उनका कहना है कि वाराणसी एयरपोर्ट की लाउंज में उनकी मुलाकात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा “राष्ट्रीय मुस्लिम मंच” के इंद्रेश कुमार से हुई।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अनुसार इंद्रेश कुमार ने उनसे कहा कि उन्होंने 10 लाख हिन्दू लड़कियों की शादी मुस्लिम लड़कों से करा दिया… !
शंकराचार्य के अनुसार उन्होंने पूछा कि ऐसा क्यों किया ? तो इंद्रेश कुमार ने कहा कि ये हिन्दू लड़कियां मुसलमानों के घर जाकर उनके संस्कार और संस्कृति को बदल देंगी… !
यह हैरान करने वाला दावा है, राष्ट्रीय मुस्लिम मंच से जुड़े मुस्लिम लोगों की पत्नियों की जांच होनी चाहिए…
क्या इसी लालच में फ़ैज़ खान जैसे लोग राष्ट्रीय मुस्लिम मंच से जुड़ रहे हैं ? इसकी भी जांच होनी चाहिए…!
यह तो थोक भाव में लव जिहाद हैं…
चित्र में अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ इंद्रेश कुमार और सूफ़ी गायक आरक्षित हंस राज़ हंस, जो अंध भक्त होकर महा वज्र पार्टी में शामिल हो गया था.
अयोध्या/29 मार्च/अटल हिन्द
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यूपी के अयोध्या में आज कल अलग ही विवाद बना हुआ है. जहां स्वामी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने हाल ही में आरएसएस के प्रचारक इंद्रेश कुमार पर कई बड़े आरोप लगाए थे. उन्होंने हिंदू लड़कियों की मुस्लिम युवकों से शादी करवाए जाने का दावा किया था. अब इस पर संघ प्रचारक ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि ये पूरा मामला पुराना है. खुद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयान में आंकड़ों को लेकर भ्रम की स्थिति थी. उन्होंने खुद ही पहले 10 हजार और फिर 10 लाख शादियों का दावा किया, जो अपने आप में कई सवाल खड़े करता है.
शंकराचार्य ने कहा है कि आजतक कोई इतिहास नहीं रहा, जिसमें किसी लड़की ने ससुराल जाकर ससुराल को बदल दिया है. उसको ससुराल के हिसाब से ढलना पड़ता है. बाहर नाटक करते हैं लव जिहाद का, पार्क में लड़का लड़की बैठे होंगे, तो डंडा फटकार करेंगे. यहां खुद ही 10 लाख लड़कियों का विवाह मुस्लिम मंच से करवा चुके.
यह है मामला
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने हाल ही में संघ प्रचारक इंद्रेश कुमार को लेकर एक बड़ा बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि पिछले दिनों एयरपोर्ट पर इंद्रेश कुमार से मुलाकात हुई थी. इस दौरान उन्होंने कहा था कि मुस्लिम मंच के माध्यम से 10 लाख हिंदू लड़कियों का विवाह मुस्लिम घरो में करा दिया है. हमने कहा दस हजार तो उन्होंने कहा नहीं दस लाख. जब पूछा ऐसा क्यों किया तो उन्होंने कहा कि हमारा नियम है कि उनके यहां जाकर उन्हें बदल दो.
अविमुक्तेश्वरानंद का विवादित बयानों से पुराना रिश्ता
परमहंसाचार्य ने यह भी कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयान पहले भी विवादों में रहे हैं. योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राम मंदिर जैसे मुद्दों पर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं, जिससे लोगों की भावनाएं आहत होती हैं. इस पूरे विवाद को साजिशपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि यह हिंदू समाज और संघ के प्रति विश्वास को कमजोर करने की कोशिश है.

===इंद्रेश कुमार की बदतजुबानी ===
इंद्रेश कुमार ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इसको संज्ञान में लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें नोटिस भेजा है.आरएसएस प्रचारक कांग्रेस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को बेस्ट मेंटल केस आफ पॉलिटिक्स बताया था. चुनाव आयोग ने उनके इस बयान को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना है. आयोग ने कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग देखने के बाद उस बयान को लेकर उन्हें नोटिस थमा दिया. नोटिस का जवाब देने के लिए उनको 3 दिन का समय दिया गया है. सिटी मजिस्ट्रेट गजेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि आरएसएस प्रचारक इंद्रेश कुमार ने कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. अपर जिलाधिकारी ने कार्यक्रम की वीडियो देखने के बाद उनकी टिप्पणी पर उनसे जवाब मांगा है. सिटी मजिस्ट्रेट के मुताबिक इंद्रेश कुमार के जवाब के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
बयान पूरी तरह झूठा और भ्रामक-इंद्रेश कुमार
आरएसएस प्रचारक इंद्रेश कुमार ने इन आरोपों का पूरी तरह से खंडन करते हुए इन्हें असत्य, भ्रामक और अपमानजनक बताया है. उन्होंने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि संतों और संन्यासियों की परंपरा देश के लिए श्रद्धा का विषय है और संघ सभी संतों का हृदय से सम्मान करता है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछा कि अगर मामला इतना गंभीर था, तो इतने सालों तक इस पर चुप्पी क्यों साधी गई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा विवादों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं. साथ ही खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के जरिए एक भी ऐसी शादी का ठोस उदाहरण सामने लाया जाता है, तो दावे पर विचार किया जा सकता है. अन्यथा यह बयान पूरी तरह झूठा और भ्रामक है.
इंद्रेश कुमार के बारे में प्रमुख विवरण:
पृष्ठभूमि: इंद्रेश कुमार का जन्म 18 फरवरी 1949 को पंजाब के समाना में हुआ था। उन्होंने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक (बी.टेक) की पढ़ाई की।
आरएसएस से जुड़ाव: 16 जुलाई 1970 को, उन्होंने इंजीनियरिंग करियर के बजाय आरएसएस के पूर्णकालिक प्रचारक के रूप में कार्य करना शुरू किया।
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (MRM): उन्होंने मुसलमानों को RSS की विचारधारा से जोड़ने के लिए 24 दिसंबर 2002 को मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का गठन किया।
प्रमुख गतिविधियां:
जम्मू-कश्मीर: उन्होंने कश्मीर में आतंक को रोकने के लिए विभिन्न धर्म यात्राएं और गांव-स्तरीय समितियों का गठन किया।
विचारक: वे सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विभिन्न संगठनों से जुड़े हुए हैं।
इफ्तार पार्टी: वे विभिन्न इफ्तार पार्टियों में शामिल होकर भाईचारे का संदेश देते रहे हैं।
विवाद और जांच: जांच एजेंसियों (जैसे CBI और NIA) ने उन पर 2006-2008 के मालेगांव, समझौता एक्सप्रेस और मक्का मस्जिद विस्फोटों के मामलों में जांच की थी, लेकिन उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला था।


