हरियाणा में वन मित्रों की बकाया राशि 15 सितंबर तक जारी करने के दिए गए कड़े निर्देश

हरियाणा में वन मित्रों की बकाया राशि 15 सितंबर तक जारी करने के दिए गए कड़े निर्देश

हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि वन मित्रों की वित्तवर्ष 2025-26 और 2026-27 की मैनटेनेंस की बकाया राशि का भुगतान 15 सितंबर तक हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। यह निर्देश चंडीगढ़ में एक समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए हैं।

जिला वन अधिकारियों को सख्त निर्देश

राव नरबीर सिंह ने जिला वन अधिकारियों को, जो आहरण एवं वितरण अधिकारी भी हैं, इस संबंध में स्पष्ट और सख्त निर्देश जारी करने को कहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी मामले में डीएफओ की मनमानी बिल्कुल नहीं चलेगी। वन मित्र पौधरोपण अभियान में वन विभाग और आमजन के बीच एक बहुत महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं।

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पौधरोपण और हरित हरियाणा का लक्ष्य

मंत्री ने कहा कि वन मित्रों को निजी भूमि के साथ-साथ वन विभाग की भूमि पर भी पौधरोपण की अनुमति दी जानी चाहिए। ऐसा करने से प्रदेश में हरित क्षेत्र बढ़ाने और हरित हरियाणा के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से साकार किया जा सकेगा। यह बैठक वन मित्रों की मांगों से संबंधित लंबित मुद्दों को लेकर आयोजित की गई थी जिसकी अध्यक्षता वन एवं पर्यावरण मंत्री ने मंगलवार को की थी।

पौधों का सत्यापन और पोर्टल पंजीकरण

बैठक में यह जानकारी दी गई कि वर्ष 2026-27 के दौरान 635 वन मित्रों द्वारा लगभग 4 लाख पौधे लगाए गए थे। इनमें से 2 लाख 14 हजार 992 पौधों का सत्यापन पोर्टल पर विवरण अपलोड करने के बाद वन रक्षकों और अन्य अधिकारियों द्वारा किया जा चुका है। राव नरबीर सिंह ने निर्देश दिए कि वन मित्रों के रूप में पंजीकरण के लिए पोर्टल को 30 सितंबर 2026 तक खुला रखा जाए।

स्वयं सहायता समूहों और महिलाओं की भागीदारी

उन्होंने पहले से पंजीकृत वन मित्रों से भी यह आह्वान किया कि वे अपने क्षेत्र के अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने के लिए प्रेरित करें। मंत्री ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को भी वन मित्र के रूप में पंजीकृत करने की पहल करने के निर्देश दिए हैं। वन मंत्री ने यह भी कहा कि वन विभाग को अपनी भूमि भी पौधरोपण के लिए उपलब्ध करवानी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक पौधे लगाए जा सकें और 4 से 5 वर्ष तक उनकी देखभाल सुनिश्चित की जा सके।

प्राण वायु देवता पेंशन योजना

बैठक में यह भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई कि प्राण वायु देवता पेंशन योजना के तहत प्रदेश में लगभग 5,300 पेड़ों की पहचान की गई है। इन पेड़ों की देखभाल करने वाले व्यक्तियों को सरकार की ओर से प्रति वर्ष 1,000 रुपये की पेंशन प्रदान की जाती है

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