पटोदी जिला की जिद
चुनाव बहिष्कार की धमकी और बाजार बंद करने पर भी पूरी नहीं !
10 अगस्त 2024 को जाटोली नई अनाज मंडी में सीएम के मंच पर रखी मांग
क्या जाटोली नई अनाज मंडी पाटोदी जिला घोषणा के लिए शुभ नहीं
सीएम सैनी की महा विकास रैली से पहले एक बार फिर पटोदी जिला का जिन बाहर
फतह सिंह उजाला
पटौदी। पटौदी को जिला बनाने के लिए अभी तक विभिन्न स्तर पर बड़े-बड़े आंदोलन, महापंचायत यहां तक की आमरण अनशन की घोषणा की जा चुकी है। इस प्रकार की कसरत करते हुए लगभग 4 वर्ष का समय बीतने को आ रहा है। लेकिन परिणाम वही ढाक के तीन पात सभी के सामने हैं।
वही सत्ताधारी पार्टी , वही सरकार का मुखिया अथवा मुख्यमंत्री, इसी पार्टी का ही विधायक और महा विकास रैली के लिए वही 2014 वाला रैली का आयोजन स्थल। इसमें वही चिर परिचित पुरानी मांग, पटौदी को जिला बनाने की जिद एक बार फिर से तूल पड़ती जा रही है। रैली के आयोजक पटौदी के विधायक और सत्ताधारी भाजपा के तमाम नेता कार्यकर्ता और पदाधिकारी डंके की चोट पर कह रहे हैं कि 22 मार्च को पटौदी को जिला बनवाने की घोषणा के लिए पूरा दमखम के साथ मांग रखी जाएगी। लाख टके का सवाल यह है यदि एक बार फिर से वर्ष 2014 वाला ही परिणाम पाटोदी जिला की जिद के लिए सामने आया? तो फिर जिला की मांग करने वाले क्या कौन सा और किस प्रकार का आंदोलन करने का साहस दिखा पाएंगे ? या फिर बैठकों का दौर और विरोध प्रदर्शन केवल मीडिया की सुर्खियां बटोरने तक सीमित रहेगा।
10 अगस्त 2024 को जटोली नई अनाज मंडी में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की रैली के मंच से पूर्व विधायक और सत्ता पक्ष और नेताओं के बेहद करीबी तथा नजदीकी संत के द्वारा पटौदी को जिला बनाने की जबरदस्त पैरवी की गई। लेकिन मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री के द्वारा इस मांग को कोई तवज्जो नहीं दी गई। यह बात अलग है कि इस दिन उन्होंने पटौदी विधानसभा क्षेत्र के लिए करीब 184 करोड रुपए की विभिन्न 87 परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया । इसके अतिरिक्त 10 करोड रुपए विभिन्न विकास कार्यों के लिए भी दिए । गांव सिवाडी , गांव जसात और गांव दौलताबाद में 33 के वी के पावर हाउस बनाने की भी उनके द्वारा घोषणा की गई। इसी प्रकार से जिला गुरुग्राम के दूसरे नगर निगम मानेसर निगम के लिए नया ऑफिस बनाए जाने के लिए 76 करोड रुपए देने की भी घोषणा की गई । जिस बात की उम्मीद थी पटौदी को जिला को लेकर, उसे लेकर सबसे अधिक निराशा पटौदी को जिला बनाए जाने के समर्थकों को हाथ लगी।
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के राजनीतिक गढ़ पटौदी विधानसभा क्षेत्र के जटोली नई अनाज मंडी में आहूत महा विकास रैली में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह उनकी पुत्री हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के अलावा अन्य समर्थक विधायकों के रैली के मंच पर पहुंचने का दावा किया जा रहा है। इसी बीच एक दिन पहले पटोदी जिला निर्माण कमेटी और इसे जुड़े हुए प्रबुद्ध लोगों की विधायक विमला चौधरी के पुत्र रवि चौधरी की मौजूदगी में बैठक भी हुई । बैठक में एक बार फिर से डंके की चोट पर दोहराया गया की 22 मार्च को पटौदी को जिला बनाने की मुख्यमंत्री की रैली के मंच पर सबसे अधिक मजबूती के साथ पैरवी भी की जाएगी। इसी बीच कथित रूप से उपलब्ध अन्य जानकारी के मुताबिक पटौदी को जिला बनाने के लिए संघर्ष कमेटी के द्वारा यह कहा गया कि सीएम की रैली से पहले एक बार राव इंद्रजीत सिंह से पटौदी को जिला बनाने की मांग के लिए मिलकर उनका समर्थन ले लेना चाहिए। गौरतलब की पटौदी को जिला बनाए जाने के लिए पूर्व विधायक डॉ सत्य प्रकाश जरावता और मौजूदा विधायक विमला चौधरी दोनों का समर्थन रहा है। यह बात अलग है कि जिला के नाम को लेकर मामूली सा मतभेद या अलग विचार भी सामने आए हैं। विधायक विमला चौधरी अपने हाथों से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पटौदी को जिला बनाए जाने के लिए मांग पत्र तक सौंप चुकी है।
परिणाम सभी के सामने हैं की हांसी को नायब सिंह सैनी सरकार के द्वारा जिला बनाया जा चुका है। जो कि हरियाणा का 23 वा जिला है। इसी बीच में जनगणना और परिसीमन का कार्य भी होना है। सरकार सहित सरकार की जिला निर्माण कमेटी का तर्क है कि नए जिलों की घोषणा जनगणना और परिसीमन का कार्य पूरा होने के बाद ही किया जाना संभव है । अब देखना यह है कि आगामी 22 मार्च को पटौदी को जिला बनाने की घोषणा के लिए जटोली नहीं अनाज मंडी का महा विकास रैली का मंच शुभ रहेगा या फिर परिणाम पहले वाला ही सामने आएगा।
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