
मोहन भागवत का न्यूयॉर्क प्रहसन: विवेकानंद-टू बनने गए, पाखंडी नंबर वन बनकर लौटे
न्यूयॉर्क में मोहन भागवत ने हिंदू की उदार परिभाषा दी, लेकिन देश में हिंसा, मतदाता सूची से नाम कटना और मनुस्मृति बचाव जारी। आरएसएस के मेकओवर की कोशिश पर लोकलहर का तीखा विश्लेषण।










