अम्बाला के जय पब्लिक स्कूल गुरुकुल बराड़ा में हुआ भव्य उपनयन संस्कार समारोह

अम्बाला के पूर्ण सिंह जय पब्लिक स्कूल गुरुकुल बराड़ा में भारतीय संस्कृति, वैदिक परंपराओं एवं संस्कारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक भव्य एवं गरिमामय उपनयन संस्कार समारोह का आयोजन किया गया। यह पूरा कार्यक्रम बड़े ही श्रद्धापूर्ण, आध्यात्मिक और गरिमा से भरे वातावरण में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन गुरुकुल बराड़ा के अध्यक्ष विक्रम जौहर के मार्गदर्शन और उनके संरक्षण में किया गया था। इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पद्मश्री से सम्मानित डॉ. सुकामा आचार्य ने शिरकत की। इसके अलावा, विशिष्ट अतिथि के तौर पर प्रोफेसर अखिल स्वामी भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान मंच पर विद्यालय के कई अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। इस अवसर पर विवेक जौहर, प्रधानाचार्या डॉ. नीलम जैन, उप-प्रधानाचार्य बलराम आर्य और रेजिडेंस ऑफिसर राजेश कुमार उपस्थित रहे। साथ ही, चीफ एडमिन अमित रोहिल्ला, दिनेश भट्ट समेत समस्त संरक्षकगण और विद्यालय के सभी अध्यापकगण भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी अतिथियों का विद्यालय परिवार की तरफ से स्वागत किया गया और कार्यक्रम की शुरुआत पूरी पारंपरिक और वैदिक विधि के साथ की गई।
विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. नीलम जैन ने इस मौके पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि उपनयन संस्कार केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों को ज्ञान, अनुशासन, सदाचार और जीवन के उच्च मूल्यों से जोडऩे वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण संस्कार है। उनके बाद उप-प्रधानाचार्य बलराम आर्य ने अपने संबोधन में गुरुकुलीय परंपरा और भारतीय संस्कृति के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को एक अनुशासित, संस्कारवान और चरित्रवान इंसान बनने के लिए प्रेरित किया।
प्रोफेसर अखिल स्वामी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए एक बहुत महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कार और वैदिक परंपराएँ जीवन को सही दिशा प्रदान करती हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से अपने जीवन में ज्ञान, सेवा और सदाचार को अपनाने का विशेष आह्वान किया। इसके बाद पद्मश्री डॉ. सुकामा आचार्य ने अपना प्रेरणादायी संबोधन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को हमेशा भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जुड़े रहने का संदेश दिया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को एक उज्ज्वल, अनुशासित और संस्कारमय जीवन के लिए अपनी ढेरों शुभकामनाएँ प्रदान कीं।
पद्मश्री डॉ. सुकामा आचार्य ने विद्यार्थियों और समस्त विद्यालय परिवार को पावन पर्व रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ भी दीं। उन्होंने प्रेम, स्नेह, सुरक्षा और पारिवारिक मूल्यों के प्रतीक इस पावन पर्व के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उपनयन संस्कार की सभी वैदिक परंपराओं का विधिवत निर्वहन आचार्य रविंद्र और आचार्य जयवीर द्वारा कराया गया। दोनों आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चारण और पारंपरिक विधि-विधान के साथ यज्ञ को संपन्न कराया। उन्होंने उपनयन संस्कार से जुड़ी हुई विभिन्न वैदिक परंपराओं का श्रद्धापूर्वक निर्वहन किया।
इस पूरे अनुष्ठान के दौरान ब्रह्मचारियों को कई महत्वपूर्ण जीवन मूल्यों की जानकारी दी गई। उन्हें सत्य, अनुशासन, कर्तव्य, ज्ञान, सेवा और सदाचार के महत्व से पूरी तरह अवगत कराया गया। इसके बाद गुरुकुल बराड़ा के अध्यक्ष विक्रम जौहर ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने संस्कार, शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
अध्यक्ष विक्रम जौहर ने विद्यार्थियों के लिए एक बहुत बड़ी और विशेष घोषणा की। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि आगामी वर्ष से विद्यालय में पूरे वर्ष शिक्षा, खेलकूद, अनुशासन और अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर विद्यार्थी को पद्मश्री सुकामा आचार्य अवॉर्ड दिया जाएगा। इस पुरस्कार के रूप में उस विद्यार्थी को 21,000 रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी।