आज का राशिफल 14 मार्च 2026

 

मेष

गणेश जी कहते है कि आज का दिन उत्साह से भरा रहेगा। काम में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति बेहतर होने के संकेत हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा।

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वृषभ

गणेश जी कहते है कि आज सोच-समझकर निर्णय लें। धन संबंधी मामलों में सावधानी रखें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और अनावश्यक विवाद से दूर रहें।

मिथुन

गणेश जी कहते है कि आज का दिन लाभदायक हो सकता है। व्यापार और नौकरी में नई संभावनाएँ बनेंगी। मित्रों से सहयोग मिलेगा।

कर्क

गणेश जी कहते है कि आज भावनात्मक संतुलन बनाए रखें। काम का दबाव बढ़ सकता है, लेकिन मेहनत का फल भी मिलेगा।

सिंह

गणेश जी कहते है कि आज आत्मविश्वास बढ़ेगा। करियर में प्रगति के संकेत हैं। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा।

कन्या

गणेश जी कहते है कि आज दिन थोड़ा व्यस्त रह सकता है। कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से करें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

तुला

गणेश जी कहते है कि आज नए अवसर मिल सकते हैं। प्रेम और पारिवारिक जीवन में खुशियाँ रहेंगी। आर्थिक लाभ संभव है।

वृश्चिक

गणेश जी कहते है कि आज धैर्य से काम लें। जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें। कार्यक्षेत्र में स्थिति धीरे-धीरे बेहतर होगी।

 

धनु

गणेश जी कहते है कि आज यात्रा या नए काम की योजना बन सकती है। शिक्षा और करियर में सफलता के संकेत हैं।

मकर

गणेश जी कहते है कि आज मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। धन लाभ की संभावना है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी।

कुंभ

गणेश जी कहते है कि आज रचनात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। नए लोगों से संपर्क लाभकारी हो सकता है।

मीन

गणेश जी कहते है कि आज का दिन सामान्य रहेगा। अपने लक्ष्य पर ध्यान रखें। परिवार का सहयोग मिलेगा।

14 मार्च 2026 (शनिवार) का हिंदी पंचांग

दिन- शनिवार

तिथि

कृष्ण पक्ष दशमी सुबह 08-11 बजे तक

उसके बाद कृष्ण पक्ष एकादशी प्रारंभ

नक्षत्र – उत्तराषाढ़ा (अगले दिन तड़के तक)

सूर्योदय – लगभग 06: 40

सूर्यास्त -लगभग 06: 31

चंद्रोदय –  03:22

चंद्रास्त  02:11

संवत / मास

विक्रम संवत  2083 (सिद्धार्थी)

शक संवत  1947 (विश्वावसु)

मास  फाल्गुन (अमान्त) / चैत्र (पूर्णिमांत)

मुख्य मुहूर्त (लगभग)

राहुकाल 09: 31 11:01

गुलिक काल 06: 32   08:02

यमगण्ड : 02: 00 03:29

अभिजीत मुहूर्त 12:06  12:54

दिशा शूल : पूर्व दिशा

विशेष: इस दिन सुबह तक दशमी तिथि रहेगी और उसके बाद एकादशी शुरू होगी, इसलिए कुछ स्थानों पर एकादशी व्रत की तैयारी इसी दिन से मानी जाती है।

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