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किसानों को ट्यूबवेल के लिए बिजली कनेक्शन में देरी के लिए सरकार को नोटिस

किसानों को ट्यूबवेल के लिए बिजली कनेक्शन में देरी के लिए सरकार को नोटिस

हरियाणा प्रोग्रेसिव फार्मर यूनियन की तरफ से एडवोकेट प्रदीप रापडिया ने नोटिस में कहा कनेक्शन लेने की  प्रक्रिया को भी हिंदी भाषा में लोगों को नहीं बताया जा रहा !

 

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चंडीगढ़: (ATAL HIND)- हरियाणा सरकार की ओर से किसानों ट्यूबवेल के लिए बिजली कनेक्शन देने में देरी का मामला गर्माता जा रहा है । हरियाणा प्रोग्रेसिव फार्मर यूनियन व कैथल जिले के कुछ किसानों ने एडवोकेट प्रदीप रापडिया में माध्यम से सरकार को लीगल नोटिस भिजवाया है । लीगल नोटिस ने रापडिया ने कहा है कि किसानों ने कई सालों से कनेक्शन के पैसे जमा करवाए हुए हैं लेकिन 3 साल भी ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी किसानों को बिजली कनेक्शन मिलने का इंतजार है। किसानों को फसल सिंचाई में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

लीगल नोटिस

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नोटिस में कहा गया है कि समय पर ट्यूबवेल के लिए बिजली कनेक्शन में देरी होने से किसानों के खेती करने के व जीने के मौलिक अधिकार की अवहेलना हो रही है । नोटिस में सूचना के अधिकार का हवाला देते हुए कहा गया है कि कनेक्शन लेने की  प्रक्रिया को भी हिंदी भाषा में लोगों को नहीं बताया जा रहा और लोग सरकार की नीतियों के बारे में अनभिज्ञ हैं । सूचना के अधिकार के तहत लोगों के बिना आर.टी.आई दायर किए है सरकार की नीतियों से सम्बंधित सूचना लोगों की समझे जाने वाली भाषा में देनी होती है और ये सूचना मुनादी करवाके, माइक से, अखभारों में विज्ञापन देकर आदि तरीकों से जनता तक पहुंचानी होती है । लेकिन हरियाणा के बिजली वितरण निगम ने सिर्फ अंग्रेजी में एक दो पत्र निकालकर इतिश्री कर ली है । सरकार का रवैया इस मामले में बहुत  लचर है । सरकार किसानों को प्रताड़ित करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही है। अगर किसानों की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो मज़बूरी में किसानों को हाई कोर्ट की शरण लेनी पड़ेगी।

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