अबूझ नहीं रहेगा अबूझमाड़, नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर में पर्यटन के खुलेंगे नए द्वार : CM विष्णु देव साय

www.atalhind.com17 April 20253 min read0 viewsछत्तीसगढ़
अबूझ नहीं रहेगा अबूझमाड़, नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर में पर्यटन के खुलेंगे नए द्वार : CM विष्णु देव साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष नीलू शर्मा एवं छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्ष शशांक शर्मा के पदभार ग्रहण और अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने समारोह की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री साय ने राजकीय गमछा, पुष्प गुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंटकर दोनों अध्यक्षों का अभिनंदन किया। विशिष्ट अतिथियों और गणमान्य नागरिकों से भरे खचाखच ऑडिटोरियम में पदभार ग्रहण करने के बाद दोनों नवनियुक्त अध्यक्षों को सभी लोगों ने बधाई और शुभकामनाएं दीं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप तथा खाद्य मंत्री दयालदास बघेल भी समारोह में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पदभार ग्रहण और अभिनंदन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सरगुजा से लेकर बस्तर तक पर्यटन की अपार संभावना है। राज्य में डबल इंजन की सरकार के प्रभावी कदमों से बस्तर में नक्सलवाद अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है। नक्सलवाद के खात्मे के बाद वहां पर्यटन के नए द्वार खुलेंगे। अबूझमाड़ भी अबूझ नहीं रहेगा। वहां भी विकास की रोशनी पहुंचेगी। पर्यटन के क्षेत्र में राज्य का भविष्य उज्जवल है। इसमें रोजगार की भी बहुत संभावना है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि दोनों नवनियुक्त अध्यक्षों के नेतृत्व में राज्य में पर्यटन और साहित्य का विकास नए शिखरों को छुएगा।

छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने समारोह में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की जैव विविधता और ऐतिहासिक धरोहर बेमिसाल हैं। पर्यटन की दृष्टि से यहां की ये दोनों खासियतें अभी तक ‘अनएक्सप्लोर्ड’ (Unexplored) हैं। नक्सलवाद की समाप्ति के बाद अब बस्तर भी जल्दी ही पर्यटन के लिए पूरी तरह खुल जाएगा। यह हिंदुस्तान का सबसे बड़ा टूरिस्ट डेस्टिनेशन (Tourist Destination) बन सकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के जंगल बेहद मोहक हैं। यहां से बेहतर जंगल और कहीं नहीं हैं। राज्य में हर तरह की कनेक्टिविटी (Connectivity) बढ़ रही है। पर्यटन के विकास में इसका बहुत लाभ मिलेगा।

AtalHind की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में पर्यटन का क्षेत्र काफी संभावनाओं से भरा हुआ है। सरकार ने यहां पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया है। इससे इस क्षेत्र के विकास को और गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दो ऊर्जावान युवाओं को महती जिम्मेदारी मिली है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा की अगुवाई में यहां पर्यटन का तेजी से विकास होगा। छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्ष शशांक शर्मा साहित्य के जानकार हैं और वे लगातार इस क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। उनके अनुभवों का लाभ राज्य और अकादमी को मिलेगा। भरोसा है कि दोनों के सक्षम नेतृत्व में इन दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम होंगे।

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष नीलू शर्मा ने खुद को दी गई बड़ी जिम्मेदारी के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मेरे लिए नई चुनौती और नया अवसर है। छत्तीसगढ़ को देश-दुनिया में पहचान दिलाने का सौभाग्य मिल रहा है। यहां के पर्यटन स्थलों को सजाने-संवारने का काम करेंगे। पर्यटन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली गतिविधियों को धरातल पर उतारेंगे।

छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्ष शशांक शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य का क्षेत्र बहुत विराट क्षेत्र है। साहित्य भी विकास की एक धारा है। अन्य क्षेत्रों की तरह कला, संस्कृति और साहित्य का विकास भी जरूरी है। छत्तीसगढ़ साहित्य के क्षेत्र में पूरे देश में जाना जाता रहा है। यहां के साहित्यकारों ने देशभर में नाम कमाया है। राजनांदगांव का इसमें बहुत योगदान है। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विश्वास पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे। यहां के साहित्य और साहित्यकारों का संरक्षण-संवर्धन करेंगे।

संस्कृति विभाग के संचालक और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने समारोह की शुरूआत में स्वागत भाषण और प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। सासंद सर्वश्री बृजमोहन अग्रवाल, संतोष पाण्डेय एवं विजय बघेल सहित अनेक विधायक और विभिन्न निगमों, मंडलों तथा आयोगों के अध्यक्ष भी पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए।

Share:

Comments

Leave a comment