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भारत की सभी प्रमुख राष्ट्रीय ख़बरें, केंद्र सरकार की नीतियां, देश की राजनीति, सुरक्षा और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे।






पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा में भगदड़: 2 श्रद्धालुओं की मौत, 300 से ज्यादा घायल
पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा में भगदड़: दो श्रद्धालुओं की मौत, सैकड़ों घायल पूरी /16 जुलाई 2026 /एजेंसी पुरी: जगन्नाथ रथ यात्रा के पहले दिन गुरुवार को पुरी के ग्रैंड रोड (बड़ा डंडा) पर भक्तों की भारी भीड़ में भगदड़ मच गई। इस हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 200 से अधिक लोग

नफरती भाषण मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले की समीक्षा की मांग की वृंदा करात ने
वृंदा करात ने सुप्रीम कोर्ट के नफरती भाषण फैसले की समीक्षा की मांग की, अनुराग ठाकुर-प्रवेश वर्मा को दी गई क्लीन चिट पर सवाल साभार : लाइव लॉ। रिपोर्ट : गुरसिमरन कौर बख्शी, अंग्रेजी से अनुवाद : संजय पराते सीपीआई (एम) नेता वृंदा करात ने सुप्रीम कोर्ट में 29 अप्रैल के उस फ़ैसले की समीक्षा

क्या भारत दिवालिया हो रहा है? भारतीय अर्थव्यवस्था का कड़वा सच
दिवालियापन की ओर बढ़ता भारत? भारतीय अर्थव्यवस्था का कड़वा, निष्पक्ष और आंकड़ों पर आधारित सच क्या भारत दिवालिया हो रहा है? भारतीय अर्थव्यवस्था का कड़वा सच विशेष रिपोर्ट/लेखक: राजकुमार अग्रवाल/ प्रकाशन तिथि: 05 जुलाई 2026 / नैरेटिव बनाम जमीनी हकीकत भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर वर्तमान समय में जनमानस, म

इमरजेंसी का पाखंड और माफीनामे: संघ के ‘शौर्य’ का काला सच
इमरजेंसी और माफी का खेल: सत्ता के गलियारों में छिपे इतिहास का सच मुखौटों के पीछे अपनी असलियत छिपाना और दूसरों की महानता के साये में अपना अस्तित्व तलाशना संघ और उसके अनुषंगी संगठनों का स्थाई चरित्र रहा है। सौ वर्षों की लंबी यात्रा में शून्य उपलब्धियों के बोझ तले दबे इस संगठन के पास

सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है” यह भारतीय लोकतंत्र का एक बुनियादी सिद्धांत है।
भूमि अधिकार, लोकतंत्र और विकास: भूमि अधिग्रहण में संविधान, नागरिक अधिकार और सरकार की जवाबदेही पर गहन विश्लेषण भारत में जब भी किसी राजमार्ग, औद्योगिक कॉरिडोर, खनन परियोजना या ‘विकास’ के नाम पर जमीन का अधिग्रहण होता है, तो एक सवाल पूरे देश में गूँज उठता है: आखिर इस जमीन का असली मालिक कौन है?

पुलिसकर्मियों का मानसिक तनाव वर्दी के पीछे छिपे दर्द को समझना जरूरी
थकी हुई वर्दी, टूटता हुआ मन किसी भी देश की कानून-व्यवस्था का सबसे दृश्यमान चेहरा पुलिस होती है। जब कोई अपराध होता है, दुर्घटना घटती है, दंगा भड़कता है, प्राकृतिक आपदा आती है या किसी नागरिक को तत्काल सहायता की आवश्यकता होती है, तो सबसे पहले पुलिस ही सामने दिखाई देती है। समाज उससे हर

