खाटू मंदिर में विवाद
जीण माता मंदिर में विवाद
खरनाल तेजाजी महराज मंदिर में विवाद
बुटाटी धाम मंदिर के विवाद
गोगाजी महराज मंदिर विवाद
रामदेवजी महराज मंदिर विवाद
के बाद पेश है सालासर बालाजी मंदिर विवाद
बार बार मंदिरों में विवाद क्यों होता है ?
इसका कारण है मंदिरों का राजनीतीकरण
आज जितने भी मंदिर ह उनके कोई सकारात्मक कार्य नहीं हो रहा है
सिर्फ और सिर्फ धन उपार्जन के साधन बन गए है
और सबकी नजर उस जनता द्वारा दिए गए धन पर है
किसी भी मंदिर के पुजारी आज धनाढ्य बने बैठे है
कई कई मंदिरों के पुजारी तो बड़े बड़े नेता है
क्या यह आस्था है ?
मंदिर समाज में बनाए क्यों गए थे? पता भी है ?
नहीं देश के 90प्रतिशत लोगों को पता ही नहीं कि मंदिर क्यों बने थे? क्यों बनाए गए थे?
मंदिर हमारे समाज की वो रीढ़ थे जिनसे समाज को हर तरह से संबल मिलता था
इसके कई उदाहरण मैं बताता हूं
1 मंदिरों से गुरुकुल चलते थे जिनसे शिक्षा मिलती थी
पैसे वाले लोग दान देते थे लेकिन ये सब बंध हो गया है
आज हम मंदिर में 100 रु देकर हम भगवान से लॉटरी मांगते है जनता द्वारा दिए गए उन सौ रूपये से करोड़ो बन जाते है जिससे मंदिर में बैठे भगवान् के दलाल मौज करते है ,शाही जिंदगी जीते है ,
2, मंदिरों से असहाय जरूरतमंद लोगों की सहायता की जाती थी जो अब बंद है जिसको मौका मिला उसी ने खा लिया
3 पुराने जमाने में गांव के घर कच्चे , दीवारें झाड़ियों से बनी होती थी
कई बार गांव के गांव जल जाते थे
तो मंदिर शरणगाह बनते थे और गांव को पुनः बसाया जाता था
4 मंदिरों के भजन, सत्संग जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करके पूरे गांव को एकजुटता में बांधने का कार्य होता था जो अब बंद है
5 मंदिरों से धार्मिक , सभ्यता की शिक्षा दी जाती थी
संस्कृति के पाठ पढ़ाई जाते थे जो अब बंध है
6 सार्वजनिक बात रखनी या कोई बात लागू करवानी हो तो मंदिर एक उपयुक्त जगह थी
7 और तो और किसी व्यक्ति से जुर्म कबूल करवाने में मंदिर का अहम रोल होता था
और 99 प्रतिशत चांस यह था कि कितना भी बड़ा अपराधी हो मंदिर में चढ़कर झूठ नहीं बोल पाता था
ये बाते खून में भरने का काम मंदिरों ने किया!
आज जगह जगह मंदिरों में होती लड़ाइयां बता रही है कि हम
हमारा सामाजिक परिवेश, सिस्टम खो चुके है
इसलिए हर जगह लड़ाइयां
और कल सालासर बालाजी मंदिर में हुई मारपीट एक ताजा उदाहरण है !
