नीलोखेड़ी के एसडीएमएन विद्या मंदिर में मनाया गया विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, विधायक भगवानदास कबीरपंथी ने देशहित को बताया सर्वोपरि

नीलोखेड़ी के एसडीएमएन विद्या मंदिर में मनाया गया विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, विधायक भगवानदास कबीरपंथी ने देशहित को बताया सर्वोपरि

विधायक भगवानदास कबीरपंथी ने विभाजन की विभीषिका से नई पीढ़ी को कराया रूबरू

एसडीएमएन विद्या मंदिर में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर कार्यक्रम

विधायक भगवानदास कबीरपंथी ने कहा :- देशहित हमेशा सर्वोपरि

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तरावड़ी /14 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स /रोहित लामसर

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर एसडीएमएन विद्या मंदिर नीलोखेड़ी में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विधायक भगवानदास कबीरपंथी, उपमंडल अधिकारी अशोक कुमार, मार्केट कमेटी के चेयरमैन शिवनाथ कपूर सहित भाजपा नेताओं, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों एवं गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया।

विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक एवं देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों के माध्यम से वर्ष 1947 के विभाजन की त्रासदी और उस दौर के संघर्षों को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक भगवानदास कबीरपंथी ने कहा कि देश को आजादी इतनी आसानी से नहीं मिली, बल्कि असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान के बाद भारत स्वतंत्र हुआ। उन्होंने कहा कि देश का हित हम सभी के लिए सर्वोपरि होना चाहिए और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाना ही सच्ची देशभक्ति है।

विधायक ने कहा कि 15 अगस्त देश की आजादी का गौरवमयी दिन है, लेकिन इससे ठीक एक दिन पहले 14 अगस्त 1947 को भारत ने विभाजन की ऐसी त्रासदी झेली, जिसकी पीड़ा इतिहास के पन्नों में आज भी दर्ज है। विभाजन के दौरान लाखों लोगों को अपना घर-बार, संपत्ति और अपनों तक को खोना पड़ा। उन्होंने कहा कि विभाजन की इस पीड़ा और उसके कारणों से नई पीढ़ी को अवगत कराना बेहद जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इतिहास से सीख लेकर देश की एकता और अखंडता को और मजबूत करें।

भगवानदास कबीरपंथी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर 14 अगस्त को देशभर में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य उन लोगों के संघर्ष, पीड़ा और बलिदान को याद करना है, जिन्होंने विभाजन की कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति सभी धर्मों का सम्मान करना सिखाती है, लेकिन प्रत्येक नागरिक का राष्ट्र धर्म भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

उन्होंने विशेष रूप से युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे नशे जैसी बुराइयों से दूर रहें और विकसित भारत के निर्माण में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएं। ऐसा कोई कार्य न करें जिससे देश की एकता, अखंडता या सम्मान को ठेस पहुंचे। उन्होंने कहा कि जिस देश के लोग अपने इतिहास को भूल जाते हैं, वे इतिहास के पन्नों से भी धीरे-धीरे मिट जाते हैं। इसलिए विभाजन की त्रासदी को याद रखना और नई पीढ़ी को इसके बारे में बताना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। मार्किट कमेटी के चेयरमैन शिवनाथ कपूर ने कहा कि आज देश को अपने लिए मरने वाले ही नहीं, बल्कि देश के लिए जीने वाले नागरिकों की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करे और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे, तभी एक मजबूत और श्रेष्ठ भारत का सपना साकार होगा। विद्यालय की प्राचार्य रेखा चौहान एवं ज्ञानचंद अरोड़ा ने कहा कि विभाजन के दौरान लोगों ने भारी कठिनाइयों और असहनीय पीड़ा का सामना किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को देश के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और विभाजन की त्रासदी से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों ने राष्ट्रभक्ति से सराबोर विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थितजनों को भावविभोर कर दिया। पूरे विद्यालय परिसर में देशभक्ति का वातावरण बना रहा और भारत माता के जयघोष से माहौल गूंज उठा।

इस अवसर पर विधायक भगवानदास कबीरपंथी, एसडीएम अशोक कुमार, शिवनाथ कपूर, सूरज प्रकाश दुआ, ज्ञानचंद अरोड़ा, सुभाष त्रेहन, एडवोकेट नवीन कपूर, मुकेश भारती, रवींद्र मैहरा, पंकज शर्मा, ममता माटा सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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