देवास में एक साथ जलीं 18 चिताएं, घाट पर रो पड़ा पूरा गांव; पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में गई थी जान

www.atalhind.com3 April 20252 min read0 viewsभारत
देवास में एक साथ जलीं 18 चिताएं, घाट पर रो पड़ा पूरा गांव; पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में गई थी जान

गुजरात के बनासकांठा जिले के दिसा में 1 अप्रैल को सुबह 8 बजे एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट हुआ. इस हादसे में 20 लोगों की मौत हो गई. वहीं कई लोग घायल हो गए. मरने वालों में से 18 की पहचान हो गई है, जिनमें से 8 हरदा और 10 देवास जिले (मध्य प्रदेश) के निवासी थे. दो शवों की हालत इतनी खराब थी कि उनकी पहचान डीएनए टेस्ट से की जाएगी. इस बीच आज गुरूवार को हरदा और देवास जिले के मृतक मजदूरों का एक साथ अंतिम संस्कार देवास में हुआ है.

गुजरात के बनासकांठा के पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट हादसा में देवास और हरदा के 18 मजदूरों की मौत दर्दनाक मौत हो गई थी. इन शवों का आज गुरुवार को नेमावर के नर्मदा घाट पर एक साथ अंतिम संस्कार किया गया है. मध्य प्रदेश सरकार के निर्देश पर मृतक के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक राशि प्रदान करने की भी घोषणा कर दी गई है. मंगलवार सुबह 8 बजे हुए हादसे में 20 लोगों की मौत हुई थी. इनमें 8 लोग हरदा और 10 देवास जिले के थे.

दो शवों की नहीं हुई पहचान

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इनमें 5 से 8 साल तक के बच्चे भी हैं. फिलहाल, इस पूरे हादसे में अब तक दो के शव की पहचान नहीं हो पाई हैं. जिनकी पहचान अब डीएनए टेस्ट से की जाएगी. मृतकों में एक मां और उसके तीन बेटे भी शामिल हैं. चाचा-भतीजे की जोड़ी भी इस हादसे में खो गई. हादसे में जान गंवाने वाले देवास के 10 मजदूरों के शव पहले उनके पैतृक गांव संदलपुर पहुंचे थे. वहां से अंतिम दर्शन के बाद उन्हें नेमावर घाट लाया गया था.

इलाके में पसरा मातम

वहीं, हरदा के हंडिया के 8 लोगों के शव गुजरात से सीधे नेमावर घाट लाए गए. अंतिम संस्कार के दौरान स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे. घटना के बाद से ही पूरे इलाके में मातम का माहौल है. लोगों की आंखें नम हैं. पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है.

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