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. अटल हिन्द /डॉo सत्यवान सौरभ लोकतंत्र का मूल सिद्धांत यह है कि सत्ता जनता के हाथों में निहित होती…
दिल्ली जाइए, स्वर्ग का रास्ता दिल्ली होकर जाता है! व्यंग्य : संजय पराते आजकल हमारे देश में सब काम भगवान…
संघ का नया चुनावी युद्घघोष — घुसपैठियों का खतरा! आलेख : राजेंद्र शर्मा ”राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे”…
क्या भारत का लोकतंत्र अब ‘नियंत्रित लोकतंत्र’ में बदल गया है? (आलेख : कृष्ण प्रताप सिंह)अंदेशे तो पहले से जताए जा रहे थे, लेकिन अब देश…
(व्यंग्य : मज़्कूर आलम) देश में ऐसे ऐतिहासिक क्षण बार-बार नहीं आते, जब लाल किले के प्राचीर से…
1976 तक तो लोकसभा, राज्यसभा और राज्यों की विधानसभाओं की सीटों की संख्या इस तरह तय की जाती रही ताकि आबादी के प्रतिनिधित्व का समान अनुपात…
अटल हिन्द - राष्ट्रीय हिंदी दैनिक
राजकुमार अग्रवाल (मुख्य संपादक)
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