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1810 एकड़ जमीन के मुद्दे पर   महिलाओं की सहमति के बिना नहीं होगा कोई फैसला,इच्छा मृत्यु मांगी ,धरना 158 वें दिन जारी 

1810 एकड़ जमीन के मुद्दे पर   महिलाओं की सहमति के बिना नहीं होगा कोई फैसला,इच्छा मृत्यु मांगी ,धरना 158 वें दिन जारी
मानेसर तहसील के सामने सीएम-सरकार की सद्बुद्धि के लिए हवन यज्ञ
हवन यज्ञ में आहुति डालने पहुंचे पटौदी के एमएलए एडवोकेट जरावता
एमएलए जरावता का दावा फैसले का फाइनल ड्राफ्ट हो रहा है तैयार
अटल हिन्द ब्यूरो /फतह सिंह उजाला
issue of 1810 acres of land,
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मानेसर /पटौदी । महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को इच्छा मृत्यु की इजाजत का  ज्ञापन, किसान और किसान हितैषी पीएम मोदी के नाम सौंपा गया ज्ञापन, इसके अलावा घंटों पुलिस में हिरासत रहने के बावजूद भी मानेसर नगर निगम और मानेसर सब डिवीजन (Manesar Municipal Corporation and Manesar Sub Division)के प्रभावित किसान और किसान परिवारों के हौसले अपनी अपनी जमीन को बचाने के लिए बुलंद हैं । भारतीय सनातन संस्कृति ने हवन-यज्ञ और इस मौके पर देवी देवताओं का आह्वान कर अर्पित की जाने वाली आहुतियों के समय उच्चारण किए जाने वाले बीज मंत्र बहुत ही शक्तिशाली और प्रभावशाली माने गए हैं। अंततः मानेसर तहसील के सामने किसान बचाओ-जमीन बताओ कमेटी के तत्वावधान में 158 वें दिन भी लगातार धरना प्रदर्शन जारी है ।
इसी मौके पर किसान बचाओ-जमीन बचाओ संघर्ष कमेटी के द्वारा हरियाणा की गठबंधन सरकार और सरकार के मुखिया सीएम मनोहर लाल खट्टर को परम पिता परमेश्वर के माध्यम से सद्बुद्धि उपलब्ध करवाने के दृष्टिगत हवन यज्ञ का आयोजन कर आहुतियां अर्पित की गई । इस मौके पर विशेष रूप से पटौदी के एमएलए और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सचिव एडवोकेट सत्य प्रकाश जरावता भी शामिल रहे। जमीन बचाने के धरने के दौरान किए गए धार्मिक अनुष्ठान के मौके पर बड़ी संख्या में प्रभावित परिवारों की महिलाएं मौजूद रही और इनके द्वारा विशेष तौर से सीएम मनोहर लाल खट्टर को परमपिता परमेश्वर के द्वारा जमीन के मामले को सुलझाने के लिए सद्बुद्धि उपलब्ध करवाने के दृष्टिगत आहुतियां अर्पित की गई ।
issue of 1810 acres of land,
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हवन यज्ञ अनुष्ठान समापन के उपरांत मौके पर मौजूद प्रभावित परिवारों की महिलाओं के द्वारा दो टूक शब्दों में कहा गया कि अब जमीन बचाने और अपनी आने वाली पीढ़ी के भरण-पोषण के लिए महिलाओं ने कमान संभाल ली है । अभी तक जो भी बातचीत हुई है , उसमें केवल और केवल पुरुष ही शामिल रहे हैं । जबकि बहुत सी जमीन महिलाओं के नाम भी है , ऐसे में महिला शक्ति के द्वारा फैसला किया गया है कि अब जो भी कुछ 1810 एकड़ जमीन ( issue of 1810 acres of land)के मामले को लेकर सरकार से बातचीत होगी। प्रतिनिधिमंडल में महिलाएं शामिल रहेंगी और महिलाओं की मौजूदगी  मे हीं बातचीत के बाद अंतिम फैसला स्वीकार्य होगा । अन्यथा 30 अक्टूबर को पूर्व घोषणा के मुताबिक अब कासन और आसपास के गांव की महिला शक्ति अपना दुर्गा स्वरूपा रूप लेकर आर पार की लड़ाई लड़ने का संकल्प हवन यज्ञ के मौके पर ले चुकी है। महिलाओं की सहमति के बिना 1810 एकड़ जमीन के मामले को लेकर कोई भी फैसला अब स्वीकार नहीं किया जाएगा ।
