पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वडिंग ने कर्मचारियों के प्रति मुख्यमंत्री भगवंत मान के टकरावपूर्ण रवैये की कड़ी निंदा की

चंडीगढ़, 27 अगस्त: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने आज लंबे समय से लंबित डीए के भुगतान की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों के प्रति मुख्यमंत्री भगवंत मान के टकरावपूर्ण रवैये की कड़ी निंदा की है। वडिंग ने कहा कि यह सरकार का तानाशाही रवैया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तंज और चेतावनी
मान द्वारा प्रदर्शनकारी कर्मचारियों के साथ निर्धारित बैठक रद्द किए जाने और सरकार द्वारा कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई किए जाने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए वडिंग ने कहा कि यह मुख्यमंत्री और उनकी सरकार के तानाशाही एवं निरंकुश तरीके से काम करने को दर्शाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री को ऐसी किसी भी कार्रवाई के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ऐसा होता है तो यह उनकी सरकार के अंत की शुरुआत होगी।
कर्मचारियों के अधिकारों का समर्थन
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों के प्रति एकजुटता और समर्थन व्यक्त करते हुए PCC अध्यक्ष ने कहा कि विरोध प्रदर्शन करना कर्मचारियों का अधिकार है, खासकर तब जब उनकी मांगें जायज़ हैं। उन्होंने कहा कि शायद पूरे देश में यह एक अनोखा मामला होगा कि कोई राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को DA का भुगतान करने से न केवल इनकार कर रही है, बल्कि जब वे अपने जायज़ हक की मांग उठा रहे हैं तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की भी कोशिश कर रही है।
मुख्यमंत्री से बातचीत शुरू करने की मांग
वडिंग ने मुख्यमंत्री से मांग की कि उन्हें प्रदर्शनकारी कर्मचारियों के साथ बातचीत शुरू करनी चाहिए। उन्होंने मान से कहा कि वे आपके दुश्मन नहीं हैं, बल्कि वही लोग हैं जिन्होंने आपकी सरकार को चुना और इन वर्षों में आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया है। उन्होंने आखिरी समय में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से किए गए वादे से मुकरने के लिए मुख्यमंत्री की निंदा की। वडिंग ने तंज कसते हुए कहा कि या फिर मान को अब लगता है कि उनकी सरकार के दिन गिने-चुने रह गए हैं, इसलिए कर्मचारियों को उनका जायज़ हक देना भी जरूरी नहीं है, भले ही उन्होंने इसका वादा किया हो। उन्होंने अंत में कहा कि सरकारी कर्मचारी किसी भी प्रशासन की रीढ़ होते हैं, इसलिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि उन्हें उनके अपने हक से वंचित न रखा जाए।