हरियाणा में सत्ता की मलाई खाने वाले दो दोस्त आमने -सामने ,एक खुद दूसरे ने पुलिस को किया आगे
दिग्विजय चौटालाचौटाला समेत कई पर FIR, 6 हिरासत में
हिसार /17 अप्रैल /अटल हिन्द /राजकुमार अग्रवाल
हरियाणा की राजनीति की बागडोर सबको चाहिए वह सत्ता सुख जो जनता के अधिकारों को कुचल सके जी हाँ ऐसा ही ऐसा ही सत्ता पाने और पाने का विवाद उन दो दोस्तों के बीच शुरू हो गया जिन्होंने पहले तो मिलकर हरियाणा की सत्ता में मलाई खाई ,किसान आंदोलन में किसानो को आंतकवादी और उग्रवादी होने ही उपाधि दी ,लॉकडाऊन में निहथे नागरिकों को मरने के लिए खुला छोड़ दिया और पुलिस का अत्याचार आम जनता पर करवाया आज वही दोस्त इस लड़ाई का विषय बदल आमने सामने खड़े हो गए। हरियाणा के इस राजनीतिक विवाद की गूंज दिल्ली तक पहुँच गई क्योंकि बीते वर्षों में सत्ता की मलाई मिलकर खाने वाले इन राजनेताओं में से एक खुद तो दूसरे धड़े ने पुलिस को सामने खड़ा कर दिया। इस विवाद के चलते एक बात तो साफ़ हो गई की भारत में चाहे केंद्र सरकार हो या भारत के किसी भी राज्य की सरकार उसे जनता द्वारा चुने गए नेता नहीं वहां की पुलिस चलाती है ?
जिसका ताजा उदाहरण गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) में हुए बवाल के बाद मामला अब पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है. पुलिस ने जेजेपी के युवा अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला समेत कई कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है और पुलिस ने तरुण गोयल, जितेंद्र श्योरान, रवि आहूजा, बिजेंद्र धानक, दीपक घनघस और जितेंद्र को हिरासत में लिया है . वहीं, जेजेपी नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं और इसे राजनीतिक दबाव बताया है.
पुलिस पर लगा दुष्यंत के हत्या प्रयास का आरोप
हिसार में आज एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। यहां हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला की गाड़ी के आगे कथित तौर पर पुलिस की गाड़ी लगाकर उसे रोकने और हथियार दिखाने के आरोप लगे हैं। इस मामले में दुष्यंत चौटाला ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत भी दी है।
दुष्यंत के भाई व युवा जजपा नेता दिग्विजय चौटाला ने आरोप लगाया कि पुलिस या पुलिस के भेष में किसी व्यक्ति ने दुष्यंत की हत्या करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि बिना सरकार और हिसार के पुलिस अधीक्षक की जानकारी के यह संभव नहीं हो सकता। चौटाला ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा।
इस घटना का एक वीडियो
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया कि हरियाणा में बीजेपी गुंडागर्दी के दम पर शासन कर रही है और वह इस “गुंडाराज” को नहीं चलने देंगे।
बताया जा रहा है कि दुष्यंत चौटाला हिसार की
गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय में हुए हंगामे और उसके बाद दिग्विजय चौटाला सहित अन्य जजपा व इनसो नेताओं पर दर्ज मामलों के सिलसिले में हिसार आए थे। पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके विरोध में दुष्यंत, दिग्विजय और अन्य नेता सिटी थाना पहुंचे थे, जहां पुलिस ने गिरफ्तारी से इनकार कर दिया। इसके बाद वे सभी जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में गिरफ्तारी देने के लिए रवाना हो गए।
इसी दौरान सब्जी मंडी पुल के पास दुष्यंत के काफिले की एस्कॉर्ट गाड़ी को एक पुलिस की बत्ती लगी गाड़ी ने आगे लगाकर रोक लिया। आरोप है कि उसमें से एक व्यक्ति बाहर निकला, जिसके हाथ में रिवाल्वर थी। वह एस्कॉर्ट गाड़ी के सामने आकर बहस करने लगा। इसी बीच दुष्यंत चौटाला अपनी गाड़ी से उतरकर उसके पीछे दौड़े। बताया जा रहा है कि जब वह गाड़ी आगे बढ़ी तो दुष्यंत उसके साथ लटक गए। मौके पर भीड़ जुटने के बाद वह गाड़ी वहां से निकल गई।
इसके बाद
दुष्यंत चौटाला और अन्य नेता पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन से मिलने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि लिखित शिकायत और वीडियो साक्ष्य मिलने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
एसपी से मुलाकात के बाद
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा में “जंगलराज” जैसी स्थिति है और यदि पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो प्रदेशभर से जजपा नेता और कार्यकर्ता हिसार में जुटेंगे।
वहीं दिग्विजय चौटाला ने कहा कि यह घटना सरकार के इशारे पर हुई है और यह दुष्यंत की हत्या का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति, जिसे सीआईए का अधिकारी बताया जा रहा है, ने दुष्यंत को हथियार दिखाया और गाड़ी से कुचलने की कोशिश भी की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन करेगी
इस मामले में पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। कुल मिलाकर, इस पूरे घटनाक्रम ने हिसार की राजनीति का रुख ही बदल दिया है। अब जहां पहले गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय में हुए हंगामे और उससे जुड़े मामलों पर चर्चा केंद्रित थी, वहीं अब पूरा ध्यान दुष्यंत चौटाला के साथ हुए इस कथित घटनाक्रम पर आ गया है। राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता तक, हर जगह इसी मामले की चर्चा हो रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि फिलहाल जीजेयू विवाद बैकफुट पर चला गया है और आने वाले दिनों में इस नए घटनाक्रम के आधार पर ही प्रदेश की राजनीति में आगे की दिशा तय हो सकती है।
हिसार पुलिस ने इस मामले में विभिन्न धाराओं के तहत
मुकदमा दर्ज किया है. जिन धाराओं में केस दर्ज हुआ है, उनमें आपराधिक अतिचार, दंगा भड़काना, सरकारी संपत्ति को नुकसान और सरकारी काम में बाधा डालना शामिल है. . पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज और तकनीकी सबूतों के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है. पुलिस अधीक्षक ने साफ कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.
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