खाकी, कट्टा और कुर्सी भारत में पुलिस-माफिया साठगांठ का काला इतिहास
व्यवस्था का सबसे बड़ा नासूर खाकी, कट्टा और कुर्सी: भारत के प्रशासनिक इतिहास का वो ‘अंधेरा त्रिकोण’ जिसने लोकतंत्र को खोखला कर दिया लेखक: राजकुमार अग्रवाल (संपादक, राष्ट्रीय हिंदी दैनिक ‘अटल हिन्द कानून के रक्षक या जरायम के सह-लेखक?जब किसी देश का आम नागरिक असुरक्षित महसूस करता है, तो वह न्याय की आस म

पाकिस्तान का खौफनाक सच: बच्चों को ‘आत्मघाती बमवर्षक’ बनाने की साजिश का पर्दाफाश
उच्च शिक्षित, कुशाग्र बुद्धि वाले भारतीय नौजवानों की तलाश में पाकिस्तानी गुप्तचर एजेंसी पाकिस्तान की प्रसिद्ध मासिक पत्रिका ‘हेराल्ड’ के अनुसार पाकिस्तानी आतंकी संगठन आत्मघाती हमलावर बनाने के लिए बच्चों और किशोरों की बड़े पैमाने पर खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। इतना ही न

15 दस्तावेज जमा करने के बावजूद असम के व्यक्ति को विदेशी घोषित, गौहाटी हाईकोर्ट ने फैसला बरकरार रखा
असम: 15 दस्तावेज़ों के बावजूद हाईकोर्ट ने व्यक्ति को ‘विदेशी’ घोषित करने का फैसला बरकरार रखा असम: 15 दस्तावेज़ों के बाद भी हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को माना ‘विदेशी’ नागरिकता का प्रमाण: 15 दस्तावेज़ पेश करने के बावजूद नहीं मिली राहत, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला नई दिल्ली | 3 जुलाई, 2026|अटल हिन्द ब्यूरो ग

चंबल घाटी के प्रमुख डकैतों की सूची
चंबल के कुख्यात डकैत: एक ऐतिहासिक सिंहावलोकन चंबल घाटी के प्रमुख डकैतों की सूची (ऐतिहासिक)चंबल घाटी (राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश) के बीहड़ों में 20वीं सदी के मध्य से 2000 के दशक तक डकैतों का आतंक रहा। नीचे कुछ सबसे चर्चित और खूंखार डकैतों की सूची दी गई है (कालानुक्रमिक/प्रमुखता के आधार पर)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)आंतकी संगठन नहीं तो हथियारों का जखीरा और फंडिंग कहा से आया
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS): विचार, इतिहास, कार्यप्रणाली और समकालीन विवादों का विस्तृत विश्लेषण भारत सरकार की प्रतिबंधित संगठनों की सूची (जैसे सिमी, पीएफआई या लश्कर-ए-तैयबा) में आरएसएस का नाम शामिल नहीं है। लेखक: राजकुमार अग्रवाल (वरिष्ठ पत्रकार, चिंतक एवं राजनीतिक विचारक) समकालीन भारतीय राजनीति

भारतीय पुलिस के बढ़ते अत्याचार: आंकड़े, कानून और संवैधानिक सच्चाई
थाने में मौत और एनकाउंटर का खौफ: जानिए क्या कहता है संविधान और आपके अधिकार? पुलिस जनता की नौकर है, नेताओं की नहीं लेखक: राजकुमार अग्रवाल/दिनांक: 23 जून 2026 प्रकाशन: अटल हिन्द सम्पादकीय प्रस्तावना: वर्दी का खौफ और कराहती न्याय-व्यवस्था आज स्वतंत्र भारत के नागरिकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि जि

20 जून और पश्चिम बंगाल का निर्माण: श्यामा प्रसाद मुखर्जी को संस्थापक बताना कितना सही?
विभाजन, राजनीति और 20 जून : क्या श्यामा प्रसाद मुखर्जी पश्चिम बंगाल के संस्थापक हैं? पश्चिम बंगाल का विभाजन: एक ऐतिहासिक त्रासदी या राजनीतिक नैरेटिव? हाल के वर्षों में, 20 जून को ‘पश्चिम बंगाल दिवस’ के तौर पर स्थापित करने और श्यामा प्रसाद मुखर्जी को पश्चिम ब

