बलात्कार का झूठा मुकदमा, युवती को महंगा पड़ा, हुई गिरफ्तार
जॉब इंटरव्यू के बहाने, कार में दुष्कर्म करने की कहानी झूठा मामला दर्ज
जुलाई-2025 में भी महिला ने दुष्कर्म का एक केस थाना सैक्टर- 14 में दर्ज कराया
आरोपी के दोस्त ने महिला के साथ मिलकर रची दुष्कर्म के झूठे केस की योजना
दुष्कर्म के झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाकर रुपये ऐंठने के प्रयास
फतह सिंह उजाला
गुरुग्राम 17 दिसम्बर पुलिस थाना डीएलएफ फेज-2, गुरुग्राम की पुलिस टीम को एक युवती स्थाई पता राजस्थान वर्तमान निवासी दिल्ली ने दिनांक 11- दिसंबर 2025 को एक लिखित शिकायत के माध्यम से बतलाया कि इसने एक ऑनलाइन जोब पोर्टल पर नौकरी हेतु प्रोफाइल बनाई थी। इसी दौरान एक मोबाइल नंबर से संपर्क करके दिन के समय 2 बजे इसे नौकरी के इंटरव्यू के बहाने एमजी रोड मेट्रो स्टेशन पर बुलाया गया। एक युवक ने ऑफिस की गाड़ी बताकर इसे गाड़ी में बैठाया, गाड़ी को अजय नामक एक अन्य युवक चला रहा था। ये लोग पहले इसे इंटरव्यू कराने के लिए एमजीएफ मेट्रोपोलिटन मॉल ले गए, फिर वापस गाड़ी में बैठकर इसके साथ गाड़ी में दुष्कर्म किया गया और शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। प्राप्त शिकायत पर पुलिस थाना डीएलएफ फेज-2, गुरुग्राम में धारा 351(3), 64(1), 79 भारतीय न्याय संहिता के तहत अभियोग अंकित किया गया।
जिला पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक उपरोक्त अभियोग के अनुसंधान के दौरान पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल, समय, कॉल डिटेल, तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य तथ्यों का विश्लेषण किया गया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी जितेंद्र @ बिट्टू ने शिकायतकर्ता/पीड़िता के साथ मिलकर पूर्व नियोजित योजना के तहत झूठी व मनगढ़ंत कहानी तैयार कर रुपये ऐंठने और आरोपी बिट्टू के खिलाफ दर्ज बलात्कार के अभियोग की पीड़िता पर दबाव बनाने के उद्देश्य से उस अभियोग कि पीड़िता के पति के खिलाफ यह अभियोग दर्ज कराया गया है। पुलिस जांच में शिकायतकर्ता/पीड़िता द्वारा इस अभियोग में लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी, बल्कि उपलब्ध साक्ष्यों से यह स्पष्ट हुआ कि मामला पूरी तरह से झूठा और तथ्यहीन है।
उपरोक्त आरोपित महिला के विरुद्ध पुलिस टीम द्वारा उपरोक्त अभियोग में उपरोक्त धाराओं को तर्क (हटाकर) करके आरोपित युवती के खिलाफ अभियोग में धारा 308 (2), 308 (4), 3(5), 217, 61 भारतीय न्याय संहिता की धारा जोड़ी की गई। उपरोक्त अभियोग में शिकायतकर्ता द्वारा फर्जी अभियोग दर्ज कराने के आरोप में शिकायतकर्ता युवती को 14 दिसंबर संडे को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया तथा आरोपित युवती को अगले दिन सोमवार को माननीय अदालत के समक्ष पेश करके 02 दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया।
आरोपित महिला से पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि इसने अभिषेक नामक युवक के खिलाफ माह जुलाई-2025 में इसके साथ दुष्कर्म करने का एक अभियोग थाना सैक्टर-14, गुरुग्राम में अंकित कराया था। जिसमें अभिषेक नामक आरोपी जेल में बन्द है। जेल में बन्द आरोपी अभिषेक ने इसको शादी करने के लिए हां की तो यह (आरोपित युवती) उससे बातचीत करने लगी। अभिषेक की मुलाकात जेल में एक बिट्टू नामक व्यक्ति से हुई। बिट्टू जमानत पर जेल से बाहर आ गया और अभिषेक के कहने पर यह (आरोपित युवती) बिट्टू से मिली और बिट्टू के कहे अनुसार इसने रुपए ऐंठने के इरादे से उपरोक्त अभियोग की झूठी वारदात को अंजाम दिया। इसने (आरोपित युवती) ने उपरोक्त अभियोग में जिस व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म करने के आरोप लगाएं है, उस व्यक्ति की पत्नी द्वारा बिट्टू के खिलाफ थाना सोहना में दुष्कर्म करने का अभियोग अंकित कराया हुआ है, जिस मामले में पहले जितेंद्र @ बिट्टू पुत्र ऋषि निवासी गांव पावटा जिला फरीदाबाद, जेल में बन्द था। जितेंद्र @ बिट्टू ने बदला लेने के लिए , अपने अभियोग की पीड़िता पर दबाव बनाने के लिए तथा रुपए ऐंठने के लिए उक्त आरोपित युवती के साथ योजना बनाई और योजनानुसार उपरोक्त झूठा अभियोग अंकित कराया।
आरोपित युवती के रिकॉर्ड के अवलोकन से यह भी ज्ञात हुआ कि उक्त युवती द्वारा बलात्कार का एक अन्य अभियोग माह जुलाई-2025 में थाना सैक्टर-14, गुरुग्राम में भी दर्ज कराया गया था।
गुरुग्राम पुलिस सभी को यह सुनिश्चित कराती है कि झूठे व मनगढ़ंत मामलों से न केवल पुलिस संसाधनों का दुरुपयोग होता है, बल्कि वास्तविक पीड़ितों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया भी प्रभावित होती है, इसलिए कानून का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ गुरुग्राम पुलिस तत्पर कार्यवाही करेगी और उनको उनके अंजाम तक पहुँचाने के लिए प्रभावी पुलिस कार्यवाही अपनाएगी।
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