यमुनानगर में एंटी नारकोटिक सेल ने पकड़ी नशीली दवाओं की बड़ी खेप, एक युवक गिरफ्तार

यमुनानगर पुलिस की एंटी नारकोटिक सेल ने जगाधारी बस स्टैंड क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नशीली दवाओं की एक बड़ी खेप बरामद की है और एक युवक को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
बरामदगी और आरोपी की पहचान
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपी के कब्जे से 1,000 नशीले कैप्सूल और 5,200 नशीली गोलियां मिली हैं। पकड़े गए आरोपी की पहचान यमुनानगर निवासी अजय के रूप में हुई है।
पुलिस को ऐसे मिली थी सूचना
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक युवक प्रतिबंधित दवाओं की खेप लेकर बस स्टैंड के आसपास घूम रहा है। इस सूचना के आधार पर एंटी नारकोटिक सेल की टीम ने तुरंत इलाके में निगरानी शुरू कर दी। संदिग्ध युवक के नजर आने पर पुलिस ने उसे रोककर उसकी तलाशी ली। इस तलाशी के दौरान उसके पास से बड़ी संख्या में कैप्सूल और गोलियां बरामद हुईं।
हिमाचल प्रदेश के बद्दी से लाई गई थी दवाएं
जांच अधिकारी अमित कुमार के अनुसार, पूछताछ में प्रारंभिक तौर पर यह सामने आया है कि आरोपी यह दवाएं हिमाचल प्रदेश के बद्दी से लेकर आया था। पुलिस अब यह पता लगाने में पूरी तरह से जुटी है कि दवाओं की यह खेप उसे किससे मिली थी। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि यमुनानगर में इसे किन-किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
अदालत में पेश कर लिया गया रिमांड
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उसे अदालत में पेश किया है। अदालत से आरोपी को रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस दवाओं की खरीद और सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के मुताबिक अजय के खिलाफ पहले से ही तीन मामले दर्ज हैं। इनमें से एक मामला चोरी का है, जबकि दो मामले कोरोना काल में दवाओं की कथित अवैध सप्लाई से संबंधित बताए गए हैं। पुलिस पुराने मामलों के रिकॉर्ड की भी गहनता से जांच कर रही है।
आगे की कानूनी कार्रवाई
अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।