नए साल पर जालंधर गए थे माथा टेकने, हादसे का हुए शिकार
अम्बाला, पूर्ण सिंह
नए साल पर पंजाब के जालंधर में माथा टेकने गए बराड़ा के गांव कसेरला कलां के दो युवकों की मौत हो गई जबकि उनके चार साथी घायल हो गए। वहीं, एक युवक की हालत गंभीर बनी हुई है।
गांव कसेरला कलां निवासी सुरेश कुमार ने बताया कि कसेरला कलां से एक ही परिवार के चार युवक कर्ण (16) पुत्र अमन कुमार, प्रिंस (19) पुत्र रामकरण, राहुल बागड़ी (25) पुत्र गुरमेल सिंह, चित्रांश (19) पुत्र जितेन्द्र और गांव लंडा निवासी दो भाई खुशप्रीत व कर्मवीर पुत्र जसविन्द्र सिंह जालंधर स्थित श्री गुरु रविदास मंदिर डेरा सचखंड बल्लां में नए साल पर माथा टेकने के लिए 31 दिसंबर को घर से रवाना हुए। सभी 6 युवक अम्बाला कैंट से ट्रेन में सवार हुए और जालंधर स्टेशन पर उतरे। जहां से वह ऑटो में सवार होकर डेरा सचख्ंाड बल्लां की ओर जा रहे थे कि कुछ दूरी पर पीछे से आ रहे एक वाहन ने उनके ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। जिससे ऑटो नियंत्रित होकर डिवाइडर पार कर सडक़ की दूसरी तरफ जा गिरा। जिससे सामने से आ रहे वाहन उनसे टकरा गए।


हादसे में ऑटो चालक और कसेरला कलां के कर्ण और प्रिंस की मौत हो गई जबकि अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जालंधर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुरेश कुमार ने बताया कि वहां राहुल की गंभीर हालत के चलते उसे आज रेफर कर दिया गया है। चारों घायलों को शाहबाद के आदेश अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं, कर्ण और प्रिंस का शव शुक्रवार सुबह उनके गांव पहुंचा और परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया। दोनों मौत के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। जवान युवकों की मौत से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
वहीं, जालंधर में घायलों की मदद के लिए डेरा सचखंड बल्लां से और भीम आर्मी की टीम भी मदद के लिए पहुंच गई। इसके अलावा श्री गुरु रविदास धर्म अस्थान सिरसगढ़ के संचालक संत मनदीप दास ने इस घटना पर शोक जताया है और मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी है। सुरेश कुमार ने बताया कि प्रिंसी दो बहनों का इकलौैता भाई था जो उगाला के सरकारी स्कूल में 12वीं कक्षा का छात्र था, वहीं कर्ण यारा गांव के स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ता था। इन युवकों में कर्ण, प्रिंस और राहुल एक ही परिवार के हैं जबकि चित्रांश गांव कसरेला कलां का ही था और वह अपने साथ अपने माता के बेटे लंडा निवासी खुशप्रीत और कर्मवीर को भी लेकर गया था।