इस मौके पर मौजूद महिलाओं के द्वारा साफ-साफ कहा गया कि सरकार अपनी जिद को छोड़ दें तथा केवल मात्र 18 10 एकड़ जमीन का जो टुकड़ा बचा हुआ है, उसे किसान और किसानी को जिंदा रखने के लिए रिलीज कर दे । यदि सरकार यह जमीन अधिग्रहण से मुक्त नहीं कर सकती और ना ही रिलीज कर सकती है तो फिर प्रति एकड़ 11 करोड़ का भुगतान प्रभावित परिवारों को किया जाए । कासन की जमीन पहले ही तीन चरणों में सरकार के द्वारा अधिग्रहण की जा चुकी है , यह जमीन पूरी तरह से उपजाऊ जमीन है , यहां पर्यावरण की कोई समस्या नहीं, मीठा पानी उपलब्ध है । यही सब सुविधा किसान को अपनी खेती और जिंदा रहने के लिए चाहिए । आखिर ऐसी क्या मजबूरी है जो भारतीय जनता पार्टी तथा जननायक जनता पार्टी की गठबंधन सरकार अब किसानों के खून से खेलना चाहती है ? प्रभावित किसान परिवार किसी भी कीमत पर अपनी यह जमीन सरकार को 55 लाख रुपए के हिसाब से देने वाले नहीं हैं, सरकार को यह बात भी अच्छे प्रकार से समझ लेनी चाहिए।
इसी मौके पर पटौदी के एमएलए और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सचिव एडवोकेट सत्य प्रकाश जरावता के द्वारा कहा गया कि वह हरियाणा सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर यहां पहुंचे हैं। इसके अलावा जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि का दायित्व और राजनीतिक धर्म होता है कि जनता की बात को सरकार तक पहुंचाया जाए। जमीन के मामले को लेकर कम से कम 4 बार सरकार तथा किसान बचाओ-जमीन बचाओ कमेटी के बीच में बातचीत करवाई जा चुकी है । यह मामला विधानसभा माध्यम से भी सरकार के संज्ञान में पहले ही लाया जा चुका है। उन्होंने भरोसा जताया कि जमीन के मामले को लेकर आगामी 1 महीने के अंदर कोई न कोई निर्णायक तथा किसानों को स्वीकार्य फैसला अवश्य हो जाएगा , इसकी फाइनल ड्राफ्टिंग पर कार्य चल रहा है ।
इसके अलावा धरना स्थल पर हवन यज्ञ के समापन के उपरांत मौजूद नंबरदार सुबे सिंह , राजेश कुमार , नंबरदार धर्म सिंह , सत्यदेव ,रोहतास ,महेंद्र ,रोशन व अन्य के द्वारा कहा गया कि हरियाणा की मौजूदा सरकार कासन और आसपास के गांवों की जमीन को जबरदस्ती लेने पर अड़ी हुई है । सरकार का दायित्व होता है जनहित और जन सुविधाओं को प्राथमिकता प्रदान करना, लेकिन सरकार का ध्यान लगता है किसी और पक्ष या पार्टी की तरफ अधिक है । अभी हवन यज्ञ अनुष्ठान किया गया, यह केवल हरियाणा सरकार और सीएम मनोहर लाल खट्टर को परमपिता परमेश्वर के द्वारा सद्बुद्धि उपलब्ध करवाने के दृष्टिगत ही किया गया है । यहां जितने भी महिला-पुरुष किसान मौजूद हैं , उन्हें परमपिता परमेश्वर पर पूरा भरोसा है कि जो भी हवन यज्ञ करते हुए देवी देवताओं के नाम आहुतियां अर्पित की गई हैं उन के माध्यम से सरकार और सीएम को देव लोक से कोई ना कोई संदेश अवश्य प्राप्त होगा तथा सद्बुद्धि भी प्राप्त हो सकेगी ।
इसी मौके पर मौजूद महिलाओं ने बेहद सख्त शब्दों में साफ-साफ कहा कि 30 अक्टूबर तक यदि सरकार के द्वारा कोई फैसला नहीं किया गया तो सैकड़ों नहीं हजारों की संख्या में महिला शक्ति अपने खेत खलिहान के पारंपरिक दराती, जेली ,बाकड़ी , लाठी इत्यादि जैसे हथियार लेकर सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगी । यदि ऐसा हुआ तो इसकी पूरी जिम्मेदारी और जवाबदेही हरियाणा सरकार और सरकार के मुखिया सीएम मनोहर लाल खट्टर की ही होगी । वही मौके पर मौजूद अन्य किसानों के द्वारा कहा गया कि जमींदार, जमींदार हैं , छोटी-छोटी जमीनों में काश्त करते हुए अपना परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं । यह छोटे रकबे के जमीदार कोई बहुत बड़े बिजनेसमैन नहीं है ? सरकार को अपनी जिद छोड़ कर 18 10 एकड़ जमीन अधिग्रहण से मुक्त या फिर इस जमीन को किसान हित में रिलीज कर देना चाहिए।
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