यमुनानगर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 6 हजार अल्प्राजोलम गोलियां बरामद और सप्लायर समेत दो गिरफ्तार

यमुनानगर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 6 हजार अल्प्राजोलम गोलियां बरामद और सप्लायर समेत दो गिरफ्तार

यमुनानगर पुलिस की एंटी नारकोटिक सेल ने नशीली और प्रतिबंधित दवाओं की अवैध सप्लाई के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 6,000 अल्प्राजोलम गोलियां बरामद की हैं। पुलिस ने इस मामले में दवा लेकर जा रहे एक युवक के साथ-साथ कथित मुख्य सप्लायर को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

युवक को बाइक सहित दबोचा और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुई तलाशी

डीएसपी रजत गुलिया ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि एंटी नारकोटिक सेल प्रभारी अनिल कुमार की टीम को एक गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि एक युवक बाइक पर सवार होकर प्रतिबंधित नशीली दवाएं लेकर यमुनानगर पहुंचेगा। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जगाधरी के पास नाकाबंदी कर दी। कुछ देर बाद छछरौली की ओर से एक युवक बाइक पर आता हुआ दिखाई दिया। उस युवक ने सामने पुलिस को देखकर वहां से भागने का पूरा प्रयास किया। लेकिन सतर्क पुलिस टीम ने उसका पीछा किया और उसे मौके पर ही पकड़ लिया। इसके बाद मौके पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट ईटीओ वीरेंद्र कुमार की विशेष मौजूदगी में उसकी तलाशी ली गई।

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ड्रग कंट्रोलर की रिपोर्ट से पुष्टि और अवैध दस्तावेजों की जांच

पुलिस द्वारा बरामद की गई इन सभी दवाओं की सही से जांच करवाई गई। दवाओं की जांच के लिए ड्रग कंट्रोलर डॉ. बिंदु शर्मा से एक रिपोर्ट प्राप्त की गई। पुलिस के अनुसार मौके पर बरामद की गई ये सभी दवाएं 6,000 अल्प्राजोलम गोलियां पाई गईं। पकड़े गए आरोपी के पास इन दवाओं से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज नहीं था। आरोपी पुलिस के सामने इन गोलियों के संबंध में कोई भी वैध कागजात या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

मुख्य सप्लायर की गिरफ्तारी और अस्पताल की जांच

पकड़े गए आरोपी की पहचान आजाद नगर निवासी आशु गुप्ता के रूप में हुई है। पुलिस की पूछताछ के दौरान आशु गुप्ता ने खुलासा किया कि उसने ये सभी गोलियां रामपुर खादर निवासी शैलेंद्र से ली थीं। इस अहम जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शैलेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी शैलेंद्र नत्थनपुर बस स्टैंड पर अपना एक अस्पताल चलाता है। अब पुलिस इस अस्पताल और इन दवाओं की खरीद-फरोख्त से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस रिमांड के दौरान यह पता लगाने का विशेष प्रयास किया जा रहा है कि ये प्रतिबंधित दवाएं आखिर कहां से लाई गई थीं और इन्हें आगे किस-किस को सप्लाई किया जाना था।

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