22 की महा विकास रैली का स्थगन, बन गया रहस्य !
विधायक से पहले रैली की जानकारी परिषद वाइस चेयरमैन के द्वारा दी गई
रैली की कामयाबी के लिए विधायक विमला के द्वारा किए गए देहात के दौरे
नायब सैनी की महा विकास रैली के स्थगन को लेकर राजनीतिक जोरों पर
बड़ा सवाल क्या राव साहब को इस रैली के लिए विश्वास में नहीं लिया गया
विधायक विमला चौधरी के प्रतिनिधि पुत्र रवि चौधरी के द्वारा रैली स्थगन की पुष्टि
लेखक -फतह सिंह उजाला
पटौदी। 22 मार्च संडे को पटौदी विधानसभा क्षेत्र के पटौदी जाटोली मंडी परिषद सीमा क्षेत्र में नई अनाज मंडी जाटोली में प्रस्तावित रैली को महा विकास रैली का नाम दिया गया। जिला गुरुग्राम की पहली महिला विधायक और पटौदी से भाजपा की दूसरी बार चुनी गई विधायक विमला चौधरी के मुताबिक उनके कार्यकाल में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की यह पहली रैली प्रस्तावित रखी गई। लाख टके का सवाल यह है कि इस रैली के संदर्भ में लगभग एक महीना पहले पटौदी जाटोली मंडी परिषद हाउस की बैठक के बाद में मीडिया से बात करते हुए रैली और सीएम सैनी के आगमन की जानकारी सबसे पहले पटौदी जाटोली मंडी परिषद के वाइस चेयरमैन के द्वारा सार्वजनिक की गई। इसके कुछ दिन बाद विधायक विमला चौधरी के द्वारा अपने ऑफिस में महा विकास रैली के विषय में बताया गया। सवाल यह भी है कि आखिर इस प्रकार का विरोधाभास क्यों और किन कारणों से रहा होगा।
इसी कड़ी में 22 मार्च को ही बादशाहपुर के विधायक और कैबिनेट मंत्री राव नरवीर सिंह के द्वारा गुरुग्राम यूनिवर्सिटी के नजदीक काकरोला गांव में विकसित बादशाहपुर रैली का आयोजन कर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को आमंत्रित किया गया है। रैली की कामयाबी और भीड़ पहुंचाने के लिए मंत्री राव नरवीर के द्वारा समर्थकों और कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर जिम्मेदारियां सौंपी जा चुकी है। कुछ इसी प्रकार की तैयारी विधायक विमला चौधरी, मार्केट कमेटी पटौदी के चेयरमैन, पटौदी जाटोली मंडी परिषद के चुने हुए जनप्रतिनिधि व अन्य समर्पित कार्यकर्ता और समर्थकों के द्वारा लगातार जारी रही। लेकिन अचानक ही अबूझ पहेली और रहस्यमय तरीके से पटौदी विधानसभा क्षेत्र की 22 मार्च संडे को नई अनाज मंडी जाटोली की प्रस्तावित महा विकास रैली स्थगित होने की सूचना सार्वजनिक हुई।
इस रैली के स्थगन को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार भी गरम हो गया है। बादशाहपुर के विधायक और हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह तथा क्षेत्र के सांसद और मोदी मंत्रिमंडल में वजीर राव इंद्रजीत सिंह के बीच में राजनीतिक तालमेल कैसा और कितना है? यह किसी से छिपा नहीं रहा। बादशाहपुर में प्रस्तावित विकसित बादशाहपुर रैली को कामयाब बनाने के लिए मुख्य आयोजक राव नरवीर सिंह के द्वारा पूरी ताकत झोंक दी गई। हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री की ताकत और एक विधायक की ताकत में कुछ नहीं कुछ तो अंतर होने से इनकार नहीं किया जा सकता ? राजनीति के रुचिकर लोग एक मुख्य कारण इसी राजनीतिक प्रतिद्वंदता भीड़ तंत्र को आक रहे हैं ।
पटौदी के विकास के लिए महा विकास रैली के आयोजकों के द्वारा यह भी तर्क दिया जा रहा है कि सांसद एवं केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह प्रस्तावित पांच राज्यों के चुनाव में व्यस्त रहेंगे। दूसरी तरफ राजनीतिक नजरिए से देखा जाए तो पटौदी विधानसभा क्षेत्र राव इंद्रजीत सिंह का मजबूत राजनीतिक गढ़ भी है । ऐसे में उनकी गैर मौजूदगी में उनकी सबसे विश्वसनीय विधायक विमला चौधरी के द्वारा रैली का आयोजन अपने आप में सवालों के घेरे में लाने के लिए पर्याप्त होता ? अब सवाल यह है कि पटौदी के विकास के जो वादे रैली को सफल बनाने का निमंत्रण करते हुए दिए गए। उनका पूरा किया जाने के लिए अब और कितने समय इंतजार करना पड़ेगा ? सबसे महत्वपूर्ण मांग पटौदी को जिला बनाने की विधायक और उनके समर्थकों के द्वारा की गई । क्या अब ऐसे में एक बार फिर से पटोदी को जिला बनवाने के लिए नई सिरे से धरना प्रदर्शन या कोई आंदोलन करना पड़ेगा ?
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