फोटो भी वहीं की है
बाउंसर पालने वाले पुजारी नहीं हो सकते-
मंदिर जनता का कब्ज़ा गुंडे हिन्दू भगवान के ठेकेदारों का क्यों ,किसने इन गुंडों को मंदिर और भगवान का ठेकेदार बनाया ,जनता मंदिर को दान देती है कथित गुंडे पुजारियों को नहीं ,मंदिर में आम जनता द्वारा दिए गए दान पर पुजारियों का क्या हक़ है ,जनता जब चाहे अपना दिया दान सालासर धाम के भगवान से वापिस लेने की हकदार है और मंदिर पर कब्जा किये बैठे गुंडों को मंदिर से बाहर निकाल सकती है। -अटल हिन्द
हिसार 9 अप्रैल /अटल हिन्द ब्यूरो
हिसार के परिवार से राजस्थान के सालासर धाम मंदिर में मारपीट का मामला बढ़ता जा रहा है। इस बारे में गुरुवार को व्यापारी व अन्य संगठनों ने मारपीट के खिलाफ पीजीएसडी संस्थान में करके की। पंचायत में प्रस्ताव रखा गया कि इस मारपीट के मामले में एक कमेटी गठित की जाए जो इस पर फैसला लेगी।
बैठक में व्यापारियों मारपीट की इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि जो लोग बाउंसर पालते हैं वो पुजारी नहीं हो सकते हैं। उन पंडितों की महीने की करोड़ों रुपए की कमाई है।
मामला हिसार के एक परिवार से मंदिर में हुई मारपीट से शुरू हुआ था। गत पांच अप्रैल को परिवार कुछ रिश्तेदारों को वीडियो कॉल से दर्शन करवा रहा था, इसी दौरान वहीं मौजूद बाउंसरों ने उनके साथ मारपीट की।
राजस्थान के चुरू जिले में स्थित सालासर धाम मंदिर में हिसार के परिवार से मारपीट के मामले में कंट्रोवर्सी बढ़ती जा रही है।
सालासर धाम के कथित गुंडे पुजारियों ने इस परिवार को पीटा
बीमार रिश्तेदार को करवा रहे थे दर्शन : संजय
उधर, पीड़ित परिवार का कहना है कि वे वीडियो कॉल पर बीमार रिश्तेदार को दर्शन करवा रहे थे। परिवार के मुखिया संजय अरोड़ा के अनुसार इसी दौरान बाउंसरों ने उनके साथ बदतमीजी की और मारपीट की। परिवार की महिलाओं को भी नहीं बक्शा गया।
उधर, यमुनानगर के भाजपा नेता जतिश शर्मा ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर हिसार के परिवार का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मेरे साथ भी मंदिर के बाउंसरों ने गलत व्यवहार किया।
वीडियो कॉल करने पर हाथ पर डंडा मारा गया। बाउंसर मारपीट पर उतारू थे। भाजपा युवा नेता जतिन शर्मा ने दावा किया कि हिसार के परिवार के साथ जिस दिन यह घटना हुई वह खुद मंदिर में मौजूद थे और बाउंसरों व पुजारियों के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए। जतिन शर्मा ने कहा कि मंदिर में तैनात बाउंसर और पुजारी श्रद्धालुओं से सही तरीके से बात तक नहीं करते, उनका व्यवहार बेहद खराब है। जतिन के अनुसार उसके साथ भी बदसलूकी हुई, वीडियो कॉल कर रहा था, तो हाथ पर डंडा मारा, मोबाइल गिर गया। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने वीडियो बना भी ली थी, तो समझाया जा सकता था, लेकिन मारपीट का अधिकार किसी को नहीं है।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि हिसार से आए परिवार जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। सबके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। महिलाओं को जमीन पर गिराया गया, जेंट्स बाउंसर महिलाओं से मारपीट पर उतारू थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर का सिस्टम पूरी तरह करप्ट है और वहां वीआईपी कल्चर हावी है जो पैसा देगा, उसके लिए सब कुछ होगा।
परिवार को मरे सामने पीटा –बीजेपी नेता
