गैंगस्टर के जेल इंटरव्यू मामले में नया मोड़, Punjab Police के इन 7 कर्मचारियों…

www.atalhind.com19 April 20252 min read0 viewsपंजाब
गैंगस्टर के जेल इंटरव्यू मामले में नया मोड़, Punjab Police के इन 7 कर्मचारियों…

कुख्यात गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई के जेल इंटरव्यू मामले में नया मोड़ आया है। दरअसल, इस मामले में पंजाब पुलिस के 7 कर्मियों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार, एजीडीपी एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स निलभ किशोर व सरकारी वकील द्वारा मांगी गई परमिशन के बाद मोहाली कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। इसके चलते पंजाब पुलिस के 7 कर्मियों का पॉलीग्राफ (Lie Detector) टेस्ट कराया जाएगा।

क्या है पॉलीग्राफ (Lie Detector) टेस्ट :

बता दें कि, इस टेस्ट को झूठ डिटेक्टर टेस्ट के नाम से भी जाना जाता है। अगर किसी व्यक्ति से कोई सवाल पूछा जाता तो उसको एक उपकरण लगाया जाता है, जिससे व्यक्ति के शरीर की प्रतिक्रियां मापी जाती है। इस दौरान सवाल पूछने पर व्यक्ति की हार्ट रेड, श्वास, ब्लड प्रेशर व त्वचा की चालकता के संकेत को रिकार्ड किया जाता है। इस दौरान अगर कोई व्यक्ति झूठ बोलता है तो उसका पता चल जाता है।

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पंजाब पुलिस के जिन पुलिस कर्मियों का पॉलीग्राफ टेस्ट होगा उसमें सब इंस्पेक्टर जगतपाल जग्गू, ASI मुख्तियार सिंह, कांस्टेबल सिमरनजीत सिंह, कांस्टेबल हरप्रीत सिंह, कांस्टेबल बलविंदर सिंह, कांस्टेबल सतनाम सिंह, कांस्टेबल अमृतपाल सिंह शामिल हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस टेस्ट के लिए 6 पुलिस कर्मियों ने स्वैच्छिक सहमति दी है। बता दें कि ये वैज्ञानिक जांच के तहत ये टेस्ट तभी हो सकता जब व्यक्ति की सहमति हो अन्यथा ये टेस्ट नहीं ले सकते। सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियों को शक है कि, जेल के अंदर सुरक्षा व्यवस्था खराब तो नहीं और जेल के अंदर मिलीभगत से लॉरेंस बिश्नोई को मीडिया के सामने लाया गया है। पॉलीग्राफ टेस्ट से सच सामने आने की संभावना है।

क्या है मामला

गौरतलब है कि कुछ समय पहले भारत के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस का निजी चैनल को दिया गया इंटरव्यू वायरल हुआ था। लॉरेंस बिश्नोई का इंटरव्यू वायरल होने के बाद पंजाब पुलिस हरकत में आ गई, क्योंकि उस समय लॉरेंस पंजाब जेल में था। इस घटना के बाद पंजाब पुलिस को आलोचना का सामना करना पड़ा, जबकि पंजाब पुलिस का कहना है कि लॉरेंस का इंटरव्यू पंजाब की जेल से नहीं, बल्कि उसकी पुरानी जेल से था।  इस मामले मे 6 पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड भी किया गया था, जिन्हें लॉरेंस बिश्नोई इंटरव्यू मामले में दोषी पाया गया। क्योंकि तब लॉरेंस पुलिस स्टेशन खरड़ में बंद था। आपको बता दें कि,  सस्पेंड किए गए अधिकारियों में समरन वनीत पीपीएस डीएसपी, सब इंस्पेक्टर रीना सीआईए खरड़, सब इंस्पेक्टर एलआर जगतपाल जग्गू एजीटीएफ, सब इंस्पेक्टर एलआर शगनजीत सिंह, एएसआई मुख्तियार सिंह, एचसी ओम प्रकाश शामिल थे।

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