कानून शिक्षा को सामाजिक सरोकारों और तकनीकी नवाचारों से जोड़ना समय की मांगः प्रो. सोमनाथ सचदेवा
कानून पेशा नहीं, समाज को दिशा देने का माध्यमः प्रो. रतन सिंह
विधि संस्थान द्वारा विधि गाला (ला फेस्ट) का भव्य आयोजन
कुरुक्षेत्र/17 मार्च/अटल हिन्द ब्यूरो
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विधि संस्थान में 25वीं वर्षगांठ (रजत जयंती) एवं विधि गाला (ला फेस्ट) का भव्य आयोजन कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम ने न केवल संस्थान की गौरवशाली यात्रा को रेखांकित किया, बल्कि कानून, शिक्षा और तकनीक के समन्वय पर सार्थक विमर्श भी प्रस्तुत किया।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने विधि संस्थान की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में कानून की शिक्षा केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसे सामाजिक सरोकारों और तकनीकी नवाचारों से भी जोड़ा जाना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे न्याय, नैतिकता और जिम्मेदारी को अपने करियर का आधार बनाएं तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने विधि गाला के सफल आयोजन के लिए विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों को बधाई भी दी। इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं अतिथियों के सम्मान के साथ हुआ।
मुख्य अतिथि प्रो. रतन सिंह, कुलपति, जगत गुरु नानक देव पंजाब स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी, पटियाला ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बदलते समय में कानूनी पेशे की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि कानून केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपने ज्ञान को निरंतर अद्यतन रखें और न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। साथ ही उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि एक सक्षम विधि विशेषज्ञ वही है, जो संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करे।
मुख्य अतिथि मेजर जनरल दीप अहलावत, कुलपति, मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, मेरठ ने आर्टिफिशियल टेक्नोलॉजी के बारे में बताते हुए उसके सदुपयोग पर बल दिया।
विधि संस्थान के निदेशक प्रो. अमित लूदरी ने स्वागत भाषण में संस्थान की 25 वर्षों की उपलब्धियों और विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया।
समारोह में संस्थान के पूर्व निदेशक प्रो. वी.के. अग्रवाल, प्रो. एस.सी. गुप्ता, प्रो. राजपाल शर्मा, प्रो. दिलीप कुमार एवं प्रो. सुशीला देवी चौहान तथा विधि संकाय की डीन प्रो. प्रीति जैन सहित सभी फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में विधि संस्थान के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. रमेश सिरोही ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और आयोजकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह ने विधि संस्थान की उपलब्धियों को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने का संदेश दिया।


