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चण्डीगढ़ (Chandigarh)चरखी दादरीटॉप न्यूज़

आरटीआई कार्यकर्ता व स्वास्थ्य विभाग के मुखबिर पर  झूठा एस.सी/एस.टी.लगा किया गिरफ्तार,याचिकाकर्ता जितेंद्र जटासरा पहुंचा हाई कोर्ट की शरण में 

आरटीआई कार्यकर्ता व स्वास्थ्य विभाग के मुखबिर पर  झूठा एस.सी/एस.टी.लगा किया गिरफ्तार,याचिकाकर्ता  जितेंद्र जटासरा पहुंचा हाई कोर्ट की शरण में

चंडीगढ़ (अटल हिन्द ब्यूरो )एस.पी. चरखी दादरी के खिलाफ कथित अभद्र भाषा वाली विडियो फेसबुक पर शेयर करने पर आरटीआई कार्यकर्ता व स्वास्थ्य विभाग के मुखबिर पर झूठा एस.सी/एस.टी. लगाकर गिरफ्तार करने के मामले याचिकर्ता ने मामला रद्द करवाने के लिए हाई कोर्ट की शरण ली।

=====याचिकाकर्ता जितेंद्र जटासरा======

याचिकर्ता ने मुख्यमंत्री को ईमेल के माध्यम से एसपी चरखी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए मिलने का समय भी मांगा था, लेकिन मुख्यमंत्री से मुलाकात से पहले ही गिरफ्तारी हुई।
याचिकाकर्ता याचिकर्ता जितेंद्र जटासरा ने

अपने वकील प्रदीप रापड़िया के माध्यम से हाई कोर्ट के सामने एक वीडियो भी पेश की है जिसमें एक डीएसपी स्तर का जांच अधिकारी कबूल करता दिख रहा है कि उसने एस.पी. चरखी दादरी के दबाव में केस दर्ज करके याचिकर्ता को गिरफ्तार करना पड़ा। याचिकर्ता ने हाई कोर्ट के सामने पेश की गई पूरी वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा की है। जब याचिकर्ता ने डी.एस.पी. स्तर के जांच अधिकारी से पूछा कि उसे केस में झूठा क्यों फसाया तो उसने जवाब दिया: जेड

 

 

 

“मेरी मजबूरी थी… साहब ने कहा कि तेरे खिलाफ लिखकर भेजूंगा। मैं उससे बाहर कहां जाऊं, मेरी बात सुन मैं मजबूर था… मैंने तो अपनी कलम चलाने से भी मना कर दिया था और धाराएं लगाने के लिए कानूनी राय लेने के लिए बोला, लेकिन एसपी ने कहा कि अगर दो दिन के अंदर गिरफ्तार नहीं किया तो मेरे खिलाफ ऊपर लिखकर भेजेगा। मेरी आत्मा रोई है, तुम्हारे साथ गलत हुआ। एसपी ने मेरी कलम पकड़ ली और मुझे मजबूर किया। मैंने मुझे बदलने की भी दरख्वास्त की। मैं तो इधर कुआ उधर खाई के बीच फस गया।

 

 

 

मैंने तो एसपी को बोला था कि कोई अपराध नहीं बनता”
दरअसल एक अन्य आरोपी राहुल ने झूठा एनकाउंटर और पुलिस टॉर्चर को को लेकर दादरी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए फेसबुक पर लाइव आकर कहा था कि एसपी आरक्षण कोटे से भर्ती होने के कारण कोई न्याय करने में सक्षम नहीं है और एसपी को बदलने की मांग की थी, जिसके बाद एक पुलिस मुलाजिम की शिकायत पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ एससी/एसटी, जिसमें दो वकील भी हैं, के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज करके आर टी आई कार्यकर्ता समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया। याचिकर्ता को 42 दिन बाद जमानत मिली। ऐसे केस पुलिस की निष्पक्षता और न्यायप्रियता पर गंभीर सवाल उठाते हैं।  हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई मंगलवार को होगी।

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