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KISAN ANDOLAN-हरियाणा पुलिस ने किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े, एक किसान की मौत

हरियाणा पुलिस ने किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े, एक किसान की मौत

हरियाणा पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।
चंडीगढ़(अटल हिन्द टीम  )
किसान आंदोलन ने दातासिंह वाला बॉर्डर पर सातवें दिन जो रुख लिया वह किसी युद्ध से कम नजर नहीं आ रहा है। पुलिस और किसान एक-दूसरे को पराजित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। दातासिंह वाला बॉर्डर पर हालात काफी चिंताजनक है। पुलिस किसानों के वाहनों को अपना शिकार बना रही है तो किसान भी पुलिस पर पराली जलाकर फेंक रहे हैं।
HARYANA POLICE
ऐसा लग रहा है मानो यह एक-दूसरे को अधिक से अधिक नुकसान पहुंचाने का दंगल हो। इस आंदोलन का परिणाम जो भी हो, फिलहाल यह काफी खतरनाक हो चुका है। पुलिस कर्मचारी भी घायल हुए हैं। एक युवा किसान की मौत तथा काफी किसान घायल होने के बाद उपचार के लिए ले जा रहे हैं।
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पुलिस ने भी आगे बढ़कर निकाला अपना गुस्सा
दातासिंह वाला बॉर्डर पर जहां पुलिस ने बैरिकेड्स लगाए हैं, उससे लगभग 100 मीटर आगे बढ़कर किसानों पर खूब लाठियां भांजी। किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस कर्मचारी ट्रॉलियों से सामान भी उठा ले गए। बाइकों को भी लठों से तोड़ दिया। कोहाड़ ने आरोप लगाया कि यह पुलिस हरियाणा की नहीं हो सकती। जैसे अंग्रेज दमन करते थे, हरियाणा पुलिस ने उससे भी ज्यादा भयंकर रूप धारण कर लिया है। एक युवा किसान को गोली मार दी।
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पंजाब-हरियाणा सीमा पर दो प्रदर्शन स्थलों में से एक खनौरी सीमा पर झड़प में एक प्रदर्शनकारी बठिंडा जिले के बालो के गांव के निवासी शुभकरण सिंह (21)  की मौत(death of a farmer) और लगभग 12 पुलिसकर्मियों के घायल होने के बाद किसान नेताओं ने बुधवार को ‘दिल्ली चलो’ मार्च दो दिन के लिए स्थगित कर दिया.
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि वे शुक्रवार शाम को आगे की रणनीति तय करेंगे.ज्ञात हो कि प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बुधवार को अपना ‘‘दिल्ली चलो’’ मार्च फिर से शुरू करने का आह्वान किया था जिसके लिए वे आज आगे बढ़ रहे हैं।
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Haryana Police fired tear gas shells on farmers, one farmer died
हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर बैरिकेडिंग की तरफ बढ़ने पर बुधवार को हरियाणा पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। (Haryana Police released tear gas shells.)पुलिस ने सुबह करीब 11 बजे आंसू गैस का गोला छोड़ा जिसके बाद किसान बचने के लिए इधर-उधर भागते दिखे।
BOXकिसान की मौत के लिए SKM ने सरकार को ठहराया जिम्मेदार
किसानों के संगठन ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ (एसकेएम) ने बुधवार को पंजाब-हरियाणा सीमा पर सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में एक किसान की मौत पर शोक व्यक्त किया और आरोप लगाया कि सरकार ‘वर्तमान संकट और हताहतों के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है’.
किसान संगठन ने स्थिति पर चर्चा करने और ‘संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए निर्णायक कार्रवाई’ करने के लिए 22 फरवरी को अपनी राष्ट्रीय समन्वय समिति और आम सभा की बैठक (जीबीएम) बुलाई.किसान संगठन ने कहा, “उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस की दमनकारी कार्रवाई में लगभग पंद्रह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं.
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यह किसान परिवारों के लिए रोजी-रोटी अर्जित करने वालों पर उस वक्त किया गया क्रूर हमला है, जब वे प्रधानमंत्री के लिखित वादों का कार्यान्वयन न किये जाने का विरोध कर रहे थे.” उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री और कार्यपालिका नौ दिसम्बर को एसकेएम के साथ हस्ताक्षरित समझौते को लागू करने में विफल रहे हैं और मौजूदा संकट एवं हताहतों के लिए ये पूरी तरह जिम्मेदार हैं.”
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एक किसान बुरी तरह घायल, रोहतक पीजीआई में चल रहा इलाज
पंजाब के खनोरी बॉर्डर पर पुलिस और आंदोलनकारी किसानों के बीच टकराव में प्रीतपाल नाम का एक किसान बुरी तरह से घायल हो गया, जिसे हरियाणा पुलिस के जवान रोहतक पीजीआई में लेकर आए, जहां पर उसका इलाज चल रहा है. प्रीतपाल के चेहरे और पैरों पर चोट लगी है और फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है. प्रीतपाल के घायल होने के बाद सोशल मीडिया पर काफी अफवाहें भी फैली और कहा गया कि पुलिस से टकराव में प्रीतपाल की मौत हो चुकी है, जिसे हरियाणा पुलिस दबा रही है. देर शाम हरियाणा पुलिस की तरफ से सोशल प्लेटफार्म एक्स पर एक ट्वीट भी किया गया, जिसमें बताया गया कि प्रीतपाल के बारे में जो खबरें चल रही हैं, वह पूरी तरह से अफवाहें हैं.
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किसानों ने मनोहर सरकार की गोलियों से बचाव के लिए खेतों में पराली जलाई —किसानों ने मनोहर सरकार की गोलियों और आंसू गैस के गोलों की जहरीली व खतरनाक कार्यवाही से खुद को व धरने पर बैठे हजारों किसानों को बचाने के लिए खेतों में पराली जलाने पर हरियाणा सरकार और हरियाणा पुलिस सकते में आ गई और किसानों द्वारा अपनी जान -माल की सुरक्षा करने के उपायों को खतरनाक करार दिया।
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प्रदर्शनकारियों का ऐसी गतिविधियों का सहारा लेना गलत -हरियाणा पुलिस
हरियाणा पुलिस की एक सीनियर अधिकारी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक वीडियो संदेश में कहा, ‘प्रदर्शनकारियों ने दाता सिंह-खनौरी सीमा पर पुलिस कर्मियों को चारों तरफ से घेर लिया और पराली में मिर्च पाउडर डालकर उसमें आग लगा दी. प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर लाठियों से भी हमला किया और पथराव किया. करीब 12 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.’हरियाणा पुलिस की अधिकारी ने कहा, ‘जलती हुई पराली से निकलने वाले जहरीले धुएं के कारण वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को सांस लेने दिक्कत हुई और विजिबिलिटी की समस्याओं का सामना करना पड़ा.’ उन्होंने कहा, ‘हम प्रदर्शनकारियों से ऐसी गतिविधियों का सहारा नहीं लेने की अपील करते हैं क्योंकि जहरीला धुआं न केवल क्षेत्र में दृश्यता कम करता है बल्कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों के प्रयासों में भी बाधा डालता है. इससे दोनों पक्षों के लिए खतरा पैदा होता है और दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना होने की संभावना भी बढ़ जाती है.’
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