तोशाम में चमार जाति का नाम मेघवाल करने के विरोध में प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

तोशाम में चमार जाति का नाम मेघवाल करने के विरोध में प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

चमार जाति का नाम मेघवाल करने से गुस्साए चमार समाज के लोगों ने तोशाम में किया विरोध-प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

विष्णु दत्त शास्त्री /तोशाम /31अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

चमार जाति का नाम बदलकर मेघवाल करने के मुद्दे को लेकर सोमवार को तोशाम में चमार समाज के अनेक लोगों ने स्थानीय शहीद पार्क में एकत्रित होकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और विरोध जताते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मौजूद चमार समाज के लोगों ने कहा कि हम चमार थे हमें चमार ही रहने दिया जाए उन्हें मेघवाल न किया जाए। इस दौरान हरियाणा प्रदेश चमार महासभा के बैनर तले रमेश चंद्र नाफ़रिया की अध्यक्षता में शहीद पार्क में विरोध प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की गई। तत्पश्चात शहीद पार्क से पैदल विरोध प्रदर्शन करते हुए सभी तोशाम के एसडीएम कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।

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ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से गत दिनों रेवाड़ी जिले के बावल क्षेत्र में मेघवाल समाज द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में मेघवाल समाज के कुछ लोगों ने चमार जाति को मेघवाल जाति का नाम देने की मांग की थी। जिस पर मुख्यमंत्री सैनी द्वारा मेघवाल समाज के लोगों को बताया गया कि यह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है, परंतु वह इस मांग को मानते हुए अपने लेटर हैड पर प्रधानमंत्री एवं अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग को चमार जाति का नाम मेघवाल जाति में रखने की अनुशंसा करेंगे। जिसको लेकर प्रदेश सहित देशभर के चमार जाति के लोगों में काफी रोष प्रकट हो गया है।

ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने कहा कि हरियाणा में कुल अनुसूचित जाति का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा केवल चमार जाति का है, जिसकी लगभग आबादी 34 से 35 लाख है, जबकि हरियाणा में मेघवाल जाति के करीबन 40 हजार लोग हैं। जिसके चलते चमार जाति के लोगों में रोष व्याप्त है। उनका कहना था कि चमार शब्द का वर्णन सिख समाज के पवित्र ग्रंथ गुरुवाणी में बार बार किया गया है, इसलिए चमार शब्द को विलुप्त करना संभव ही नहीं बल्कि नामुमकिन है।

उनका कहना था कि समस्त भारत देश में चमार जाति का वर्चस्व है तथा सभी को अपनी चमार जाति के नाम पर गर्व है। जिसको लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा गत दिनों की गई घोषणा जिसमें चमार जाति के नाम को मेघवाल जाति में सम्मिलित करने को तुरंत प्रभाव से रद्द करने की माँग करते हुए भविष्य में इस प्रकार की कोई भी घोषणा न करने की बात कही।

जिसको लेकर ज्ञापन की प्रति प्रधानमंत्री, हरियाणा के राज्यपाल तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के अध्यक्ष को भेजी गई। इस मौके पर हरियाणा प्रदेश चमार महासभा के भिवानी ग्रामीण जिला अध्यक्ष रमेश चंद्र नाफरिया, संजय नाफ़रिया, सुरेंद्र, संजय धारण, राजबीर सागवान, जयभगवान लांगयान, भीम फौजी, धर्मवीर खापड़वास, पंच कर्मबीर तोशाम, महेंद्र धानिया दुलहेड़ी, रणबीर तोशाम, कश्मीर कैरू, सोमवीर सुंगरपुर, नितिन दांग कलां, राजेश कटारिया, संदीप पिंजोखरा, मास्टर कलीराम नाफरिया, प्रवीण तंवर, बारू राम सागवान, पूर्व पंच रामनिवास, विजय नाफरिया, मंदीप आलमपुर, श्रद्धानन्द आदि सहित चमार समाज के अनेक व्यक्ति मौजूद थे।

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