लिबरल डेमोक्रेसी इंडेक्स में पांच स्थान फिसला: वी-डेम रिपोर्ट
नई दिल्ली/18 मार्च/अटल हिन्द ब्यूरो
रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के औसत आम नागरिक के लिए लोकतंत्र का स्तर 1978 के स्तर पर वापस पहुंच गया है. 1974 में पुर्तगाल से शुरू हुई ‘लोकतंत्रीकरण की तीसरी लहर’ से जो प्रगति हुई थी, वह लगभग समाप्त हो चुकी है.पिछले 50 वर्षों में पहली बार अमेरिका अब ‘लिबरल डेमोक्रेसी’ (उदार लोकतंत्र) नहीं रहा. रिपोर्ट के अनुसार, अब दुनिया की 74% आबादी तानाशाह शासन के अधीन रहती है.रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंक 1976 के स्तर पर वापस आ गए हैं. दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश होने के कारण भारत इस गिरावट में बड़ी भूमिका निभा रहा है.हालांकि, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान में तानाशाही की ओर झुकाव भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है. यह रिपोर्ट बांग्लादेश में हुए चुनावों से पहले प्रकाशित की गई थी, जिसमें इस वर्ष तारिक रहमान प्रधानमंत्री चुने गए.
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का तानाशाही की ओर बढ़ना (‘2009 से’) लोकतांत्रिक संस्थाओं को धीरे-धीरे, लेकिन सुनियोजित तरीके से खत्म करना है.रिपोर्ट में कहा गया है, ‘सत्तारूढ़ बहुलतावाद-विरोधी, हिंदू-राष्ट्रवादी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लोकतंत्र को कमजोर करने के उदाहरणों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मीडिया की स्वतंत्रता में गिरावट, सरकार की आलोचना करने वाले पत्रकारों का उत्पीड़न, तथा नागरिक समाज और विपक्ष पर हमले शामिल हैं.’रिपोर्ट के उस हिस्से में भी भारत का उल्लेख है, जिसमें कहा गया है कि 22 देशों में प्रिंट और ब्रॉडकास्ट मीडिया के अलग-अलग नजरिए खत्म होते जा रहे हैं, और 21 देशों में सरकार के निर्णयों और कार्यों की आलोचनात्मक समीक्षा खत्म होती जा रही है. अमेरिका भी इन देशों में शामिल है.
रिपोर्ट के अनुसार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सबसे अधिक प्रभावित हुई है- 2025 में 44 देशों में इसमें गिरावट दर्ज की गई. मीडिया सेंसरशिप निरंकुशता की ओर बढ़ रही सरकारों का सबसे आम हथियार बना हुआ है, जिसमें 32 देश (73%) इसका उपयोग कर रहे हैं.भारत उन देशों में भी शामिल है, जहां संसद द्वारा सरकार के अवैध कार्यों की जांच की प्रभावशीलता कमजोर हो रही है.अमेरिका और भारत उन देशों में भी शामिल हैं, जहां सक्रिय नागरिक समाज का स्तर घट रहा है और महत्वपूर्ण निर्णयों से पहले परामर्श की प्रक्रिया सीमित हो रही है.रिपोर्ट में 2025 में 10 नए ऐसे देशों की पहचान की गई है जो तानाशाही की ओर बढ़ रहे हैं और इनमें यूनाइटेड किंगडम भी शामिल है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नागरिक समाज पर होने वाला दमन तेज़ी से बढ़ा है, और अब इसका असर तानाशाही की ओर बढ़ रहे 30 देशों पर पड़ रहा है.


