तोशाम के गांव दुल्हेड़ी में आयोजित हुई एआईकेकेएमएस की जनसभा, किसान-मजदूर महापंचायत का दिया निमंत्रण

गांव दुल्हेड़ी में एआईकेकेएमएस की आयोजित जनसभा में अनेक किसान-मजदूर, युवा तथा ग्रामीण हुए शामिल
विष्णु दत्त शास्त्री /तोशाम /30 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
तोशाम के गांव दुल्हेड़ी में ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन की ओर से एक जनसभा का आयोजन किया गया। यह जनसभा गांव दुल्हेड़ी स्थित नामदेव धर्मशाला में रविवार को आयोजित की गई। इस जनसभा की अध्यक्षता द्वारका प्रसाद द्वारा की गई। मंच का संचालन एडवोकेट बस्ती राम ने किया। इस सभा में गांव के अनेक किसान-मजदूरों, नौजवानों और प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लिया। सभी लोगों ने बड़ी उत्सुकता से वक्ताओं को सुना और सभा में रखी गई मांगों का समर्थन किया।
ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के नेताओं ने अमरीका-भारत ट्रेड डील को किसानों की तबाही का फरमान करार दिया। नेताओं ने इस ट्रेड डील के विरोध में जोरदार आंदोलन गठित करने का आह्वान किया। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के जिला प्रधान कामरेड रोहतास सिंह सैनी ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जन जीवन के कई ज्वलंत मुद्दे आज बहुत गंभीर हो चुके हैं। इनमें बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी रोकना मुख्य रूप से शामिल हैं। मनरेगा स्कीम बहाल करने की मांग भी इस दौरान प्रमुखता से उठाई गई। किसानों को उनकी फसल लागत से डेढ़ गुना लाभकारी मूल्य देने की मांग की गई। किसान और मजदूरों को पूरी तरह कर्ज मुक्त करने की बात कही गई। किसान विरोधी अमेरिका भारत डील को तुरंत रद्द करने की मांग उठाई गई। बिजली का निजीकरण और स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य बंद करने को कहा गया। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, सीएनजी और खाद-बीज के बढ़ाए गए रेट वापस लेने की मांग की गई। इन सभी मांगों के लिए अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया गया। आगामी 26 अक्टूबर को नांदल भवन, बोहर, रोहतक में राज्य स्तरीय किसान, मजदूर, छात्र, युवा महिला महापंचायत का आयोजन होगा। इस महापंचायत में शामिल होने के लिए सभी को निमंत्रण दिया गया।
इस मौके पर एआईयूटीयूसी के राज्य उपप्रधान रामफल ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार लगातार किसान और मजदूर विरोधी नीतियां ला रही है। सरकार ऐसी नीतियां लाकर पूंजीपतियों और बड़ी-बड़ी कंपनियों को मालामाल कर रही है। इन नीतियों के चलते किसान और मजदूरों की आर्थिक हालत बद से बदतर होती जा रही है। किसान कर्ज के जाल में फंसकर आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहा है। पढ़े-लिखे युवाओं को भी आज रोजगार नहीं मिल पा रहा है। खेती में काम आने वाले खाद, बीज, कीटनाशक और खेती के औजारों के दाम आसमान छू रहे हैं। किसान की फसल के सरकार की तरफ से वाजिब दाम नहीं मिल रहे हैं। प्राकृतिक आपदा आने पर फसल खराबे का मुआवजा तक नहीं मिलता है। फसल बीमा योजना से सिर्फ बीमा कंपनियां मालामाल हो रही हैं। ज्यादातर किसानों के पास फसल का बीमा करवाने के लिए समय पर पैसा नहीं होता है। जैसे-तैसे किसान बीमा करवा भी लेते हैं, तो फसल खराबे के बीमा के लिए चक्कर काटने पड़ते हैं। इसके बावजूद किसानों की कोई सुनवाई नहीं होती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत अमेरिका समझौते से भारत के किसान का कृषि क्षेत्र पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा। कृषि और सभी खाद्य पदार्थों पर कारपोरेट कंपनियों का कब्जा हो जाएगा। इसके चलते किसान और मजदूरों की आजीविका गंभीर खतरे में पड़ जाएगी।
किसान-मजदूर नेता वजीर सिंह और प्यारेलाल ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि महंगाई के कारण गरीबों का जीना बहुत मुश्किल हो रहा है। चीनी और प्याज सहित सभी जरूरी चीजें आज बहुत महंगी हो चुकी हैं। इसके अलावा शिक्षा और इलाज भी बहुत महंगा हो गया है। सरकार लगातार सभी सरकारी महकमों का निजीकरण कर रही है। मनरेगा स्कीम को पूरी तरह संकुचित कर दिया गया है। मजदूरों को अब पूरे साल भर काम नहीं मिलता है। भवन निर्माण योजना भी सरकारी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि सरकार की इन सभी जनविरोधी नीतियों और कदमों के खिलाफ लड़ना होगा। किसान और मजदूरों को संगठित होकर इसके खिलाफ कड़ा आंदोलन करना होगा। इस मौके पर सभा में रामेश्वर, रतनलाल, दीवान सिंह, सतबीर सिंह, पवन कुमार, भीम सिंह, फूलचंद, गणपत, सुरेश, लखमीचंद, रमेश कुमार, बलवान सिंह और राजाराम सहित अनेक किसान-मजदूर मौजूद रहे।