तोशाम के खानक पहाड़ खनन में बड़े घोटाले के लगे आरोप, सीबीआई जांच करवाने की मांग

खानक पहाड़ खनन में बड़े घोटाले के लगे आरोप, सीबीआई जांच करवाने की मांग
खनन किए पत्थर पर करीबन 11 करोड़ रुपए प्रतिमाह कमीशन के रूप में वसूलने के लगे आरोप, प्रतिमाह 5 से 9 करोड़ रुपए सरकार को राजस्व का चूना लगाने का भी आरोप
विष्णु शास्त्री/तोशाम /10 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
गांव खानक में स्थित एक क्रेशर के संचालक ने एचएसआईआईडीसी के तत्कालीन सीसीआई एवं एचओडी के खिलाफ खानक स्टोन माइन में महा-भ्रष्टाचार, अवैध कमीशन वसूली, पद के दुरुपयोग, टैक्स चोरी, अवैध सबलेटिंग के आरोप सहित शिकायत करने पर वर्तमान में क्रेशर संचालकों के वाहनों को बंधक बनाकर ड्राइवरों के मानसिक-आर्थिक उत्पीड़न की शिकायत प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर की है।
गांव खानक स्थित बागनवाला स्टोन क्रेशर के पार्टनर सतपाल सिंह ने विभिन्न आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को लिखे पत्र के माध्यम से शिकायत की है कि एचएसआईआईडीसी की खानक स्टोन माईन में पिछले लम्बे समय से बहुत बड़ा आर्थिक घोटाला चल रहा है और पद का दुरुपयोग किया जा रहा है। शिकायतकर्ता का कहना था कि इस गंभीर विषय और माइनिंग अधिकारियों की तानाशाही के खिलाफ उसके द्वारा पिछले करीबन 3 महीने में करीबन 6 बार निरंतर एचएसआईआईडीसी के स्थानीय कार्यालय और टोल फ्री नंबर पर लिखित व मौखिक शिकायतें दी गईं लेकिन आजतक कोई संतोषजनक जवाब एचएसआईआईडीसी कार्यालय से नहीं मिला।
शिकायतकर्ता सतपाल सिंह का कहना था कि कार्यालय के अधिकारी केवल टालमटोल का रवैया अपनाकर शिकायत को बंद कर देते हैं और भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण देते हैं। सतपाल सिंह ने आरोप लगाते हुए बताया कि गत 9 सितंबर को लिखित में दी गई शिकायत के प्रतिशोध में 10 सितंबर को उनकी गाड़ियां खानक माइंस के अंदर जबरन खड़ी करके रोक दी गई हैं। माइनिंग कंपनी के मुख्य अधिकारियों और स्टाफ द्वारा उनके वाहनों को साइड में लगवा दिया गया है और उनके ड्राइवरों के साथ बेहद अभद्र व्यवहार व बदसुलूकी की जा रही है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इतना ही नहीं बल्कि अधिकारियों द्वारा धमकी दी जा रही है कि तुम लोग कमीशन नहीं दे रहे हो इसलिए या तो तुम्हारी गाड़ियों में मिट्टी ही डलेगी या फिर गाड़ियां वहीं खड़ी रहेंगी। जिससे क्रेशर संचालकों का सीधे तौर पर गंभीर मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान में खानक माइन्स का औसत मासिक उत्पादन लगभग 21.50 लाख टन है, जिसमें लगभग 4.30 लाख टन लाल पत्थर तथा 17.20 लाख टन नीला पत्थर शामिल है।
