बायोमेट्रिक से गेहूं खरीद के फैसले पर बवाल सर्वजातीय बिनैन खाप ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
नरवाना 8 अप्रैल (नरेन्द्र जेठी)
अनाज मंडियों में किसानों की बायोमेट्रिक प्रक्रिया के जरिए गेहूं खरीदने के सरकार के फैसले को लेकर विरोध तेज होता जा रहा है। सर्वजातीय बिनैन खाप ने इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इसे किसान विरोधी करार दिया है। खाप के प्रधान रघुवीर नैन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सरकार ने जल्द यह निर्णय वापस नहीं लिया तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले से ही किसान महंगाई, मौसम की अनिश्चितता और फसलों के कम दाम जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू करना किसानों के लिए नई परेशानी खड़ी करेगा। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के बुजुर्ग किसान और मजदूर इस प्रक्रिया को आसानी से पूरा नहीं कर पाएंगे, जिससे उन्हें अपनी फसल बेचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
रघुवीर नैन ने बताया कि बायोमेट्रिक प्रणाली अभी तक सरकारी कार्यालयों में भी पूरी तरह सफल नहीं हो पाई है। ऐसे में अनाज मंडियों जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर इसका लागू होना व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने कहा कि गेहूं सीजन के दौरान मंडियों में ट्रैक्टर-ट्रालियों की लंबी कतारें लगती हैं। बायोमेट्रिक प्रक्रिया के चलते एक ट्राली को पास होने में 3 से 4 मिनट का समय लगेगा, जबकि बिना इस प्रक्रिया के उसी समय में 8 से 10 ट्रालियां निकल सकती हैं। इससे मंडियों में जाम की स्थिति बनेगी और फसल की समय पर खरीद प्रभावित होगी। सरकार के इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इसे तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पहले की तरह सरल और सुगम प्रक्रिया के तहत गेहूं खरीद सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। खाप के प्रवक्ता संदीप दनौदा ने भी चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों को अनदेखा किया तो सर्वजातीय बिनैन खाप किसान संगठनों के साथ मिलकर मंडियों और जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन शुरू करेगी। जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा। खाप पदाधिकारियों ने कहा कि किसान देश का अन्नदाता है और उसके हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि किसान विरोधी फैसलों से बचते हुए ऐसी नीतियां बनाई जाएं जो किसानों के लिए राहत और सुविधा का कारण बनें। सर्वजातीय बिनैन खाप ने मांग दोहराई कि अनाज मंडियों में लागू की गई बायोमेट्रिक व्यवस्था को तुरंत बंद किया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके।


