बिजली संकट पर वडिंग का AAP सरकार पर हमला, PSPCL में भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन का लगाया आरोप

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के नेतृत्व में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज राज्य में जारी बिजली संकट के खिलाफ आम आदमी पार्टी सरकार के विरुद्ध जोरदार प्रदर्शन किया। भारी पुलिस बल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को PSPCL कार्यालय तक पहुंचने से रोक दिया। पुलिस ने रास्ते में भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी। इस अवसर पर वडिंग ने कहा कि राज्य में बिजली संकट मानव निर्मित है और इसकी वजह AAP सरकार का बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार तथा पूरी तरह से कुप्रबंधन है।
चेयरमैन और अधिकारियों की नियुक्ति पर उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि चेयरमैन बसंत गर्ग को गैर-तकनीकी होने के बावजूद नियुक्त किया गया, जबकि तकनीकी योग्यता इस पद के लिए बुनियादी शर्त है। उन्होंने खुलासा किया कि आप सरकार ने उन्हें नियुक्त करने के लिए नियमों में बदलाव किया। यह बदलाव जाहिर तौर पर दिल्ली के आकाओं के इशारे पर किया गया, जिसके कारणों से हर कोई परिचित है। उन्होंने कहा कि गर्ग को कई पद दिए गए और इसका कारण यह था कि चेयरमैन रहने के 300 दिनों में उन्होंने केवल 20 दिन कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराई। इसी तरह, PCC अध्यक्ष ने कहा कि आप ने PSPCL में मौजूदा डायरेक्टर जनरेशन हरजीत सिंह को बिना किसी उचित कारण के हटाकर उनकी जगह एक अयोग्य व्यक्ति को नियुक्त किया, क्योंकि उन्होंने आप के निर्देशों के आगे झुकने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि सिंह को हटाने के साथ-साथ विजिलेंस ब्यूरो के जरिए उन्हें प्रताड़ित भी किया गया।
बिजली संकट और कोयले की स्थिति पर खुलासे
उन्होंने खुलासा किया कि तत्कालीन बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा अपने पसंदीदा व्यक्ति, जो लुधियाना से था, को पद पर नियुक्त करना चाहते थे। वह व्यक्ति इस पद के लिए योग्य भी नहीं था, लेकिन उसने कई तरह से अरोड़ा की मदद की थी। उन्होंने कहा कि अरोड़ा अंत में जेल पहुंच गए, लेकिन उससे पहले PSPCL को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर गए, जिसका नतीजा आज राज्य में बिजली संकट के रूप में सामने है। वडिंग ने कहा कि असक्षम और भ्रष्ट लोगों के हाथों में PSPCL यह तक अनुमान नहीं लगा सका कि बिजली की मांग कितनी होगी। उन्होंने कहा कि पहले से ही कमजोर मानसून का पूर्वानुमान था, फिर भी PSPCL ने कृषि क्षेत्र के लिए कोई तैयारी नहीं की। उन्होंने कहा कि बिजली संकट के लिए कोयले की कमी को जिम्मेदार ठहराना गलत है। पंजाब के पास अपनी कोयला खदान है और कोयले की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की हड़ताल के कारण लेहरा मोहब्बत और रोपड़ बिजली संयंत्रों में बिजली उत्पादन काफी कम हुआ और यह हड़ताल भी AAP सरकार द्वारा किए गए वादों को पूरा न करने का परिणाम थी।
भ्रष्टाचार और सब्सिडी राशि पर गंभीर आरोप
PSPCL में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए वडिंग ने खुलासा किया कि कुछ साल पहले तक PSPCL जिस बिजली को 5 रुपये प्रति यूनिट खरीदता था, अब वही बिजली 8.10 रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सौदे कराने के लिए दिल्ली से विशेष बिचौलिये नियुक्त किए गए हैं और बिजली सीधे खरीदने के बजाय बिचौलियों के माध्यम से खरीदी जा रही है। वडिंग ने 22,000 करोड़ रुपये की बिजली सब्सिडी में से 7,000 करोड़ रुपये की राशि के गायब होने के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल किया कि कृषि क्षेत्र और मुफ्त बिजली के लिए PSPCL को दी जाने वाली 22,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी में से 7,000 करोड़ रुपये आखिर कहां गायब हो गए? उन्होंने पंजाब सरकार द्वारा कर्ज लेने के लिए बिचौलियों को दी जा रही कमीशन राशि का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पहले 10,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेने के लिए 150 करोड़ रुपये की दलाली दी गई और बाद में 25,000 करोड़ रुपये का एक और कर्ज लेने के लिए 340 करोड़ रुपये और दिए गए। उन्होंने कहा कि दूसरे मामले में बिचौलिया गुजरात का था और आरोप लगाया कि दलाली की यह राशि वहां होने वाले चुनाव में इस्तेमाल की जाएगी।
सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार
उन्होंने कहा कि भगवंत मान ने खुद को पंजाब का अब तक का सबसे खराब मुख्यमंत्री साबित किया है, जिसने पंजाब को 25 साल पीछे धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पंजाब को हर स्तर पर बर्बाद कर दिया है। वडिंग ने यह भी घोषणा की कि कल नवनियुक्त प्रभारी महासचिव सचिन पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस चंडीगढ़ में विशाल प्रदर्शन करेगी और हरपाल चीमा को पद से हटाने की मांग करेगी। उन्होंने कहा कि यह बेहद जरूरी है कि दलित गुलजार सिंह, जिन्हें चीमा के गुर्गों द्वारा आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया गया, को न्याय मिले।