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केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत के समर्थकों को “खटक” गई जन आशीर्वाद यात्रा

इंदरजीत समर्थकों ने जन आशीर्वाद यात्रा को साजिश करार दिया।
इंद्रजीत समर्थकों ने अखबारों में विज्ञापन देकर जन आशीर्वाद यात्रा पर किया प्रहार
भूपेंद्र यादव और मनोहर लाल खट्टर को बताया बदहवास चेहरे

रेवाड़ी। अहीरवाल में 2 दिन से चल रही केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की जन आशीर्वाद यात्रा दूसरे केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत के समर्थकों को “खटक” गई है।
उन्हें यह यात्रा राव इंद्रजीत के खिलाफ साजिश नजर आ रही है। इंद्रजीत समर्थकों ने राव इंदरजीत विचार मंच के नाम से एक हिंदी दैनिक में पूरे पेज का विज्ञापन देकर आशीर्वाद यात्रा पर करारा प्रहार करते हुए उसे “साजिश” करार दिया है।


इतना ही नहीं इस विज्ञापन में मुख्यमंत्री और भूपेंद्र यादव को बदहवास करार दिया है। इंद्रजीत समर्थकों को यह लग रहा है कि यह यात्रा सिर्फ और सिर्फ उनके नेता का कद नीचा करने के लिए की गई है।
पूरे अहीरहाल में इंद्रजीत समर्थकों को यह एहसास हो रहा है कि एक सोची-समझी प्लानिंग के तहत यह यात्रा निकाली जा रही है जिसमें मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की शह पर राव इंद्रजीत के खिलाफ माहौल तैयार किया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को 54 जगह पर स्वागत किया जाना भी इंद्रजीत समर्थकों को नागवार गुजरा है। इसलिए वे इस यात्रा से गुस्सा गए हैं और उसकी खिलाफत में मीडिया में यह विज्ञापन जारी किया है।
बात यह है कि कांग्रेस से भाजपा में जाने के 7 साल बाद भी राव इंद्रजीत भाजपा में पूरी तरह से रम नहीं पाए हैं। भाजपा भी पूरी तरह उन्हें अभी तक अपना नहीं पाई है।
भाजपा यह चाहती थी कि राव इंदरजीत सिर्फ उसके सिस्टम की सियासत करें लेकिन इंद्रजीत ने सरेंडर किए जाने के बजाय अपने तरीके की सियासत को कायम रखा है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ भी राव इंद्रजीत सिंह का 36 का आंकड़ा रहना भाजपा को अपनी सियासी सेहत के लिए ठीक नहीं लग रहा है‌
यही कारण है कि पिछली चार सरकारों से केंद्र में मंत्री बने आ रहे इंद्रजीत को अभी भी राज्य मंत्री के पद पर रखा गया है जबकि भूपेंद्र यादव को पहली बार में ही हैवीवेट कैबिनेट मंत्री बना दिया गया है।
इंद्रजीत समर्थकों को साफ साफ लग रहा है कि कि उनके नेता को काटने के लिए ही भूपेंद्र यादव को विकल्प के तौर पर भाजपा प्रोजेक्ट कर रही है।
भूपेंद्र यादव के स्वागत के लिए निकाली जा रही जन आशीर्वाद यात्रा इंदरजीत समर्थकों को पूरी तरह से अपने नेता के खिलाफ बड़ी सियासी साजिश नजर आ रही है। इसलिए इंद्रजीतर के समर्थकों ने इस यात्रा का बहिष्कार किया है। इंद्रजीत समर्थक विधायकों को मजबूरी में यात्रा का हिस्सा बनना पड़ा लेकिन इंद्रजीत के दूसरे कट्टर समर्थकों ने इस यात्रा से किनारा रखा।
भूपेंद्र यादव की जन आशीर्वाद यात्रा से अहीरवाल भाजपा में खलबली मच गई है और पूरी भाजपा इंद्रजीत समर्थक और इंद्रजीत विरोधी खेमे में बंट गई है। अब देखना यही है कि इस तनातनी का भाजपा को फायदा होता है या नुकसान पहुंचता है। यह बात तय है कि इस यात्रा से इंद्रजीत समर्थकों के मन में भाजपा की सोच को लेकर कई तरह की शंकाएं और सवाल खड़े हो गए हैं।

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