मानवाधिकारों का उल्लंघन करने वाली निगरानी तकनीकों पर लगाम लगाएं सरकारें: मानवाधिकार प्रमुख

Atal Hind18 July 20212 min read0 viewsभारत
मानवाधिकारों का उल्लंघन करने वाली निगरानी तकनीकों पर लगाम लगाएं सरकारें: मानवाधिकार प्रमुख

मानवाधिकारों का उल्लंघन करने वाली निगरानी तकनीकों पर लगाम लगाएं सरकारें: मानवाधिकार प्रमुख
संयुक्त राष्ट्र/जिनेवा: ()संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने दुनियाभर में पत्रकारों, मानवाधिकार रक्षकों, राजनेताओं की जासूसी करने के लिए पेगासस स्पायवेयर के उपयोग को ‘बेहद चिंताजनक’ बताते हुए सोमवार को सरकारों से उनकी उन निगरानी तकनीकों पर तत्काल लगाम लगाने का आह्वान किया, जिनसे मानवाधिकारों का उल्लंघन होता हो.

Governments should crack down on surveillance techniques that violate human rights: Human rights chief

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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बैचलेट ने एक बयान में कहा, ‘विभिन्न देशों में पत्रकारों, मानवाधिकार रक्षकों, राजनेताओं और अन्य लोगों की जासूसी करने के लिए पेगासस स्पायवेयर के उपयोग के बारे में खुलासे बेहद चिंताजनक हैं और लोगों के मानवाधिकारों को अवैध रूप से कमजोर करने के लिए निगरानी तकनीक के संभावित दुरुपयोग के बारे में कुछ सबसे खराब आशंकाओं की पुष्टि करते प्रतीत होते हैं.’

उन्होंने कहा, ‘मेरे अपने कार्यालय सहित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रणाली के विभिन्न हिस्सों ने वैध पत्रकारिता गतिविधियों का संचालन करने वाले, मानवाधिकारों की निगरानी या असहमति या राजनीतिक विरोध व्यक्त करने वाले लोगों के फोन और कंप्यूटर को हैक करने के लिए सार्वजनिक सुरक्षा को बढ़ावा देने वाले विभिन्न स्रोतों से निगरानी उपकरणों का उपयोग करने वाले अधिकारियों के खतरों के बारे में बार-बार गंभीर चिंता जताई है.’

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने कहा कि पत्रकार और मानवाधिकार रक्षक हमारे समाज में एक अनिवार्य भूमिका निभाते हैं और जब उन्हें चुप कराया जाता है, तो हम सभी पीड़ित होते हैं निशाना बनाने के लिए चुने गए नामों में 40 से ज्यादा पत्रकार, तीन प्रमुख विपक्षी नेताओं, एक संवैधानिक प्राधिकारी, नरेंद्र मोदी सरकार में दो पदासीन मंत्री, सुरक्षा संगठनों के वर्तमान और पूर्व प्रमुख एवं अधिकारी और बड़ी संख्या में कारोबारियों के नाम शामिल हैं.दुनियाभर में पेगासस की बिक्री करने वाली इजरायली कंपनी एनएसओ ग्रुप का कहना है कि इसके ग्राहक ‘प्रमाणित सरकारों’ तक सीमित हैं.

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