ढोल की पोल पटौदी जाटोली मंडी परिषद
लो जी, परिषद में नहीं पैसे – तो विकास के कार्य होंगे कैसे !
इलेक्शन होने के 1 वर्ष बाद ही पटौदी जाटोली मंडी परिषद का हाल बेहाल
विधायक विमला चौधरी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सौप मांग पत्र
रामपुर से पुराना अनाज मंडी हेली मंडी और यहीं से मिर्जापुर तक सड़क का निर्माण
इन दोनों सड़क निर्माण की मंजूरी सहित खर्च की राशि उपलब्ध करवाई जाए
पटौदी जाटोली मंडी परिषद सीमा क्षेत्र में बदले जाएं पेयजल आपूर्ति पाइपलाइन
फतह सिंह उजाला
पटौदी। भाजपा की डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में नवगठित पटौदी जाटोली मंडी परिषद को लगभग 3 वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है। सही मायने में परिषद का अस्तित्व चुनाव होने के बाद ही सामने आया माना जा सकता है । पटौदी जाटोली मंडी परिषद के लिए पुराना पटौदी और हेली मंडी नगर पालिका इलाके के साथ लगते नौ गांव को मिलाकर इसकी सीमा क्षेत्र का निर्धारण किया गया और इसके साथ ही 22 वार्ड बनाए गए । नवगठित पटौदी जाटोली मंडी परिषद का अध्यक्ष पद अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित रखा गया। कथित रूप से नवगठित परिषद के चुनाव से पहले ही लगभग सवा 300 करोड रुपए के विकास कार्यों के टेंडर आमंत्रित किए गए और विभिन्न वार्डों में विकास कार्य की हलचल देखी गई।
आधिकारिक रूप से पटौदी जाटोली मंडी परिषद के गठन और चुनाव के लगभग 1 वर्ष बीतने के बाद अचानक से परिषद में फंड की कमी बताई जा रही है ? इधर परिषद की पिछली दो बैठक में परिषद के सदन अथवा पटल पर ही चुने हुए जनप्रतिनिधियों के द्वारा भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप विधायक विमला चौधरी के सामने ही लगाए गए, यह बात भी आई गई हो गई । कहा भी गया है किसी क्षेत्र के विकास का आकलन करना हो तो वहां की सड़क विकास का आईना होती है। इसी कड़ी में बीते लगभग एक दशक से अधिक समय से गांव रामपुर से पुराना हेली मंडी अनाज मंडी तथा यहीं से गांव मिर्जापुर तक सड़क निर्माण की मांग स्थानीय निवासियों और ग्रामीणों के द्वारा की जाती आ रही है। इसी प्रकार से वर्षों पहले डाले गए पेयजल आपूर्ति के पाइप या तो टूट गए हैं या लीक हो रहे हैं। जिसके कारण पेयजल आपूर्ति बाधित होने के साथ ही गंदा पानी सप्लाई होने की शिकायतें लोगों के द्वारा की जा रही है। बार-बार शिकायत और मांग की जाने के बाद भी समस्याओं का समाधान होता दिखाई नहीं दे रहा।
आखिरकार जब पानी सर से ऊपर चला गया और सड़क सहित पानी की समस्या का समाधान होता दिखाई नहीं दिया तो परिषद हाउस का घेराव किया जाने की चेतावनी दी गई। कथित रूप से परिणाम स्वरूप बिना देर किए गांव रामपुर से टोडापुर होते हुए पुराना हेली मंडी अनाज मंडी तक सड़क निर्माण के लिए फाइल तैयार की गई। इससे पहले यही कहा जाता रहा की मार्केटिंग बोर्ड के द्वारा एनओसी दे दी गई है । इसके बाद सड़क निर्माण का खर्च 5 करोड़ से अधिक होने के कारण इसकी मंजूरी मुख्यमंत्री कार्यालय से दी जाएगी। यह जानकारी जनता के चुने हुए पार्षदों के द्वारा ही दी गई । अब आखिर ऐसा क्या हुआ कि पिछले 48 से 72 घंटे में नए सिरे से रामपुर टोडापुर होते हुए पुराना हेली मंडी अनाज मंडी तक सड़क और यही से गांव मिर्जापुर तक सड़क निर्माण की मांग और निर्माण का खर्च स्वीकृत किया जाने का मांग पत्र विधायक विमला चौधरी के द्वारा मुख्यमंत्री को सोपा गया । इसी कड़ी में मुख्यमंत्री से यह भी मांग की गई है कि पटौदी जाटोली मंडी परिषद के विभिन्न नौगांव में और शहरी क्षेत्र में अमृत 2.0 योजना के तहत पेयजल पाइपलाइन जल्द से जल्द बलवाए जाए।
परियोजना की और फंड की मंजूरी का इंतजार
विधायक विमला चौधरी के द्वारा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सौंप गए मांग पत्र में दो मांग महत्वपूर्ण बताई गई। पहली मांग परिषद सीमा क्षेत्र में दो सड़कों का निर्माण किया जाना। इसी कड़ी में दूसरी मांग परिषद सीमा क्षेत्र में शामिल नौ गांव तथा पुराना पटौदी और पुराना हेली मंडी पालिका क्षेत्र में जर्जर और पुरानी पेयजल आपूर्ति पाइपलाइन को बदल जाना है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सौंप गए मांग पत्र में विधायक विमला चौधरी के द्वारा साफ-साफ कहा गया है कि मुख्यमंत्री उपरोक्त परियोजनाओं की मंजूरी देते हुए खर्च होने वाली राशि अथवा फंड भी उपलब्ध करवाएं ।अब स्थानीय निवासियों में इसी बात को लेकर अधिक जिज्ञासा बनी है कि मुख्यमंत्री के द्वारा कितनी जल्दी और कब तक मंजूरी देते हुए परियोजना में खर्च होने वाला फंड भी उपलब्ध करवाया जाएगा।
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