विमुक्त, घुमंतू एवं टपरीवास जातियों के उत्थान और विकास के लिए हरियाणा सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध : जसमेर सिंह बंजारा

विमुक्त, घुमंतू एवं टपरीवास जातियों के उत्थान और विकास के लिए हरियाणा सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध : जसमेर सिंह बंजारा

हरियाणा में विमुक्त, घुमंतू एवं टपरीवास जातियों के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक उत्थान तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत है। सोनीपत के लघु सचिवालय में हरियाणा विमुक्त घुमंतू जाति विकास बोर्ड के अध्यक्ष जसमेर सिंह बंजारा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य घुमंतू विमुक्त जातियों को ऊपर उठाना और उन्हें समाज की मुख्य धारा में जोड़ना था। बैठक के दौरान सभी विभागाध्यक्षों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं।

विमुक्त और घुमंतू जातियों का संघर्षपूर्ण इतिहास

विमुक्त एवं घुमंतू जातियों का इतिहास लंबे समय से संघर्ष और चुनौतियों से भरा रहा है। अंग्रेजी शासनकाल के दौरान वर्ष 1871 में क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट लागू किया गया था। इस एक्ट के कारण इन समुदायों को लंबे समय तक भारी सामाजिक भेदभाव और बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। देश की स्वतंत्रता के बाद भी इन वर्गों के समुचित विकास और उन्हें मूलभूत सुविधाओं से जोड़े रखने की आवश्यकता लगातार बनी रही।

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31 अगस्त को मनाया जाता है मुक्ति दिवस

देश 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ था, जबकि विमुक्त जातियों को 31 अगस्त 1952 को सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रयासों से विमुक्ति मिली थी। इसी ऐतिहासिक दिवस की स्मृति में हर साल 31 अगस्त को विमुक्त जातियों द्वारा मुक्ति दिवस के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 2015 में विमुक्त घुमंतू जनजाति कल्याण संघ द्वारा इन जातियों के उत्थान की दिशा में कार्य का शुभारंभ किया गया था। इसके पश्चात इन समुदायों के अधिकारों, उनके सामाजिक सम्मान और विकास से जुड़े सभी विषयों को पूरी प्रमुखता के साथ उठाया गया। वर्ष 2017 में फतेहाबाद में एक विशाल रैली का आयोजन किया गया था जिसमें विमुक्त समुदायों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गईं थीं।

हरियाणा सरकार द्वारा बोर्ड का गठन और दस्तावेजीकरण

विमुक्त, घुमंतू एवं टपरीवास समुदायों के समग्र विकास को विशेष ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार द्वारा विमुक्त घुमंतू जाति विकास बोर्ड का गठन किया गया है। इस बोर्ड के माध्यम से इन समुदायों के परिवारों को सरकारी योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान इन समुदायों के परिवारों की पहचान करने और उनके दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। इसके तहत आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर कार्ड और परिवार पहचान पत्र सहित अन्य सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करवाने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं।

अधिकारियों को दिए गए हैं कड़े निर्देश

बोर्ड के माध्यम से ऐसे सभी परिवारों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही उनके सामाजिक और आर्थिक विकास को भी तेज गति दी जा रही है। विमुक्त एवं घुमंतू समुदायों के कल्याण के लिए सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे इन परिवारों की समस्याओं और उनकी आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर समझें। इसके अलावा सभी पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। सरकार का मुख्य उद्देश्य इन समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें एक सम्मानजनक तथा बेहतर जीवन के अवसर उपलब्ध करवाना है।

बोर्ड और जिला प्रशासन के प्रयास

विमुक्त घुमंतू जाति विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष ओमपाल ने कहा है कि विमुक्त, घुमंतू एवं टपरीवास समुदायों के विकास के लिए सरकार और बोर्ड मिलकर लगातार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों और संबंधित विभागों से यह आह्वान किया है कि इन समुदायों के पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में विशेष प्राथमिकता दी जाए। ऐसा करने से यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी पीड़ित परिवार सरकारी सुविधाओं से वंचित न रह जाए। उन्होंने यह भी कहा कि 31 अगस्त का विमुक्ति दिवस इन समुदायों के संघर्ष, उनके स्वाभिमान और उनके अधिकारों की स्मृति का एक बड़ा प्रतीक है। सोनीपत के अतिरिक्त उपायुक्त अजय चोपड़ा ने विमुक्त घुमंतू जाति विकास बोर्ड के अध्यक्ष जसमेर सिंह बंजारा को पूर्ण आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन विमुक्त घुमंतू जाति को ऊपर उठाने और उन्हें समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।

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