प्रताप पब्लिक स्कूल में खाना दवा के रूप में विषय पर लघु नाटिका का मंचन
जंक फूड के अत्यधिक सेवन से सेहत पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को दर्शाया
तरावड़ी/24 मई /रोहित लामसर
प्रताप पब्लिक स्कूल तरावड़ी में विद्यार्थियों द्वारा खाना दवा के रूप में विषय पर एक प्रभावशाली एवं संदेशप्रद लघु नाटिका का मंचन किया गया। यह नाटिका एक टीनएज लड़की की वास्तविक घटना से प्रेरित था, जिसमें जंक फूड के अत्यधिक सेवन से उसकी सेहत पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को दर्शाया गया।
नाटिका के माध्यम से छात्रों ने दिखाया कि कैसे आधुनिक जीवनशैली में बच्चे स्वाद के चक्कर में पौष्टिक आहार को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसके कारण उनका स्वास्थ्य धीरे-धीरे बिगड़ता जाता है। कहानी में लड़की की बिगड़ती हालत, अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति और उसके परिवार की चिंता को बड़े ही मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया। अंतिम दृश्य में डॉक्टर्स द्वारा विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवन के लिए प्रेरित करते हुए संतुलित एवं पौष्टिक भोजन के महत्व को समझाया गया।
उन्होंने बताया कि असली स्वास्थ्य किचन से शुरू होता है और हमें जंक फूड से दूर रहकर हरी सब्जियां, फल, दालें एवं घर का बना खाना अपनाना चाहिए। इस संदेश ने सभी दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। विद्यालय के चेयरमैन हनी चौधरी व निर्देशिका पिथी चौधरी ने विद्यार्थियों के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि बच्चों को प्रारंभ से ही सही खान-पान की आदतें सिखाना आवश्यक है, ताकि वे भविष्य में स्वस्थ और सशक्त नागरिक बन सकें।
आज के समय में स्वस्थ खान-पान को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। बच्चों द्वारा प्रस्तुत यह नाटिका न केवल मनोरंजक थी, बल्कि जीवन के लिए एक महत्वपूर्ण सीख भी प्रदान करती है। विद्यालय के प्रधानाचार्य विकास उतरेजा ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों में जागरूकता लाने के साथ-साथ उन्हें सही जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित करती हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है। इस लघु नाटिका ने सभी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि यदि हम अपने भोजन को ही दवा के रूप में अपनाएं, तो हम अनेक बीमारियों से बच सकते है और एक स्वस्थ जीवन जी सकते है।
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