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डिजिटल क्रांति: विचार अब प्रदर्शन नहीं, प्रस्तुतियाँ बन गए हैं रील्स की ताकत, रीयल की कमज़ोरी – बदलाव का विरोधाभास आज का भारत एक ऐसी धरती है, जहाँ…

भारत की तीन सबसे डरावनी संस्थाएं—पुलिस, अस्पताल और अदालतें -कार्ति पी. चिदंबरम- भारत विरोधाभासों का देश है, जहां इसके नागरिकों के लिए जीवन कई तरह की…

कटाक्ष:-बीजेपी राज में हिंदुत्व के लिए अनेकों खतरे जो पहले कभी भी नहीं थे। BY–राजेंद्र शर्मा “हिंदुत्ववादियो, ऊपर-ऊपर से चाहे पूरा देश खोद लेना, पर गहरा…