झज्जर डबल मर्डर केस: यूपी के निकले दोनों मृतक, डिजिटल मीडिया की खबर से हुई शिनाख्त; हत्या की गुत्थी अब भी अनसुलझी
झज्जर /07 जुलाई 2026/ अटल हिन्द ब्यूरो
हरियाणा के झज्जर जिले में गुरुग्राम रोड पर स्थित वीरेंद्र सहवाग इंटरनेशनल स्कूल के पास मिले दो शवों के मामले में मृतकों की पहचान हो गई है। मारे गए दोनों युवकों के नाम कामिल और इरशाद हैं, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के रहने वाले थे। हालांकि, इस दोहरे हत्याकांड की गुत्थी अभी भी उलझी हुई है। पुलिस इस अंधे कत्ल को सुलझाने के लिए आर्थिक लेन-देन, प्रॉपर्टी विवाद और पुरानी रंजिश समेत कई अहम पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है।
डिजिटल मीडिया की खबर से परिजनों तक पहुंची जानकारी इस खौफनाक वारदात के बाद मृतकों की पहचान करना पुलिस के लिए एक चुनौती था, लेकिन डिजिटल मीडिया पर प्रकाशित एक खबर ने इसमें अहम भूमिका निभाई। खबर में जब परिजनों ने ‘सहवाग स्कूल’ की लोकेशन के पास शव मिलने की बात पढ़ी, तो मुजफ्फरनगर के जोला गांव से वे तुरंत झज्जर पहुंचे। यहां के सरकारी अस्पताल में पहुंचकर उन्होंने दोनों शवों की शिनाख्त कामिल और इरशाद के रूप में की।
मालिक और कर्मचारी से बढ़कर था दोनों का रिश्ता परिजनों के अनुसार, कामिल राजस्थान के नीमराना में एक पीजी (पेयिंग गेस्ट) हॉस्टल चलाता था। वहीं, इरशाद उसके पास पिछले करीब 20 सालों से मुंशी (क्लर्क) के तौर पर काम कर रहा था। दोनों के बीच सिर्फ मालिक और कर्मचारी का रिश्ता नहीं था, बल्कि वे एक परिवार की तरह रहते थे। लंबे समय से दोनों हर कामकाज एक साथ मिलकर ही संभालते थे।
रविवार को हुई थी आखिरी बार बात जानकारी के मुताबिक, कामिल और इरशाद सिर्फ दो दिन पहले ही गांव जोला से अपनी काली स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार होकर नीमराना के लिए निकले थे। रविवार को परिवार वालों की दोनों से फोन पर बिल्कुल सामान्य बातचीत हुई थी। तब सब कुछ ठीक था और किसी को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि चंद घंटों बाद ही उनके साथ इतनी बड़ी वारदात हो जाएगी।
फिलहाल झज्जर पुलिस हत्यारों की तलाश में जुट गई है और मृतकों के कॉल रिकॉर्ड्स व उनकी यात्रा के रूट (काली स्कॉर्पियो की लोकेशन) को खंगाल रही है ताकि कातिलों तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।

