कैथल के डॉक्टर नीलम कक्कड़ और डॉक्टर बीबी कक्कड़ के खिलाफ 18 साल बाद एफआईआर दर्ज करने के आदेश

www.atalhind.com12 August 20212 min read0 viewsकैथल

कैथल के डॉक्टर नीलम कक्कड़ और डॉक्टर बीबी कक्कड़ के खिलाफ 18 साल बाद एफआईआर दर्ज करने के आदेश

कैथल (अटल हिन्द/राजकुमार अग्रवाल )कैथल की अदालत ने 18 साल पहले के एक मामले में दो चिकित्सकों द्वारा न्यायाधीश के फर्जी हस्ताक्षर करने के आरोप में कैथल के सरकारी अस्पताल में कार्यरत दंपत्ति डॉक्टर नीलम कक्कड़ और डॉक्टर बीबी कक्कड़ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं।

गौरतलब है कि 2003 में दंपती डॉक्टर का ट्रांसफर कैथल से गु़ड़गांव हुआ था परंतु दोनों ने वहां ज्वाइन न करके उस समय कैथल कोर्ट और गुहला की कोर्ट में केस संबंधित गवाही दिखाते रहे और अपनी ड्यूटी ज्वाइन नहीं की। इतना ही नहीं डॉक्टर दंपती द्वारा कोर्ट के फर्जी अटेंडेंस सर्टिफिकेट बना कर गलत तरीके से टीए व डीए बीभी  लिया गया जबकि जिन अदालतों  का अटेंड सर्टिफिकेट दिया हुआ है उन कोर्ट के 4 जजों ने अपने कार्यालय के पत्र द्वारा खुद लिखकर दिया है कि निम्न दिनांकों को उपरोक्त दंपती डॉक्टर हमारी कोर्ट में पेश नहीं हुए और न ही हमारी कोर्ट में ऐसा कोई केस पेंडिंग है।

  दिसंबर 2020 में जैसे ही इसकी जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता जयपाल को लगी तो उसने उसी समय आरटीआई के तहत दस्तावेज इकट्ठे किए और इसकी शिकायत कैथल के सेशन कोर्ट व पुलिस अधीक्षक कैथल तथा सीएम विंडो पर थी। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जिला सेशन कोर्ट कैथल ने इस शिकायत को आगामी कार्रवाई के लिए महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा को भेज दिया था।

वहीं दूसरी तरफ कैथल पुलिस द्वारा आज तक कोई भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी और शिकायत निराधार मानते हुए दफ्तर दाखिल कर दिया था। उसके बाद जयपाल ने डॉक्टरों पर एफआईआर दर्ज करवाने व उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही करवाने के लिए कैथल न्यायालय में एक याचिका दायर की जिसमें न्यायालय ने जयपाल की शिकायत को सही मानते हुए संबंधित थाने को दोनों डॉक्टरों के खिलाफ जजों के फर्जी साइन करने के मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं।  हैरान करने वाली बात यह है कि स्वयं जजों द्वारा लिखे गए पत्रों के बाद भी उक्त दंपती पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।

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