भारत में पहली मिसाल
अपराध की आय से पीड़ित को मिला सीधा लाखों का मुआवजा
गुरुग्राम पुलिस की 60 दिन में ऐतिहासिक कार्यवाही
धोखाधड़ी की रकम से खरीदी कार कुर्क कर दिलाए 11.30 लाख रुपये
नए भारतीय कानूनों से पीड़ितों को मिल रहा त्वरित न्याय
फतह सिंह उजाला गुरुग्राम 03 मार्च 2026। गुरुग्राम पुलिस ने देश में पहली बार एक अनूठी और ऐतिहासिक कार्यवाही करते हुए अपराध से अर्जित संपत्ति को कुर्क कर उसकी नीलामी से प्राप्त धनराशि सीधे पीड़ित को दिलवाकर मिसाल पेश की है। यह कार्यवाही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 के प्रावधानों के तहत की गई, जिससे पीड़ित को त्वरित और प्रत्यक्ष आर्थिक राहत मिल सकी।
14.50 लाख की धोखाधड़ी, कार की खरीद
पुलिस थाना सैक्टर-10ए, गुरुग्राम में दर्ज एक धोखाधड़ी के मामले में आरोपी द्वारा पीड़ित से 14 लाख 50 हजार रुपये की ठगी की गई थी। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने इसी धनराशि से एक Volkswagen Virtus कार खरीदी थी। पुलिस ने पाया कि वाहन पूर्णतः अपराध से अर्जित रकम से खरीदा गया था। इसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने माननीय न्यायालय के समक्ष BNSS की धारा 107(1) के तहत कार को कुर्क करने का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। आरोपी ने न्यायालय में स्वीकार किया कि वाहन अपराध की आय से खरीदा गया है। इस पर 21 जनवरी 2026 को न्यायालय द्वारा कुर्की आदेश पारित किया गया।
ई-नीलामी से मिली 11.30 लाख की राशि
न्यायालय के आदेशानुसार जिला मजिस्ट्रेट, गुरुग्राम के माध्यम से BNSS की धारा 107(6) एवं 107(7) के अंतर्गत वाहन की नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई। डीसी कार्यालय द्वारा सार्वजनिक सूचना जारी कर सरकार के E-Auction India पोर्टल के माध्यम से ई-नीलामी कराई गई। नीलामी में वाहन के लिए अधिकतम 11 लाख 30 हजार रुपये की बोली प्राप्त हुई। 26 फरवरी 2026 को सफल बोलीदाता द्वारा यह राशि सीधे न्यायालय में जमा कराई गई, जिसे माननीय न्यायालय के आदेशानुसार पीड़ित को सौंप दिया गया।
पीड़ित-केंद्रित न्याय की दिशा में बड़ा कदम
इस प्रकार BNSS-2023 के तहत अपराध की वास्तविक आय से पीड़ित को सीधे मुआवजा दिलाने की यह देश में पहली कार्रवाई मानी जा रही है। गुरुग्राम पुलिस की इस पहल को पीड़ित-केंद्रित न्याय प्रणाली, पारदर्शी वित्तीय पुनर्प्राप्ति और नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक राष्ट्रीय उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नए भारतीय कानूनों के लागू होने से अब अपराध से अर्जित संपत्ति को शीघ्र कुर्क कर पीड़ितों को राहत पहुंचाना संभव हो रहा है, जिससे न्याय प्रक्रिया अधिक प्रभावी और परिणामदायक बन रही है।
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