जिसमें कमीशन का खेल 4 लाख 30 हजार टन लाल पत्थर का 70 रुपए प्रति टन के हिसाब से 3.1 करोड़ रुपए प्रतिमाह तथा नीले पत्थर 17 लाख 20 हजार टन का 45 रुपए प्रति टन कमीशन के हिसाब से 7. 74 करोड़ रुपए प्रतिमाह कमीशन अर्थात कुल 10.75 करोड़ रुपए प्रतिमाह कमीशन के रूप में नगद काला धन सीधे तौर पर वसूला जाता है। सतपाल सिंह ने आरोप लगाते हुए बताया कि इस कमीशन रूपी काली कमाई का 85 प्रतिशत हिस्सा सीधे तौर पर एचएसआईआईडीसी के तत्कालीन माइन सीसीआई/एचओडी सुनील शर्मा तक पहुंचाया जाता है बाकी शेष राशि संबंधित कंपनी एम/एस एएमआर इंडिया लिमिटेड द्वारा राखी जाती है।
इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि क्रेशर मालिकों से जबरन अवैध रूप से कैश वसूली की जाती है और जीएसटी, इनकम टैक्स चोरी करवाकर सरकार को करीबन 5 करोड़ रुपए से करीबन 9 करोड़ रुपए तक का प्रतिमाह राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पत्थर ऑक्शन में जानबूझकर धांधली करवाई जाती है जिससे लाल पत्थर की आड़ में नीले बोल्डर को लोड करके अवैध कमीशन कमाया जा सके।
इस प्रकार अपने अधीनस्थ अधिकारियों पर दबाव बनाकर अवैध कमीशन कमाने के चक्कर में पद का दुरुपयोग भी किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एचएसआईआईडीसी का अधिकृत ठेकेदार धनसर इंजीनियरिंग कंपनी है लेकिन नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए खानक पहाड़ का पूरा काम असल में एएमआर इंडिया लिमिटेड कंपनी संभाल रही है, जिसके तहत धनसर कंपनी अपने कुल मासिक बिल में से 3 से 5 प्रतिशत काटकर मशीनरी और हायरिंग चार्ज के नाम पर सारा भुगतान एएमआर इंडिया लिमिटेड कंपनी के हैदराबाद स्थित एसबीआई बैंक खाते में ट्रांसफर कर रही है।
जोकि मूल अनुबंध की शर्तों के विपरीत पूर्णतः अवैध सबलैटिंग है और यह सब केवल अपनी मुख्य इनकम छुपाने और टैक्स बचाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने विभिन्न आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को लिखे पत्र के माध्यम से मांग की है कि एचएसआईआईडीसी के उच्च अधिकारियों को तुरंत आज ही मौके पर भेजकर माइंस के अंदर जबरन रोकी गई उनकी गाड़ियों और ड्राइवरों को मुक्त करवाकर सही बोल्डर जो उन्होंने खरीदा है लोड करवाया जाए।
उनकी गाड़ियों का एंट्री और एग्जिट टाइम चेक करवाया जाए जिससे अवैध रोक की पुष्टि हो सके। उन्होंने मांग की कि इसमें होने वाले घोटाले की सीबीआई या अन्य किसी स्वतंत्र उच्च स्तरीय विजिलेंस एजेंसी के द्वारा जांच करवाई जाए तथा इसमें संलिप्त आरोपियों के तुरंत प्रभाव से फोन रिकॉर्ड निकलवाए जाएं। कंपनी के बैंक खातों में भेजे गए रुपयों का मिलान करवाया जाए। आरोपी की संपत्ति का भौतिक सत्यापन कर आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज किया जाए तथा सुरक्षा टेंडर पर रोक लगाई जाए, जिससे उन्हें न्याय मिल सके।
इस संबंध में जब एचएसआईआईडीसी के तत्कालीन सीसीआई/एचओडी आरोपी सुनील शर्मा से बात की गई तो उन्होंने इस बारे कुछ भी बोलने से इंकार करते हुए कहा कि वह अभी बीमार हैं, इस बारे में बाद में बात करेंगे।
इस संबंध में आरोपी एएमआर कंपनी के एचआर विनोद कुमार ने कहा कि उनकी कंपनी में ऐसा नहीं होता आरोप निराधार हैं, उनकी कंपनी में अवैध गतिविधियां नहीं होती।