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gurugram news-राज बब्बर या राव इंद्रजीत सिंह गुरुग्राम की जनता किसे संसद भेजेगी

राज बब्बर या राव इंद्रजीत सिंह गुरुग्राम की जनता किसे संसद भेजेगी

गुरुग्राम संसदीय क्षेत्र में राव को टक्कर दे पाएंगे बब्बर !

राव या फिर बब्बर दोनों में किसकी होगी हार और जीत की हैट्रिक

राव इंद्रजीत सिंह की टक्कर के लिए कांग्रेस में जारी मंथन

भूपेंद्र हुड्डा की पहली पसंद बताया जा रहा नाम राज बब्बर

मतदान होने में बचे हुए हैं गिनती के केवल मात्र 35 दिन

Raj Babbar or Rao Inderjit Singh, whom will the people of Gurugram send to Parliament?
अटल हिन्द ब्यूरो /फतह सिंह उजाला
गुरुग्राम 20 अप्रैल । फसल दोनों ही तैयार है। बिल्कुल भी हैरान न हो । किसान की फसल खेत में और काटने के बाद मंडी में पहुंच रही है। दूसरी तरफ वोट की फसल भी कटना आरंभ हो चुकी है, वहीं अभी बाकी भी है। इधर बदलते मौसम के साथ तापमान भी तेजी से ऊपर जा रहा है। जिस प्रकार मौसम बदल रहा है, ठीक वैसे ही विभिन्न पॉलिटिकल पार्टियों के नेताओं की आस्था और नियत भी करवट ले रही है। हरियाणा में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान में 35 दिन शेष बचे हैं। भारतीय जनता पार्टी- एनडीए के द्वारा अपने अपने उम्मीदवार की घोषणा की जा चुकी है। वहीं मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के उम्मीदवारों के नाम सहित चेहरे सामने आना बाकी है। कांग्रेस के उम्मीदवार के नाम और चेहरे सामने नहीं आने से गुरुग्राम सहित अन्य संसदीय क्षेत्र में अभी चुनाव प्रचार पूरी तरह से गर्म नहीं हो सका है। यह बात अलग है कि भाजपा उम्मीदवारों को किसानों के गर्म मिजाज का सामना करने की खबरें भी गर्म हवा की तरह चल रही है।
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सीधी सीधी बात करते हैं, गुरुग्राम संसदीय क्षेत्र की। संसदीय क्षेत्र गुरुग्राम का जिला गुरुग्राम पूरी दुनिया में एक अलग पहचान बनाए हुए हैं। वहीं हरियाणा के खजाने में सबसे अधिक राजस्व भी यही से ही पहुंचता है । गुरुग्राम संसदीय क्षेत्र में तीन जिलों के 9 विधानसभा हलके भी शामिल है । भाजपा -एनडीए के द्वारा एक बार फिर से केंद्रीय मंत्री और दक्षिणी हरियाणा के छत्रप राव इंद्रजीत सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है । दूसरी ओर कांग्रेस – इंडिया एलायंस के सामने भी यह चुनौती बनी हुई है की राव के मुकाबले टक्कर का मजबूत उम्मीदवार बनकर किसको उतर जाए? पिछले कई दिनों से गुरुग्राम संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस की तरफ से सिने स्टार और उत्तर प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके राज बब्बर के नाम की चर्चा तूफान पर है । इन दोनों नाम को देखकर राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर भी प्रयास लगाए जा रहे हैं कि क्या वास्तव में गुरुग्राम संसदीय क्षेत्र में राव इंद्रजीत सिंह को राज बब्बर टक्कर दे सकेंगे ? जानकारों का कहना है कि राज बब्बर हरियाणा के पूर्व सीएम और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की पहली पसंद बताई जा रहे हैं । राव के मुकाबले के लिए उनके गृह जिले के ही रहने वाले हरियाणा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव के नाम के साथ ही विधायक राव दान  सिंह का नाम भी चल रहा है।Raj Babbar or Rao Inderjit Singh, whom will the people of Gurugram send to Parliament?
