शिक्षकों के महत्व और उनके जीवन में योगदान पर बेहद प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किए।
विद्यार्थियों की प्रस्तुतियां और कविताएं
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने शिक्षकों के सम्मान में सुंदर कविताएं और शेर-ओ-शायरी भी प्रस्तुत की। इस रंगारंग प्रस्तुति में पाखी देवी, झलक, मोनिका, राधिका, सरिता, मोना, लक्ष्मी, स्नेहा और कल्पना आदि विद्यार्थियों ने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई। इन सभी ने अपनी कविताओं और वचनों के माध्यम से शिक्षकों का आभार व्यक्त किया।
भारतीय संस्कृति में गुरु का सर्वोच्च स्थान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. अनुपम खन्ना ने गुरु की महत्ता पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को हमेशा से ही सर्वोच्च स्थान प्रदान किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुरु का कार्य केवल विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा प्रदान करना भर नहीं है, बल्कि उन्हें सद्चरित्र, संस्कारवान, जिम्मेदार और देश के प्रति समर्पित तथा निष्ठावान नागरिक बनाना भी है।
शिक्षक की भूमिका और जीवन मूल्य
इस अवसर पर अपने विचार रखते हुए डॉ. विकास पोपली ने कहा कि शिक्षक केवल किसी विषय का ज्ञान प्रदान करने वाला व्यक्ति नहीं होता है। शिक्षक विद्यार्थियों को जीवन में सही दिशा दिखाने और उनके व्यक्तित्व को निखारने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं, डॉ. सुरेंद्र सिंह ने कहा कि आज के तेजी से बदलते सामाजिक और तकनीकी परिवेश में शिक्षक की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ-साथ जीवन-मूल्यों को पूरी तरह से आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में उपस्थिति और संचालन
इस पूरे कार्यक्रम का मंच संचालन स्वयं विद्यार्थियों द्वारा ही किया गया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. पूजा सिंघल, डॉ. ज्योति, प्रियंका, शालिनी, डॉ. आस्था, सौरभ और विभाग के तमाम शोधार्थी मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में कुल मिलाकर 100 से अधिक विद्यार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और कार्यक्रम को सफल बनाया। यह जानकारी जनसंपर्क विभाग कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा दी गई।