नवजात को सड़क किनारे छोड़ा, एक माह बाद महिला हिरासत में
न तो शिशु की सांस चल रही थी और न ही दिल की धड़कन स्पष्ट थी
चिकित्सक दल ने आधे घंटे तक लगातार उन्नत जीवन रक्षक प्रक्रिया अपनाई
अस्पताल स्टाफ के द्वारा स्नेहपूर्वक बच्चे को “बेबी मैक्स” नाम दिया
जांच में सामने आया कि सामाजिक डर से यह कदम उठाया गया
फतह सिंह उजाला
गुरुग्राम। साइबर सिटी गुरुग्राम में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, यहां पर एक नवजात शिशु को सड़क किनारे छोड़ने के आरोप में उसकी मां को पुलिस ने काबू किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सामाजिक डर से यह कदम उठाया गया।
उपलब्ध जानकारी एवं सूत्रों के मुताबिक, लगभग एक माह पहले सेक्टर-29 थाना क्षेत्र में पुलिस को एक बेहद कमजोर अवस्था में नवजात मिलने की सूचना मिली थी। शिशु का वजन लगभग डेढ़ किलोग्राम बताया गया और उसके शरीर से नाल व प्लेसेंटा जुड़े हुए थे, जिससे नवजात शिशु की हालत नाजुक बनी हुई थी। मौके पर पहुंची टीम ने तुरंत नवजात को उपचार के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने नवजात की स्थिति को गंभीर मानते हुए तुरंत उपचार शुरू किया। उस समय न तो शिशु की सांस चल रही थी और न ही दिल की धड़कन स्पष्ट थी। चिकित्सक दल ने करीब आधे घंटे तक लगातार उन्नत जीवन रक्षक प्रक्रिया अपनाई, जिसके बाद बच्चे में हल्की प्रतिक्रिया देखने को मिली।
इसके बाद शिशु को गहन देखभाल इकाई (NICU) में भर्ती कर लगातार निगरानी में रखा गया। चिकित्सकों की मेहनत रंग लाई और कुछ दिनों में उसकी हालत में सुधार आने लगा। शुरुआती दौर में उसे विशेष श्वसन सहायता पर रखा गया, लेकिन उपचार के पांचवें दिन वह बिना किसी मशीन के स्वयं सांस लेने लगा। अस्पताल स्टाफ के द्वारा स्नेहपूर्वक बच्चे को “बेबी मैक्स” नाम दिया। लगभग एक महीने तक चले इलाज के बाद 10 मार्च को उसका वजन बढ़कर 2.56 किलोग्राम हो गया और स्वास्थ्य सामान्य स्तर पर पहुंच गया।
कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के उपरांत शिशु को आगे की देखरेख के लिए सिविल अस्पताल को सौंप दिया गया है। वहीं पुलिस ने मामले में महिला को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है।
Add A Comment