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राव इंद्रजीत और राज बब्बर के बीच संभावित राजनीतिक मुकाबला को देखते हुए अभी से कयास लगाए जा रहे हैं , राज बब्बर अपनी पराजय की हैट्रिक बनाएंगे या फिर राव इंद्रजीत सिंह तीसरी बार जीत कर अपनी जीत की हैट्रिक बनाएंगे । जीत और पराजय की हैट्रिक पर हैरान होने की जरूरत नहीं है। राज बब्बर को यदि गुरुग्राम संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस के द्वारा उम्मीदवार बनाया जाता है, तो राज बब्बर के सामने अनेकों अनेक चुनौतियां भी पहले से ही मौजूद रहेगी । चुनाव लड़ने के लिए 35 दिन से भी कम का समय बाकी रह गया है । महत्वपूर्ण बात यह है मेवात, गुरुग्राम और रेवाड़ी तीन जिले और  संसदीय क्षेत्र में शहरी इलाके तथा लंबा चौड़ा ग्रामीण क्षेत्र मौजूद है । यह बात अलग है राज बब्बर सेलिब्रिटी है । लेकिन गुरुग्राम संसदीय क्षेत्र में कितने लोग अथवा ग्रामीण या फिर मतदाता यह दावा कर सकते हैं ,  उन्होंने राज बब्बर को व्यक्तिगत रूप से देखा और पहचानते हैं ? कांग्रेस उम्मीदवार बनाए जाने पर यह बात अलग है , राज बब्बर को कांग्रेस का पारंपरिक वोट मिलने से इनकार नहीं । लेकिन इतना ही वोट राज बब्बर की पराजय की हैट्रिक को नाकाम करने में पर्याप्त नहीं कहा जा सकता । दूसरा राज बब्बर को तीन जिलों में और  नौ विधानसभा हल्का में कांग्रेस नेताओं, पदाधिकारी से परिचय के आदान-प्रदान में तथा चुनाव के लिए टीम बनाने में ही मशक्कत करनी पड़ सकती है । इस बात से भी इनकार नहीं सेलिब्रिटी की हैसियत से कांग्रेस कार्यकर्ता प्रचार कम और सेल्फी लेने  को ही प्राथमिकता ना बना ले ?
राज बब्बर ने अपना राजनीतिक सफर 1989 में जनता दल से आरंभ किया। 1994 से 99 तक वह राज्यसभा के सांसद रहे । इसके बाद 2004 में फिर से उन्होंने चुनाव जीता  2006 में किन्हीं कारण को लेकर  मुलायम सिंह यादव की समाजवादी पार्टी से राज बब्बर को अलग होना पड़ गया । राज बब्बर को कांग्रेस हाई कमान के द्वारा उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी दी गई। 2014 में पूर्व  सेना अध्यक्ष बीजेपी उम्मीदवार जनरल विजय कुमार सिंह के मुकाबले राज बब्बर को 5 लाख से अधिक वोट कम मिले । इसी प्रकार से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर 2019 में राज बब्बर का मुकाबला भाजपा के ही राजकुमार से हुआ, यहां भी राजकुमार ने राज बब्बर के मुकाबले 3 लाख से अधिक वोट प्राप्त किया । अब 2024 में राज बब्बर के नाम की चर्चा कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर ही हरियाणा के सबसे रोचक और दिलचस्प माने जा रहे संसदीय क्षेत्र गुरुग्राम मैं सुनने के लिए मिल रही है। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की बात की जाए तो कांग्रेस छोड़ने के बाद 2014 में अपने प्रतिद्वंदी इंडियन नेशनल लोकदल के उम्मीदवार को ढाई लाख से अधिक वोटो से हराया । इसी प्रकार 2019 में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कैप्टन अजय यादव को साढे 3 लाख वोट के अंतर से पराजित किया । अब एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी के द्वारा राव इंद्रजीत सिंह को गुरुग्राम संसदीय क्षेत्र में अपना उम्मीदवार बनाकर भेजा गया है । राजनीतिक जानकारों के मुताबिक यदि राव और  बब्बर के बीच चुनावी द्वंद होता है , तो सबसे अधिक जिज्ञासा इसी बात को लेकर रहेगी राव इंद्रजीत अपनी जीत की हैट्रिक बनाते हैं या फिर राज बब्बर अपने ही अंदाज में अपनी हैट्रिक पूरी करते हैं।
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