वहीं यमुनानगर के BJP नेता जतिश शर्मा ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर हिसार के परिवार का समर्थन किया है। जतिश शर्मा ने बताया कि मेरे साथ भी मंदिर के बाउंसरों ने गलत व्यवहार किया। वीडियो कॉल करने पर उनके हाथ पर डंडा मारा गया। वहां बाउंसर मारपीट पर उतारू रहते हैं। पुजारियों का व्यवहार भी आमजन के लिए ठीक नहीं रहता।
भाजपा नेता ने बताया कि वह पहली बार सालासर मंदिर गए थे, मगर मंदिर का सिस्टम पूरी तरह करप्ट है और वहां वीआईपी कल्चर हावी है, जो पैसा देगा, उसके लिए सब कुछ होगा। भाजपा नेता ने कन्हैया मित्तल को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वह उन परिवारों व लोगों के साथ भी मंदिर जाएंगे, जिनके साथ बाउंसर व पुजारी अब तक गलत करते आए हैं।
कन्हैया मित्तल का गुंडे पुजारियों से क्या रिश्ता
कन्हैया मित्तल का गुंडे पुजारियों से क्या रिश्ता
कन्हैया मितल ने शराब पीते हुए का पूराना विडियो वायरल कर दिया और मितल ने ये भी लिखा था कि ये तो पहले से ही शराबी है और मांस खाता है आप भी बताओ शराब पीकर एक इंसान अपने परिवार को लेकर मंदिर आ सकता है क्या जिसका बिजनेस भी बालाजी के नाम से चलता हो और इसको सालासर में ये भी कहा गया था कि तुम इंसान हो क्या मजे की बात तो ये है कि इसके परिवार की पिटाई हुई और मितल ने इसकी पर्सनल लाइफ का विडियो वायरल कर दिया ताकि ये डर के मा,रे आगे न आएं
लेकिन इस इंसान के परिवार के साथ अंदरूनी चाल सालासर मंदिर के पुजारी व मितल चल रहे हैं और इसको दबाने के लिए गेम खेला जा रहा है लेकिन ये बंदा हरियाणे का साधारण दुकानदार है और सीधा कह रहा है कि अब लड़ाई आर पार की है मुझे चाहे मितल कॉल करे चाहे पूरे सालासर की पुजारी टीम करे की मैं डटूंगा नहीं मेरे साथ पूरा देश है और वो खुद आकर मेरे से माफी मांगे मुझे बहुत तंग किया और मेरी परशनल लाईफ पर टिप्पणी कर दी मेरा नाम संजय अरोड़ा है हरियाणा से आता हूं हल्के में न लेवे और जिसने मेरे और मेरे परिवार के साथ दुर्व्यवहार किया उनको मेरे घर आकर मेरे और मेरे परिवार से माफी मांगनी पड़ेगी…
पुजारी समाज का बचाव: मित्तल ने कहा कि सालासर धाम से लगभग 400 परिवार जुड़े हैं। किसी एक बाउंसर की गलती के लिए पूरे पुजारी समाज को ‘गुंडा’ कहना या बदनाम करना गलत है। उन्होंने मांग की कि जिसने गलती की है, जिम्मेदारी उसी की तय होनी चाहिए।
वीआईपी दर्शन पर राय: वीआईपी दर्शन व्यवस्था का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था देश के कई बड़े मंदिरों में है, तो सिर्फ सालासर या खाटू श्याम को ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है?
परिवार का रुख: कन्हैया मित्तल के साथ जाने के प्रस्ताव पर पीड़ित परिवार ने फिलहाल कोई स्पष्ट फैसला नहीं लिया है। उनका कहना है कि वे अभी इस पर विचार कर रहे हैं।
मंदिर वाला गुंडा
मंदिर वाला गुंडा
ये सालासर बालाजी मंदिर की मेरे फ़ोन में एक बाउंसर की फोटो है जो हाथ में बड़ा डंडा रखता है और दूर से ही जिसके हाथ में फोन दिखता है उसके सीधा डंडा मार देता है वो भी जोर से आप भी जाओ और एक बार सेवा का मौका अवश्य देकर आओ
पुजारियों की सम्पति की जांच हो
पुजारियों की सम्पति की जांच हो
सालासर बालाजी मंदिर की पूजा पाठ कर रहे पुजारियों की संपत्ति का पिछले 20 सालों का रिकॉर्ड देखा जाना चाहिए जिससे पता चल सके कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं ने जो चढ़ावा चढ़ाया है उसका उपयोग कहा हुआ है उनकी पैतृक संपत्ति कितनी थी और अब कितनी कमाई के क्या साधन है जिनसे उन्होंने ये संपति बनाई है
गुंडे पुजारियों की संस्था ने कहा परिवार दोषी
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