यमुनानगर में यमुना नदी में डूबी सेना की मोटर बोट, बाढ़ बचाव अभ्यास के दौरान एक जवान लापता

यमुनानगर में यमुना नदी में डूबी सेना की मोटर बोट, बाढ़ बचाव अभ्यास के दौरान एक जवान लापता

हरियाणा-हिमाचल सीमा के पास मंगलवार शाम को बाढ़ बचाव अभ्यास चल रहा था। इस दौरान सेना की मोटर बोट यमुना नदी में डूब गई। इस हादसे में सेना के चार जवान तेज बहाव की चपेट में आ गए।

तीन जवान हुए सुरक्षित बाहर

हादसे के बाद इनमें से तीन जवान करीब 600 मीटर तक तैरते रहे। ये तीनों जवान तैरकर पश्चिमी यमुना नहर के गेट से सुरक्षित बाहर निकल आए। लेकिन, इनमें से एक जवान का देर शाम तक कुछ भी पता नहीं चल सका। लापता जवान की तलाश के लिए सेना की तरफ से एक रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया है।

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प्रतापनगर थाना प्रभारी ने दी जानकारी

प्रतापनगर थाना प्रभारी रोहताश सिंह ने इस बारे में पूरी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि हथिनीकुंड बैराज क्षेत्र में 30 अगस्त से स्पेशल फोर्स का प्रशिक्षण चल रहा था। मंगलवार का दिन इस प्रशिक्षण का अंतिम दिन था। जैसे ही इस हादसे की सूचना मिली, वैसे ही हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। इसके अलावा प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य में सहायता के लिए एनडीआरएफ को भी मौके पर बुलाया

तकनीकी खराबी के कारण डूबी बोट

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम को कलेसर से नीचे और हथिनीकुंड बैराज से पहले यमुना की अपस्ट्रीम में यह अभ्यास चल रहा था। इसी दौरान हेलिकॉप्टर से जवान मोटर बोट में उतरे थे। बताया जा रहा है कि जब सभी जवान बोट में पहुंच गए, तब उस बोट में तकनीकी खराबी आ गई। तकनीकी खराबी के कारण बोट शुरू नहीं हो सकी और अचानक पानी में डूबने लगी। बोट के डूबने के बाद चारों जवान नदी में गिर गए। तेज पानी के बहाव के बीच तीन जवान पश्चिमी यमुना नहर की ओर आगे बढ़े। वे करीब 600 मीटर तक तैरे और फिर खुले गेट से बाहर निकलने में सफल हो गए।

चलाया जा रहा है तलाशी अभियान

एक जवान के नदी में नहीं मिलने के बाद तत्काल प्रभाव से तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। इस रेस्क्यू अभियान को सफल बनाने के लिए पश्चिमी यमुना नहर के गेट बंद कर दिए गए हैं और पानी की आपूर्ति को रोक दिया गया है। सेना और एनडीआरएफ की टीमें जवान की तलाश में जुटी हुई हैं। इसके अलावा प्रतापनगर और उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर क्षेत्र की पुलिस भी मौके पर पूरी तरह से मौजूद है।

सुरक्षा उपकरणों की रहती है व्यवस्था

यह बताया गया है कि इस अभ्यास में शामिल होने वाले सभी जवानों के लिए सुरक्षा उपकरणों की पूरी व्यवस्था रहती है। हालांकि, सेना की ओर से देर शाम तक इस घटना को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार मामले की जानकारी अपने उच्चाधिकारियों को भेज रहे हैं और बचाव अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं।

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