हिसार में हुलिया बदलकर चार महीने से पुलिस को चकमा दे रहा था पत्नी का हत्यारोपी, चाय की दुकान पर कैमरा मैन ने पहचाना और हुआ गिरफ्तार

हिसार में पत्नी की हत्या के बाद से फरार चल रहा आरोपी सौरभ आनंद गिरफ्तार हो गया है।रेवाड़ी से लेकर अयोध्या तक अपनी पहचान छिपाकर और भेष बदलकर आरोपी घूम रहा था।हिसार में एक चाय की दुकान पर कैमरा मैन ने उसे पहचान लिया और पुलिस को सूचना दी।
रेवाड़ी से अयोध्या तक पहचान छिपाकर घूम रहा पत्नी की हत्या का आरोपी हिसार में चाय की दुकान पर कैमरा मैन ने पहचान लिया और पकड़ लिया। हिसार, 27 अगस्त। पत्नी की हत्या के बाद पुलिस से बचने के लिए आरोपी ने ऐसा तरीका अपनाया कि करीब चार महीने तक पुलिस को उसकी भनक तक नहीं लगी। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने अपना हुलिया बदला और एक जगह टिकने के बजाय लगातार ठिकाने बदलता रहा। कभी रेवाड़ी तो कभी चंडीगढ़ और अमृतसर, इसके बाद दिल्ली के गुरुद्वारों से लेकर उज्जैन, हरिद्वार, मथुरा और अयोध्या के धार्मिक स्थलों तक पहुंच गया। यहाँ वह पहचान छिपाकर और भेष बदलकर रहा। पुलिस की सात विशेष टीमें उसकी तलाश में लगी रहीं और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश देती रहीं।
एएसपी ने दी मामले की जानकारी
एएसपी मयंक मुदगिल ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि सिविल लाइन थाना क्षेत्र में पत्नी सोनिया की हत्या के मामले में आरोपी सौरभ आनंद वारदात के बाद से ही फरार था। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। आरोपी को पकड़ना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। वह एक ठिकाने पर कुछ समय रुकने के बाद अचानक वहां से निकल जाता और दूसरे शहर में पहुंच जाता। धार्मिक स्थलों को उसने पुलिस से बचने के लिए सुरक्षित ठिकाने के तौर पर इस्तेमाल किया और कई जगहों पर अपना हुलिया तक बदल लिया। आरोपी की तलाश में डीएसपी क्राइम और डीएसपी अग्रोहा के नेतृत्व में सात विशेष पुलिस टीमें गठित की गई थीं। तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस उसकी गतिविधियों का सुराग जुटाती रही। पुलिस को जब भी उसके किसी संभावित ठिकाने की जानकारी मिलती, टीम वहाँ पहुंचती, लेकिन तब तक वह अपना ठिकाना बदल चुका होता था।
सामने आया हत्या का पूरा मामला
दरसअल संत नगर निवासी सौरभ की शिकायत के मुताबिक उसकी बहन सोनिया की वर्ष 2016 में सौरभ आनंद के साथ शादी हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही दोनों के बीच घरेलू विवाद चल रहा था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आरोपी उसकी बहन को परेशान करता था। करीब तीन माह पहले भी आरोपी द्वारा सोनिया का गला दबाकर जान से मारने का प्रयास करने का आरोप लगाया गया था। गत 30 अप्रैल को आरोपी के घर से चले जाने के बाद सोनिया ने सिविल लाइन थाना में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दी थी। उसी शाम आरोपी वापस घर आ गया था। अगले दिन एक मई को शिकायतकर्ता अपनी बहन के घर पहुंचा तो सोनिया घर के अंदर मृत मिली। मौके पर खून से सनी प्रेस पड़ी थी और उसके शरीर पर चोट के निशान थे। इसके बाद आरोपी फरार हो गया।
चाय की दुकान पर ऐसे पकड़ा गया आरोपी
लगातार ठिकाने बदलने के बावजूद आरोपी आखिरकार अपनी ही पहचान छिपाने में चूक गया। एएसपी मयंक मुदगिल के अनुसार बुधवार को वह भेष बदलकर हिसार में एक चाय की दुकान पर बैठा था। वहां पहुंचे एक कैमरा मैन ने उसे पहचान लिया। कैमरा मैन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और सिविल लाइन थाना प्रभारी पीएसआई कर्मजीत टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पीछा कर चार माह से फरार 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी सौरभ आनंद को आखिरकार दबोच लिया।