
चरित्र-निर्माण की सदी’? या संघी इतिहास का पुनर्लेखन! | सुभाष गाताडे
सुभाष गाताडे का आलेख आरएसएस के शताब्दी वर्ष में संघ के अपने इतिहास के पुनर्लेखन की पड़ताल करता है। हेडगेवार की नई छवि, गोलवलकर-देवरस पर चुप्पी और ‘चरित्र-निर्माण’ के नारे के पीछे छिपी सच्चाई पर विश्लेषण।










