श्रम विभाग में वर्क स्लिप घोटाले की अब एके सिंह कमेटी करेगी जांच, जानिए पूरी खबर

हरियाणा के श्रम विभाग के अंतर्गत आने वाले हरियाणा बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर वेलफेयर बोर्ड में हुई कथित अनियमितताओं की जांच फिर से शुरू हो गई है। पंकज अग्रवाल के जेल जाने के बाद सरकार ने यह नया फैसला लिया है। जांच कमेटी का नेतृत्व कर रहे पूर्व आईएएस पंकज अग्रवाल को बैंक घोटाले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। अब इस मामले की जांच आईएएस ए.के. सिंह के नेतृत्व वाली कमेटी द्वारा की जाएगी। इस घोटाले में श्रम मंत्री अनिल विज व्हीसल ब्लोअर हैं।
जांच और समीक्षा की तैयारी
वर्षों से लंबित इस मामले में सरकार अब पुराने रिकॉर्ड, जिलाधीशों की रिपोर्ट और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में हुए भुगतान की गहन समीक्षा की तैयारी कर रही है। श्रम मंत्री अनिल विज ने इस मामले को पूरी गंभीरता से लिया है। विज ने विभागीय स्तर पर इस जांच को आगे बढ़ाया है। विज के निर्देश पर अगस्त 2023 से मार्च 2025 के बीच प्रदेश के सभी जिलों में जिलाधीशों के माध्यम से विशेष जांच कराई गई है। इस जांच का मुख्य फोकस श्रमिकों के पंजीकरण और निर्माण कार्य में 90 दिन काम करने के प्रमाण के सत्यापन पर रखा गया था।
दस्तावेजों की जांच और अनियमितताएं
जांच के दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेजों और वर्क स्लिप की जांच की गई है। सूत्रों के अनुसार कई मामलों में दस्तावेज संदिग्ध पाए गए हैं। इन मामलों में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। वास्तविक अनियमितताओं और वित्तीय नुकसान का अंतिम आंकड़ा विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। प्रारंभिक स्तर पर करीब 1500 करोड़ रुपये की कथित अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद सरकार ने जांच के आदेश जारी किए थे।
कल्याणकारी योजनाएं और सवाल
अब ए.के. सिंह की अध्यक्षता वाली कमेटी के सामने एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी होगा कि यदि कहीं गलत या फर्जी प्रमाण के आधार पर पंजीकरण हुआ, तो उसका सत्यापन किस अधिकारी या स्तर पर किया गया था। बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर वेलफेयर बोर्ड के तहत श्रमिकों के लिए 22 से अधिक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जाती हैं। इन सभी योजनाओं में विवाह सहायता, शिक्षा, चिकित्सा, मातृत्व सहायता और उपकरण अनुदान सहित कई योजनाएं शामिल हैं।