रंगा-बिल्ला कांड 1978: गीता-संजय चोपड़ा की पूरी दर्दनाक कहानी
1978 का वह खौफनाक रंगा-बिल्ला कांड: गीता-संजय चोपड़ा की शहादत, अपराध का क्रूरतम चेहरा और ‘राख’ वेब सीरीज के जरिए 48 साल बाद फिर जिंदा हुआ एक राष्ट्रीय जख्म 1978 का वह खौफनाक रंगा-बिल्ला कांड: एक विस्तृत संपादकीय विश्लेषण चंडीगढ़ /22 जून 2026 / अटल हिन्द रिपोर्ट/राजकुमार अग्रवाल भारतीय आपराधिक

हिंदू राज्य और एकाधिकार पूंजी: प्रभात पटनायक का तीखा विश्लेषण
हिंदू राष्ट्र का क्या अर्थ है? हिंदू राज्य, जैसा कि इसके नाम से प्रतीत होता है, एकाधिकार पूंजी की तानाशाही के अलावा और कुछ नहीं है, जिसे मोदी बेशर्मी से बढ़ावा दे रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का उद्देश्य भारत में एक हिंदू राज्य की स्थापना

तिरुवल्लूर में अमोनिया गैस रिसाव से बड़ा हादसा, 7 मजदूरों की मौत, 40 से अधिक अस्पताल में भर्ती
दोपहर करीब 1 बजे फैक्ट्री में काम चल रहा था, तभी अचानक अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हो गया। कुछ ही मिनटों में वहां मौजूद कर्मचारी बेहोश होने लगे और फैक्ट्री में अफरा-तफरी मच गई। तिरुवल्लूर (तमिलनाडु)/21 जून 2026 अटल हिन्द ब्यूरो /एजेंसी तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में रविवार दोपहर एक दर्दनाक औद्योगिक ह

मल्लखंभ: भारत की प्राचीन खेल विरासत, जिसे दुनिया ने अपनाया लेकिन देश में अब भी पहचान की तलाश
मल्लखंभ: भारत का प्राचीन एवं कठिनतम खेल कुमार कृष्णन -विनायक फीचर्स मल्लखंभ भारत की प्राचीनतम और सबसे कठिन शारीरिक कलाओं में से एक है।भारत के सबसे प्राचीन पारंपरिक खेलों में से मल्लखंभ ताकत, लचीलापन, संतुलन और मानसिक दृढ़ता का अनोखा संगम है। इस कला में खिलाड़ी हवा में योग और जिम्नास्टिक के करतब एक

मोदी ‘पीएम नंबर वन’ या राजनीतिक नैरेटिव?
पीएम, पीएम, पीएम नंबर वन! : अब बोलें, क्या कहते हैं बात-बात में और बहुत बार तो बिना बात के ही, नेहरू जी के देश का पहला प्रधानमंत्री होने की याद दिलाने वाले। मोदी जी ने इंदिरा जी तो इंदिरा जी, उनके बाप को भी आखिरकार पछाड़ ही दिया। नेहरू

अब गांधीजी का रिकॉर्ड तोड़ने की धुन!
क्या नरेंद्र मोदी गांधीजी का रिकॉर्ड तोड़ पाएंगे? विष्णु नागर का तीखा राजनीतिक व्यंग्य इंदिरा गांधी से भी अधिक समय तक लगातार प्रधानमंत्री बने रहने का रिकॉर्ड मोदी जी तोड़ चुके हैं। दावा उनका यह भी है कि उन्होंने इस रेस में जवाहरलाल नेहरू को भी पीछे छ